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सफाईकर्मियों के साथ झाड़ू लगाई, खाना खाया और फिर Yogi Adityanath ने बढ़ाया वेतन, जानें कैसे सधेंगे बड़े समीकरण

Uttar Pradesh Sanitation Employees Salary Hike: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने Prayagraj Mahakumbh 2025 में तैनात सफाईकर्मियों का वेतन 11 हजार रुपये से बढ़ाकर 16 हजार रुपये करने का ऐलान किया है. साथ ही उन्हें आयुष्मान भारत योजना का भी लाभ दिया जाएगा.

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सफाईकर्मियों के साथ झाड़ू लगाई, खाना खाया और फिर Yogi Adityanath ने बढ़ाया वेतन, जानें कैसे सधेंगे बड़े समीकरण

प्रयागराज महाकुंभ में पहुंचे Yogi Adityanath ने सफाईकर्मियों के साथ खाना खाया. (फोटो- PTI)

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Uttar Pradesh Sanitation Employees Salary Hike: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में चल रहे महाकुंभ (Prayagraj Mahakumbh 2025) का समापन हो गया है. समापन के एक दिन बाद गुरुवार (27 फरवरी) को प्रयागराज पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने उन लोगों का अनूठे अंदाज में शुक्रिया अदा किया, जिन्हें महाकुंभ के आयोजन की सबसे बड़ी 'रीढ़' माना गया है. योगी ने महाकुंभ के दौरान रात-दिन एक करते हुए सफाई व्यवस्था बनाए रखने वाले सफाई कर्मचारियों के साथ पहले खुद झाड़ू लगाई. इसके बाद उन्होंने इन कर्मचारियों के साथ ही जमीन पर बैठकर खाना खाया. खाना खाने के बाद योगी ने इन कर्मचारियों को होली (Holi) से पहले ही तोहफा दे दिया. योगी आदित्यनाथ ने महाकुंभ में तैनात स्वच्छताकर्मियों को बोनस देने के साथ ही उनके वेतन में भी बड़ी बढ़ोतरी करने का ऐलान किया है. साथ ही यह भी कहा है कि सफाईकर्मियों को भी आयुष्मान भारत योजना के दायरे में लाकर उन्हें 5 लाख रुपये जन आरोग्य बीमा का लाभ दिया जाएगा. साथ ही महाकुंभ में जुटे नाव चालकों को भी आयुष्मान भारत योजना का लाभ देने के साथ ही नई नाव खरीदने के लिए आर्थिक मदद देना का ऐलान किया गया है. भले ही योगी आदित्यनाथ ने ये सारे काम महज प्रयागराज महाकुंभ में लगे कर्मचारियों के लिए किए हैं, लेकिन इसके जरिये उन्होंने ऐसे समीकरण साध लिए हैं, जिनका असर पूरे उत्तर प्रदेश में महसूस होगा.

महाकुंभ में तैनात सफाई कर्मियों को मिलेंगी ये सुविधाएं

  • महाकुंभ मेले में सफाई व्यवस्था बनाए रखने के लिए 15,000 सफाई कर्मियों की तैनाती की गई थी. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इन कर्मचारियों के लिए निम्न घोषणाएं की हैं-
  • इन सफाईकर्मियों को राज्य सरकार की तरफ से 10,000 रुपये का बोनस दिया जाएगा.
  • सफाईकर्मियों का 8 से 11 हजार रुपये का मासिक वेतन अप्रैल से बढ़ाकर 16,000 रुपये किया जाएगा.
  • अप्रैल में प्रदेश में सफाई कर्मचारियों के लिए निगम गठित करके अस्थाई कर्मचारियों के भी बैंक खाते में रुपये भेजे जाएंगे.
  • महाकुंभ में कार्यरत सभी सफाईकर्मियों को 5 लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज का लाभ दिया जाएगा.
  • सभी कर्मचारियों को आयुष्मान भारत योजना के दायरे में लाकर जन आरोग्य बीमा सुविधा से जोड़ा जाएगा.
  • सरकार नाव चालकों का भी पंजीकरण करके 5 लाख रुपये का बीमा देगी. साथ ही नाव खरीदने को आर्थिक मदद देगी.

कैसे सधेंगे इस एक फैसले से यूपी में कई समीकरण?
योगी आदित्यनाथ ने भले ही केवल महाकुंभ में तैनात सफाईकर्मियों के लिए घोषणाएं की हैं, लेकिन इसका असर पूरे उत्तर प्रदेश में देखने को मिलेगा. इसके चलते भाजपा कई समीकरण साधने में सफल हो जाएगी. दरअसल यूपी में लंबे समय सफाईकर्मी वेतन बढ़ाने की मांग कर रहे हैं. अब प्रयागराज में वेतन बढ़ोतरी के बाद माना जा रहा है कि जल्द ही प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी सफाईकर्मियों का वेतन बढ़ाया जाएगा. सफाईकर्मियों की संख्या लगभग हर बड़े शहर में 2 से 4 हजार के बीच में है, जिनकी पहुंच सीधे जनमानस तक है. ऐसे में उनका वेतन बढ़ने का असर पूरे प्रदेश में समाज के निचले हिस्से यानी दलित और महादलित वोटर्स तक दिखाई देगा. 

मायावती से खिसक रहे दलित वोटबैंक में बढ़ेगी भाजपा की पैठ
करीब 24 करोड़ की आबादी वाले उत्तर प्रदेश में दलित और महादलित आबादी के करीब 21 फीसदी वोटर्स हैं, जो चुनाव परिणाम बदलने वाला एक बड़ा आंकड़ा है. ये वो वोटर्स हैं, जो पहले सीधे मायावती की बसपा का वोटबैंक माने जाते थे. पिछले कुछ चुनाव के दौरान यह वोटर बसपा से छिटककर भाजपा की तरफ खिसकता दिखा है. हालांकि सपा ने भी PDA (पिछड़ा दलित और अल्पसंख्यक) समीकरण के जरिये इनके बीच घुसपैठ की कोशिश की है, लेकिन यह कोशिश अभी तक पूरी तरह सफल नहीं हो सकी है. अब योगी आदित्यनाथ की सरकार के इस कदम से दलित-महादलित वोटर्स सपा के बजाय और ज्यादा भाजपा के करीब आ सकता है.

300 विधानसभा और 40 लोकसभा सीटों पर प्रभावी हैं यूपी में दलित वोटर्स
यूपी में दलित और महादलित वोटर्स के प्रभाव की बात करें तो आंकड़ा चौंकाने वाला है. विधानसभा की 300 सीट ऐसी हैं, जहां दलित-महादलित वोटर्स निर्णायक साबित होते हैं. इसी तरह 80 में से भले ही 17 लोकसभा सीट ही आरक्षित हैं, लेकिन दलित-महादलित वोटर्स 40 सीटों पर प्रभावी हैं. यदि प्रयागराज और उसके आसपास की ही बात करें तो रायबरेली, प्रतापगढ़, अमेठी, फूलपुर, इलाहाबाद, लालगंज आदि सीटों पर दलित वोटर्स की संख्या जमकर है. यदि भाजपा दलित और महादलित वोटर्स में अपनी पैठ गहरी करने में सफल होती है तो इसका लाभ उसे जमकर मिलने वाला है.

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