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Delhi Electricity Subsidy: दिल्लीवालों को कितनी मिलती है बिजली सब्सिडी, यहां समझें पूरा जोड़ भाग

Delhi free electricity का लाभ बंद होने पर राजधानी के 47 लाख से ज्यादा घरों का बिजली बिल बढ़ जाएगा. सबसे ज्यादा प्रभाव 30 लाख घरों पर होगा.

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Delhi Electricity Subsidy: दिल्लीवालों को कितनी मिलती है बिजली सब्सिडी, यहां समझें पूरा जोड़ भाग

Delhi Electricity Bill

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डीएनए हिंदी: Delhi News- दिल्ली में बिजली सब्सिडी फिर से चर्चा में आ गई है. दिल्ली की आम आदमी पार्टी (Aam Aadmi Party) सरकार ने अपनी सबसे कोर पॉपुलर स्कीम यानी बिजली सब्सिडी को जारी रखने से हाथ खड़े कर दिए हैं. अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) की सरकार ने इसका ठीकरा दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना पर फोड़ा है. सरकार का आरोप है कि उन्होंने सब्सिडी स्कीम को अगले साल 31 मार्च तक बढ़ा दिया है, लेकिन LG ने इसे मंजूरी नहीं दी है. इसके चलते वह सब्सिडी नहीं दे पाएगी. हालांकि LG वीके सक्सेना ने भी केजरीवाल सरकार पर सब्सिडी की आड़ में घोटाला करने का आरोप लगाया है. हालांकि इतना तय हो गया है कि दिल्ली सरकार और उपराज्यपाल के बीच की इस लड़ाई का असर आम उपभोक्ता के बिजली बिल पर पड़ने जा रहा है. सब्सिडी बंद होने पर हर कस्टमर के बिल में सीधे 600 रुपये बढ़ जाएंगे. आइए जानते हैं कि क्या है दिल्ली सरकार की सब्सिडी स्कीम और यदि यह बंद होती है तो आपका बिल कैसे और कितना प्रभावित होगा.

पढ़ें- Delhi free electricity: दिल्ली में अब नहीं मिलेगी मुफ्त बिजली, जानें अचानक केजरीवाल सरकार ने क्यों उठाया ये कदम

पहले जान लें दिल्ली में बिजली सप्लाई सिस्टम

दिल्ली में बिजली सप्लाई की जिम्मेदारी दो कंपनियों TPDDL (टाटा पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन लिमिटेड) और BSES (BSES राजधानी पॉवर लिमिटेड और BSES यमुना पॉवर लिमिटेड) की है. इनसे होने वाली बिजली सप्लाई के रेगुलेशन और टैरिफ रेट तय करने का काम सरकारी एजेंसी DERC (दिल्ली इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन) का है. 

आप सरकार लाई थी ये सब्सिडी स्कीम

दिल्ली में साल 2019 में आम आदमी पार्टी (AAP) की दोबारा सरकार बनने के बाद आम उपभोक्ता को बिजली बिल में सब्सिडी का तोहफा दिया गया था. इस स्कीम में निम्न तरीके से सब्सिडी दी गई थी.

  • 200 यूनिट से कम बिजली खर्च होने पर 100% बिजली बिल माफ हो जाता है यानी उन्हें कोई पैसा नहीं देना पड़ता.
  • 200 यूनिट से ज्यादा बिजली खर्च होने पर बिल में हर यूनिट का पैसा देना पड़ता है. उसमें 200 यूनिट की माफी नहीं है.
  • 400 यूनिट तक बिजली खर्च करने वाले उपभोक्ता को बिल का 50% पैसा ही चुकाना पड़ता है. यह छूट अधिकतम 800 रुपये है.

यह है फिलहाल दिल्ली में 200+ यूनिट पर बिजली टैरिफ

  • 200 यूनिट तक 3 रुपये प्रति यूनिट चार्ज
  • 201 से 400 यूनिट तक 4.5 रुपये प्रति यूनिट चार्ज
  • 401 से 800 यूनिट तक 6.5 रुपये प्रति यूनिट चार्ज
  • 801 से 1200 यूनिट तक 7 रुपये प्रति यूनिट चार्ज
  • 1200 से ज्यादा यूनिट पर 8 रुपये प्रति यूनिट चार्ज

सब्सिडी हटी तो ऐसे आएगा आपका बिल

  • 200 यूनिट तक बिजली खर्च करने वाले को 600 रुपये+जीएसटी चुकाने होंगे.
  • 400 यूनिट तक बिजली खर्च पर 1500 रुपये+जीएसटी का बिल देना पड़ेगा.
  • 800 यूनिट तक बिजली खर्च करने पर 4,100 रुपये+जीएसटी का बिल आएगा.
  • 1200 यूनिट तक बिजली खर्च पर 8,400 रुपये+जीएसटी चुकाना होगा.

47 लाख से ज्यादा घर होंगे प्रभावित

  • 56 लाख घरेलू बिजली उपभोक्ता राष्ट्रीय राजधानी में बिजली सब्सिडी लेने के दायरे में हैं.
  • 47 लाख से ज्यादा उपभोक्ताओं ने ही बिजली सब्सिडी का लाभ ले रखा है.
  • 30 लाख उपभोक्ता ऐसे हैं, जिनका बिजली बिल सब्सिडी के कारण 0 आता है.
  • 17 लाख उपभोक्ताओं को बिजली बिल में 50% छूट (800 रुपये अधिकतम) का लाभ मिलता है.

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