डीएनए एक्सप्लेनर
अमेरिका के लॉस एंजिलस शहर में प्रदर्शन जारी है. प्रदर्शन के बीच LA के मेयर कैरन बैस ने डाउनटाउन LA इलाके में कर्फ्यू लगा दिया है. ये कर्फ्यू स्थानीय समय में रात आठ से सुबह 6 बजे तक जारी रहेगा. इस बीच ट्रंप और कैलिफोर्निया स्टेट के बीच राजनीतिक जंग छिड़ गई है.
अमेरिका की लॉस एंजिलस में बीते पांच दिन से प्रदर्शन चल रहे हैं. बीते शुक्रवार यानी 6 जून को अमेरिका के लॉस एंजिलस में अधिकारियों ने इमिग्रेशन रेड मारी और 40 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार कर लिया. इस गिरफ्तारी के विरोध में एक कार पार्किंग में प्रदर्शन शुरू हुआ जो अब इतना बड़ा हो चुका है कि उसे संभालने के लिए डोनाल्ड ट्रंप को नेशनल गार्ड्स की तैनाती करनी पड़ी. करीब 2000 नेशनल गार्ड्स को डोनाल्ड ट्रंप ने लॉस एंजिलिस में तैनात किया है ताकि प्रदर्शन को काबू में रखा जा सके. नेशनल गार्ड्स के सहयोग के लिए 700 मरीन्स की तैनाती भी की गई है.
इस पूरे बवाल के बीच लॉस एंजिलिस राज्य और डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के बीच ठन गई है. स्थानीय पुलिस का कहना है कि पुलिस इस तरह के बड़े प्रदर्शनों से निपटने के लिए काफी थी और मरीन्स के आने से उनके सामने ऑपरेशनल चैलेंजेस आ रहे हैं. चलिए जानते हैं इस प्रदर्शन के सभी पहलुओं को.
अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप के सत्ता संभालने के बाद से अवैध इमिग्रेंट्स को देश से बाहर निकालने की प्रक्रिया तेज़ हो गई है. डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका के इतिहास का सबसे बड़ा डिपोर्टेशन ऑपरेशन चलाने का दावा किया था. लॉस एंजिलस में करीब एक तिहाई आबादी ऐसी है जिसकी पैदाइश अमेरिका की नहीं है.
मई में इमिग्रेशन और कस्टम इनफोर्समेंट (ICE) अधिकारियों ने LA से 293 अवैध प्रवासियों को गिरफ्तार किया था. BBC की रिपोर्ट के मुताबिक, जून के लिए ट्रंप प्रशासन ने दिन के 3000 अरेस्ट करने का टारगेट ICE को दिया था. इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए अधिकारी ताबड़तोड़ छापेमारी कर रहे थे. इसके लिए वो रेस्टॉरेंट्स और दुकानों में भी छापेमारी कर रहे थे.
Donald Trump, without consulting with California’s law enforcement leaders, commandeered 2,000 of our state’s National Guard members to deploy on our streets.
— Gavin Newsom (@GavinNewsom) June 11, 2025
Illegally, and for no reason.
This brazen abuse of power by a sitting President inflamed a combustible situation… pic.twitter.com/Xy8JHMq3cV
इस ऑपरेशन के तहत शुक्रवार 6 जून को ICE के अधिकारियों ने शहर में कई जगहों पर छापे मारे. एक दिन में ICE ने 44 लोगों अवैध प्रवासियों को गिरफ्तार कर लिया. इन छापों और गिरफ्तारियों के विरोध में 6 जून को प्रदर्शन शुरू हुए. प्रदर्शन मुख्यरूप से डाउनडाउन LA इलाके में हो रहे हैं.
प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी की, अमेरिका के झंडे को आग के हवाले कर दिया, कई गाड़ियों में आगजनी की. भीड़ को हटाने के लिए पुलिस ने टियर गैस और रबर बुलेट्स का इस्तेमाल किया. पुलिस डिपार्टमेंट का कहना है कि प्रदर्शन के बीच पांच पुलिस कर्मी घायल हुए हैं. पुलिस के मुताबिक शनिवार और रविवार को 21-21 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. गिरफ्तार किए गए प्रदर्शनकारियों पर हत्या की कोशिश, पुलिस अफसर पर हमला और लूट जैसे आरोप लगाए गए हैं.
