डीएनए एक्सप्लेनर
Champions Trophy 2025 में दुबई में होने वाले मैच में अगर पाकिस्तान भारत से हार जाता है, तो गजब का मंजर होगा. किसी आम पाकिस्तानी के लिए ये हार वो सदमा होगी, जो उसे बौखला देगी. फिर होगा कुछ ऐसा जो हमारी सोच और कल्पना से परे है.
'Champions Trophy 2025' : तो गुरु खुश तो बहुत होंगे तुम...हाएं? 'Champions Trophy 2025' उसमें भी Ind vs Pak मैच के जरिये आखिरकार वो पल आ ही गया जिसका इंतज़ार 142.86 करोड़ के आस पास भाइयों बहनों को यहां इंडिया में और करीब 40 करोड़ लोगों को उधर पाकिस्तान में है. अच्छा क्योंकि पाकिस्तान की हरकतें किसी से छुपी नहीं हैं. इसलिए दुबई को न्यूट्रल ग्राउंड बनाया गया है. इंडिया और पाकिस्तान के बीच महामुकाबला दुबई में होगा.
भारत इसे लेकर सहज है. लेकिन पाकिस्तान की स्थिति काटो तो खून नहीं वाली है. आईसीसी, बीसीसीआई की बदौलत सांप के गले में छुछुंदर आखिरकार फंस ही गई. नहीं मतलब खुद सोचिये. जिस देश की अर्थव्यवस्था की लंका लगी हो. जहां आटा, गेहूं, शक्कर, दूध, दही, टमाटर, प्याज जैसी चीजों के लिए जनता में मार काट मच जाती हो. जिस मुल्क का निजाम चीन की दया दृष्टि पर चल रहा हो, वो क्रिकेट खेलने दुबई जा रहा है.
कोई क्रिकेट खेलने कहीं जाए, हमें क्या? लेकिन जब बात पाकिस्तान की होगी तो उंगली टेढ़ी कर और आंख में आंख डाल निंदा इसलिए भी होगी क्योंकि दुबई जाने-आने, खाने-पीने, शॉपिंग करने, होटल में रहने, बीवी या गर्लफ्रेंड को अनारकली वाला सूट दिलाने, रमजान आ रहा है तो उम्दा खजूर लेने के लिए जो पैसा लगता है वो पाकिस्तान का अपना न होकर खैरात में मांगा हुआ होगा.
खैर ये पाकिस्तान का अपना मैटर है सानू की! हम जिस बात पर बात करेंगे वो ये कि इतनी तरकीबों, मेहनत मशक्कत, दान चंदे के बाद अगर वक़्त बदल जाए और मैच के दौन पाकिस्तान हार जाए तो क्या?
सोच के देखिये इस प्रश्न को? भले ही बतौर भारतीय इस प्रश्न को सोचते हुए हमें मौज आए. हम टीम पाकिस्तान का मजा लें. लेकिन किसी आम पाकिस्तानी के लिए ये हार वो सदमा होगी जो उन्हें टीवी के अलावा एसी, फ्रिज, गीजर, ओटीजी, माइक्रोवेव, वाशिंग मशीन तोड़ने. अपनी बीवी को तलाक देने. गर्ल फ्रेंड से ब्रेक-अप के लिए मजबूर करेगी.
देखिये मैटर बहुत सीधा और बात शीशे की तरह साफ़ है. पाकिस्तान के लोगों को इस बात से कोई मतलब नहीं है कि टीम पाकिस्तान इतिहास रचे और Champions Trophy 2025 अपने नाम करे. जैसे हाल हैं और जिस तरह की रंजिश भारत और पाकिस्तान के बीच है, आम पाकिस्तानी आवाम की जिंदगी का एक्कै मकसद है. और वो ये कि उनकी टीम पाकिस्तान दुबई के इस रेतीले ग्राउंड पर टीम इंडिया को धूल चटा दे.
बात भारत और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट वाली रंजिश के संदर्भ में हुई है. तो कुछ और कहने बताने से पहले हमारे लिए उस डाटा का अवलोकन जरूरी हो जाता है जो सब दूध का दूध और पानी का पानी कर देगा. 135 वनडे में पाकिस्तान ने अब तक 73 मैच जीते हैं. जबकि भारत ने 57 मैचों में जीत दर्ज की है. वनडे विश्व कप में भारत ने 8 मैच में जीत दर्ज की है और पाकिस्तान ने 0 मैच में जीत दर्ज की है. वही चैंपियंस ट्रॉफी में भारत को 2 और पाकिस्तान 3 मैच में जीत मिली है.
जैसी 2025 में भारत की परफॉरमेंस है, क्रिकेट के तमाम जानकार ऐसे हैं जो इस बात पर एकमत हैं कि भारत ही Champions Trophy 2025 अपने नाम करेगा. बाकी जिक्र पाकिस्तान का हुआ है. तो यह कहना हमारे लिए अतिश्योक्ति नहीं है कि, दुबई में भारत पाकिस्तान के साथ क्या सुलूक करेगा? इसपर न केवल आम पाकिस्तानी आवाम बल्कि वहां के दिग्गज क्रिकेट खिलाड़ियों की भी निगाहें हैं.
भारत से हार का खौफ पाकिस्तान में किस हद तक रहता है? इसे हम वसीम अकरम की उस बात से समझ सकते हैं जिसका जिक्र उन्होंने एक टीवी शो में किया था. एक शो में इस मुद्दे पर अपना पक्ष रखते हुए वसीम अकरम ने कहा था कि एक बार भारत के हाथों हार का मुंह देखने के बाद वो लंदन चले गए थे और 20 दिन बाद लौटे थे.
वसीम ने इसका भी जिक्र किया था कि उस हार से आम पाकिस्तानी आवाम कुछ इस हद तक विचलित हुई थी कि लाहौर इस्लामाबाद समेत पाकिस्तान के कई शहरों में पाकिस्तानी टीम के खिलाफ उग्र प्रदर्शन हुए थे. लोगों में नाराजगी इस हद तक थी कि कई जगहों पर स्थिति संभालने के लिए पाकिस्तान के हुक्मरानों को फ़ोर्स की मदद तक लेनी पड़ गई थी.
कुल मिलाकर भले ही दुनिया क्रिकेट को एक खेल की तरह लेती हो. लेकिन जब मैटर इंडिया और पाकिस्तान का आता है तो मुद्दा सिर्फ़ खेल नहीं होता. यहां बात इमोशन वाली होती है. चाहे वो इंडिया के क्रिकेट फैन हों या फिर पाकिस्तान के खेल प्रेमी जीत और हार दोनों को ही इमोशनल कर देती है.
मामले में दिलचस्प ये रहता है कि बतौर भारतीय हम विनिंग टीम या ये कहें कि विजेता का सम्मान करते हैं. मगर पाकिस्तान के साथ ऐसा नहीं है. वो क्रिकेट के मैच से लेकर क्रिकेट के ग्राउंड पर अपना असली रंग दिखा देता है और ज़माने की नजरों में हमेशा की तरह शर्मसार होता है.
जाते जाते एक बात और. बार बार मुंह की खाने के बाद भी पाकिस्तान सबक नहीं सीखता ये इसलिए क्योंकि ये बतौर मुल्क उसके मुकद्दर में लिखा हुआ है जिसकी कीमत आम पाकिस्तानी आवाम चुका रही है कभी क्रिकेट के ग्राउंड में तो कभी राजनीतिक पटल पर.
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