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ICC Fined Indian Cricketer: इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने भारतीय खिलाड़ी क्रांति गौड़ पर जुर्माना ठोक दिया है. आइए जानते हैं कि आखिर आईसीसी ने भारतीय खिलाड़ी पर क्यों जुर्माना लगाया है.
महिला एशिया कप 2026 का खिताब भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने अपने नाम कर लिया है. खिताबी मुकाबले में टीम इंडिया ने श्रीलंका को 72 रनों से करारी शिकस्त दी और अपनी 8वीं ट्रॉफी जीती. लेकिन चैंपियन बनने के बाद भारतीय खिलाड़ी को एक बड़ा झटका लगा है. दरअसल, इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने भारतीय खिलाड़ी क्रांति गौड़ पर जुर्माना ठोक दिया है. आइए जानते हैं कि आखिर आईसीसी ने भारतीय खिलाड़ी पर क्यों जुर्माना लगाया है.
भारतीय खिलाड़ी पर आईसीसी ने क्यों लगाया जुर्माना?
आईसीसी आचार संहिता के लेवल 1 के उल्लंघन के लिए भारतीय तेज गेंदबाज क्रांति गौड़ पर मैच फीस का 10 प्रतिशत जुर्माना लगाया गया है. आईसीसी ने सोमवार को बताया कि क्रांति गौड़ ने खिलाड़ियों की आचार संहिता के अनुच्छेद 2.5 का उल्लंघन किया है, जिसमें ऐसी भाषा, हरकत या इशारे शामिल हैं, जो किसी बल्लेबाज के आउट होने पर उनका अपमान करते हैं या आक्रामक प्रतिक्रिया भड़का सकते हैं.
ये घटना श्रीलंका की पारी के शुरुआती ओवर की है, जब क्रांति ने ओपनर इमेशा दुलानी को बोल्ड करने के बाद पवेलियन की ओर इशारा किया था. मैच फीस में कटौती के अलावा, क्रांति के अनुशासनात्मक रिकॉर्ड में एक डिमेरिट प्वाइंट भी जोड़ा गया. ये 24 महीने की अवधि में उनका पहला अपराध था. क्रांति पर ये आरोप ऑन-फील्ड अंपायर सलीमा इम्तियाज और शथिरा जाकिर जेसी ने आरोप लगाए थे. इसमें थर्ड अंपायर रोकेया सुल्ताना और चौथे अंपायर हुमैरा फराह भी शामिल थीं, जिसके बाद आईसीसी इंटरनेशनल पैनल की मैच रेफरी सुप्रिया रानी दास ने ये सजा दी.
लेवल 1 के तहत 50 प्रतिशत तक लग सकता है जुर्माना
क्रांति ने आरोप स्वीकारते करते हुए सजा मान ली, जिससे औपचारिक सुनवाई की जरूरत नहीं पड़ी. आईसीसी के नियमों के तहत, लेवल 1 के अपराधों के लिए खिलाड़ी की मैच फीस का अधिकतम 50 प्रतिशत जुर्माना और दो तक डिमेरिट प्वाइंट्स दिए जा सकते हैं. हालांकि, क्रांति ने अपनी गलती स्वीकार कर ली है और उनका पिछले 24 महीनों में ये पहला अपराध था, जिसकी वजह आईसीसी ने उनपर सिर्फ 10 प्रतिशत जुर्माना लगाया है.