पुलिस के मुताबिक, अब तक 100 से ज्यादा लोगों की गिरफ्तारी की जा चुकी है. सोमवार 10 जून को हज़ारों की संख्या में लोग सिटी हॉल के पास विरोध प्रदर्शन के लिए इकट्ठे हुए थे. ये प्रदर्शनकारी डेविड हुएर्टा के समर्थन में इकट्ठे हुए थे. डेविड कैलिफोर्निया के अंतरराष्ट्रीय सर्विस एम्पलॉयीज़ यूनियन के प्रेसिडेंट हैं, यह यूनियन वहां काम करने वाले सफाई कर्मियों, सुरक्षा कर्मियों का प्रतिनिधित्व करता है. हुएर्टा को शुक्रवार को गिरफ्तार किया गया था, सोमवार को उन्हें 50 हजार डॉलर के बॉन्ड पर रिहा किया गया.
मंगलवार को LA के मेयर कैरन बैस ने शहर के डाउनटाउन इलाके में कर्फ्यू का ऐलान कर दिया. ये कर्फ्यू स्थानीय समय में रात आठ से सुबह 6 बजे तक लागू रहेगा.
I issued a curfew starting tonight at 8pm for Downtown Los Angeles to stop bad actors who are taking advantage of the President's chaotic escalation.
— Mayor Karen Bass (@MayorOfLA) June 11, 2025
If you do not live or work in Downtown L.A., avoid the area.
Law enforcement will arrest individuals who break the curfew, and…
डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को 2000 नेशनल गार्ड्स को LA में तैनात कर दिया. इससे ट्रंप प्रशासन और LA के नेताओं के बीच ठन गई. सोमवार को ट्रंप ने 2000 और नेशनल गार्ड्स की तैनाती का ऐलान कर दिया, इसके साथ ही 700 मरीन्स की भी तैनाती की गई.
नेशनल गार्ड्स केंद्र और राज्य दोनों के साथ काम करते हैं. आमतौर पर गवर्नर के आदेश पर किसी राज्य में नेशनल गार्ड की तैनाती की जाती है. डोनाल्ड ट्रंप ने इस प्रक्रिया का पालन नहीं किया. गवर्नर के कहे बिना नेशनल गार्ड्स की तैनाती कर दी. ट्रंप ने तर्क दिया कि यह प्रदर्शन अमेरिका की सरकार के अथॉरिटी के खिलाफी है. 1965 के बाद यह पहली बार है जब गवर्नर की मांग किए बिना ही नेशनल गार्ड की तैनाती कर दी गई हो.
कैलिफोर्निया के गवर्नर गैविन न्यूसन और लॉस एंजिलस के मेयर कैरन बैस ने ट्रंप के इस कदम की आलोचना की और कहा उन्हें यकीन था कि स्थानीय प्रशासन इस प्रदर्शन से निपट लेगा. न्यूसन ने ट्रंप के कदम को गैर कानूनी बताते हुए कि वो आग में घी डालने का काम कर रहे हैं. इतना ही नहीं उन्होंने ट्रंप प्रशासन के खिलाफ केस भी फाइल कर दिया है.
अपने लॉ सूट में कैलिफोर्निया स्टेट ने तर्क दिया है कि प्रदर्शन शांतिपूर्वक चल रहे थे. हिंसा की छिटपुट घटनाओं और सिविल डिसओबिडिएंस को वद्रोह नहीं कहा जा सकता है. लॉसूट में कहा गया कि ट्रंप ने इस प्रदर्शन को एक क्राइसिस का रूप दे दिया, ताकि वो राज्य की सेना को अपने कब्जे में ले सकें, यह लोकतंत्र की नींव को हिलाने की कोशिश है.
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