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Who is Sandeep Patil: भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व दिग्गज खिलाड़ी संदीप पाटिल का जन्म 18 अगस्त, 1956 में हुआ था. ऐसे में वो मंगलवार 17 अगस्त, 2026 को अपना 70वां जन्मदिन मनाएंगे.
भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व दिग्गज खिलाड़ी संदीप पाटिल का जन्म 18 अगस्त, 1956 में हुआ था. ऐसे में वो मंगलवार 17 अगस्त, 2026 को अपना 70वां जन्मदिन मनाएंगे. वर्ल्ड कप 1983 विजेता टीम का हिस्सा रहे पाटिल ने इंटरनेशनल क्रिकेट में भारतीय टीम के लिए कई यादगार पारियां खेली हैं. क्रिकेट की दुनिया के बाद उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री में भी काम किया है, जिसके बाद उन्होंने कोचिंग में भी अपना योगदान दिया है. आइए जानते हैं कि संदीप पाटिल का करियर और निजी जिंदगी कैसी रही है.
संदीप पाटिल के पिता भी रह चुके हैं क्रिकेटर
18 अगस्त 1956 को बॉम्बे में जन्मे संदीप पाटिल अपने पिता मधुसूदन पाटिल के नक्शेकदम पर चलते हुए एक क्रिकेटर बने. पिता मुंबई के लिए 5 फर्स्ट क्लास मैच खेल चुके थे. संदीप पाटिल शानदार बल्लेबाजी से भारत के मिडिल ऑर्डर को मजबूती देते थे. इसके साथ ही उनकी मीडियम पेस गेंदबाजी भी कई मौकों पर टीम के काम आई. संदीप पाटिल ने 15 जनवरी 1980 को पाकिस्तान के खिलाफ टेस्ट डेब्यू के साथ अपने इंटरनेशनल करियर का आगाज किया था. इसी साल 6 दिसंबर को उन्होंने वनडे फॉर्मेट में भी डेब्यू कर लिया था. उन्होंने अपना पहला वनडे मैच ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेला था.
वर्ल्ड कप 1983 की विजेता टीम का रहे हैं हिस्सा
संदीप पाटिल वर्ल्ड कप 1983 की विजेता टीम का हिस्सा रहे, जिन्होंने सेमीफाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ 32 रन की अहम पारी खेली थी. पाटिल ने 1982 में इंग्लैंड के खिलाफ मैनचेस्टर टेस्ट में 129 रन की नाबाद पारी खेली थी. उन्होंने तेज गेंदबाज बॉब विलिस के एक ही ओवर में 6 चौके (4,4,4,0,4,4,4) जड़े थे. इस ओवर की चौथी गेंद पर कोई रन नहीं बना था, मगर इससे पहले विलिस ने एक 'नो-बॉल' फेंकी, जिस पर पाटिल ने चौका लगाया था.
क्रिकेट के बाद फिल्मी दुनिया में रखा कदम
क्रिकेट से संन्यास के बाद संदीप पाटिल ने एक्टिंग करियर शुरू किया. साल 1985 में उनकी पहली फिल्म 'कभी अजनबी थे' रिलीज हुई, जिसमें उनके साथ पूनम ढिल्लों और देबश्री रॉय को कास्ट किया गया था. हालांकि, संदीप के लिए ये पहली और आखिरी फिल्म साबित हुई. उन्होंने फिर किसी फिल्म में काम नहीं किया.
क्रिकेट-फिल्म के बाद कोचिंग में आजमाए हाथ
फिल्मी दुनिया से हटने के कुछ साल बाद संदीप पाटिल ने बतौर कोच अपना करियर शुरू किया. नवंबर 1996 में संदीप पाटिल केन्या के कोच बने और टीम का प्रदर्शन निखारा. वनडे वर्ल्ड कप 2003 में इस टीम ने अपने प्रदर्शन से सभी को प्रभावित करते हुए सेमीफाइनल में जगह बनाई, जिसमें उसे भारत के खिलाफ 91 रन से हार का सामना करना पड़ा था. वो ओमान क्रिकेट टीम के भी कोच रहे हैं.
संदीप पाटिल 'भारत-ए' टीम के कोच भी रहे. उन्होंने दिसंबर 2012 से सितंबर 2016 तक बीसीसीआई चयन समिति का अध्यक्ष पद भी संभाला. उनके कार्यकाल में भारत ने चैंपियंस ट्रॉफी 2013 का खिताब अपने नाम किया था. उनकी उपलब्धियां मेहनत, साहस और निरंतरता की मिसाल हैं.
कैसा रहा संदीप पाटिल का क्रिकेट करियर?
संदीप पाटिल ने भारत के लिए 29 टेस्ट मुकाबलों में 36.93 की औसत के साथ 1,588 रन बनाए, जिसमें 4 शतक शामिल रहे. वहीं, 45 वनडे मुकाबलों में उन्होंने 24.51 की औसत के साथ 1,005 रन जोड़े, जिसमें 9 अर्धशतक लगाए. फर्स्ट क्लास करियर के 130 मुकाबलों में 8,156 रन और 73 लिस्ट-ए मुकाबलों में उनके नाम 1,741 रन दर्ज हैं. इंटरनेशनल स्तर पर उनके नाम 24 विकेट भी हैं.