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Delhi Liquor Policy Case: क्या विधानसभा चुनाव से पहले फिर जेल जाएंगे Arvind Kejriwal? LG ने दी इस आरोप में केस चलाने की मंजूरी

Delhi Liquor Policy Case: दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने ED को पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के खिलाफ भ्रष्टाचार का मुकदमा चलाने की मंजूरी दे दी है. यह मुकदमा दिल्ली शराब नीति मामले से जुड़ा हुआ है, जिससे जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में केजरीवाल पहले ही जेल में रह चुके हैं.

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Delhi Liquor Policy Case: क्या विधानसभा चुनाव से पहले फिर जेल जाएंगे Arvind Kejriwal? LG ने दी इस आरोप में केस चलाने की मंजूरी
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Delhi Liquor Policy Case: दिल्ली में विधानसभा चुनाव (Delhi Assembly Elections 2025) से पहले पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को एक बार फिर जेल भेजने की तैयारी शुरू हो गई है. दिल्ली के उपराज्यपाल (Delhi LG) वीके सक्सेना ने शनिवार को केजरीवाल के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ED) को भ्रष्टाचार का मुकदमा चलाने की मंजूरी दे दी है. यह मुकदमा उसी दिल्ली शराब नीति मामले (Delhi Excise Policy Case) से जुड़ा हुआ है, जिसमें आम आदमी पार्टी (AAP) के संयोजक केजरीवाल को पहले भी तिहाड़ जेल में रहना पड़ा है. हालांकि एलजी के इस फैसले के बाद AAP ने तीखा रुख दिखाया है और उनसे इस मंजूरी का दस्तावेजी सबूत मांगा है.

दोनों पार्टियां करेंगी एक-दूसरे खिलाफ इस्तेमाल
केजरीवाल को यदि विधानसभा चुनाव से पहले एक बार फिर जेल जाना पड़ता है तो इसे BJP और AAP, दोनों ही अपने हिसाब से इस्तेमाल करेंगी. एकतरफ भाजपा इसके जरिये केजरीवाल की 'स्वच्छ राजनेता' वाली छवि पर सवाल दागेगी, वहीं कांग्रेस भी उन्हें घेरने की कोशिश करेगी. केजरीवाल ने 12 साल पहले भ्रष्टाचार खत्म करने के मुद्दे पर ही आप का गठन करके दिल्ली की जनता को नया विकल्प दिया था. ऐसे में उनकी इस छवि को भ्रष्टाचार के मुकदमे (Arvind Kejriwal Corruption Case) से करारा धक्का पहुंचेगा. इसके उलट आप केजरीवाल को जेल भेजे जाने की स्थिति में इसे चुनावी सहानुभूति के लिए भुनाने की कोशिश करेगी. आप नेताओं की योजना इसके जरिये जनता को यह विश्वास दिलाना है कि इसके जरिये उसे सत्ता से बाहर करके भाजपा दिल्ली के लोगों से बिजली-पानी जैसी सब्सिडी को छीनना चाहती है.

आप ने दी है एलजी के कदम पर तीखी प्रतिक्रिया
एलजी वीके सक्सेना की तरफ से केजरीवाल के खिलाफ मुकदमा चलाने की अनुमति देने पर आप ने तीखी प्रतिक्रिया दी है. खुद दिल्ली शराब नीति केस में आरोपी पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा,'एलजी ने जो अनुमति दी है, उसकी कॉपी कहां है? यह महज एक अफवाह है.' अन्य आप नेताओं ने भी कहा कि भाजपा घबराई हुई है और अपने विरोधियों की आवाज दबाने के लिए जांच एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है.

कांग्रेस भी बनाएगी केजरीवाल के खिलाफ इसे बड़ा मुद्दा
भले ही केजरीवाल के खिलाफ शराब नीति घोटाले को लेकर सबसे ज्यादा शोर भाजपा ने मचाया है, लेकिन कांग्रेस भी इस मौके का लाभ उठाने से नहीं चूकेगी. खासतौर पर पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के बेटे संदीप दीक्षित इस मुद्दे पर केजरीवाल को घेरेंगे. संदीप ने एलजी के मंजूरी देने की खबर पर कहा,'यह पहले ही होना चाहिए था, क्योंकि केजरीवाल के खिलाफ पर्याप्त सबूत हैं.' बता दें कि दिल्ली शराब नीति में घोटाले का मुद्दा सबसे पहले कांग्रेस ने ही उठाया था.

सप्लीमेंट्री चार्जशीट में केजरीवाल को बताया गया है मुख्य साजिशकर्ता
दिल्ली सरकार की साल 2021-22 की आबकारी नीति में घोटाले का आरोप है. आरोप है कि इससे कुछ खास कंपनियों और लोगों को फायदा पहुंचाकर आप नेताओं ने बदले में पैसा लिया है. इसी पैसे से गोवा-गुजरात में विधानसभा चुनाव लड़ने का भी आरोप है. इस घोटाले की जांच सीबीआई कर रही है, जबकि इसे अमल में लाने में हुए भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग को लेकर ED ने भी PMLA के तहत जांच शुरू कर रखी है. 55 वर्षीय अरविंद केजरीवाल को सबसे पहले ED ने ही गिरफ्तार किया था, जिसके चलते उन्हें मुख्यमंत्री पद छोड़ना पड़ा है. ईडी ने इस मामले में एक सप्लीमेंट्री चार्जशीट भी दाखिल की है, जिसमें केजरीवाल और आम आदमी पार्टी को आरोपी बनाया गया है. इसमें केजरीवाल को पूरे घोटाले का मुख्य साजिशकर्ता और सरगना बताया गया है. करीब 209 पेज की सप्लीमेंट्री चार्जशीट में दावा किया गया है कि इस घोटाले से मिले पैसों का एक हिस्सा सीधे तौर पर केजरीवाल ने अपने निजी इस्तेमाल में खर्च किया है.

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