क्रिकेट
18 साल बाद अपने IPL का सूखा खत्म करने वाली रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) बिकने जा रही है. विराट कोहली की टीम के मालिकों ने 31 मार्च, 2026 तक फ्रेंचाइजी में अपनी हिस्सेदारी बेचने का फैसला किया है.
IPL 2025 में 18 साल बाद टाइटल अपने नाम करने वाली रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) बिकने वाली है. RCB के मालिकाना हक वाली कंपनी Diageo ने जानकारी दी है कि वो RCB में अपने स्टेक को लेकर स्ट्रेटेजिक रिव्यू करके अपने स्टेक्स बेचने वाली है. ये रिव्यू 31 मार्च, 2026 तक पूरा किए जाने की संभावना है. आपको बता दें कि RCB की महिला और पुरुष दोनों टीमों का मालिकाना हक रॉयल चैलेंजर्स स्पोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड (RCSPL) के पास है. यह यूनाइटेड स्पिरिट्स लिमिटेड की सब्सिडियरी है, जिसका मालिकाना हक Diageo के पास है. Diageo ने ये जानाकरी बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) को दिए डिस्क्लोजर में दी है.
खबरों की मानें तो Diageo पर उसके शेयर होल्डर्स का दबाव है कि कंपनी अपने मेन बिजनेस पर ही फोकस करे. Diageo का प्रमुख बिजनेस शराब बनाने का है. दुनिया भर में बिकने वाले शराब के कई बड़े ब्रांड्स डिएजिओ के हैं. ऐसे में खेल से जुड़ी RCB कंपनी के ग्रोथ प्लान में फिट नहीं बैठती. इस वजह से कंपनी ने RCB को बेचने का फैसला किया है.
क्रिक बज़ की रिपोर्ट के मुताबिक, अडानी समूह, सीरम इंस्टिट्यूट के अदार पूनावाला, देवयानी इंटरनेशनल ग्रुप के रवि जयपुरिया आदि ने RCB को खरीदने की पेशकश की है.
RCB के बिकने का असर विराट कोहली या टीम के अन्य सदस्यों के कॉन्ट्रैक्ट पर नहीं पड़ेगा क्योंकि प्लेयर्स का कॉन्ट्रैक्ट RCSPL के साथ है. न कि Diageo क साथ. विराट कोहली साल 2008 से ही RCB से जुड़े हैं और उन्होंने साफ किया है कि RCB छोड़ने की उनकी कोई योजना नहीं है. कोहली ये कह चुके हैं कि वो RCB तभी छोड़ेंगे जब रिटायर होंगे. ऐसे में कोहली और RCB को एक-दूसरे से जोड़कर देखने वाले फैन्स के लिए ये राहत की खबर है कि RCB का मालिकाना हक बदलने का असर टीम में कोहली की जगह पर नहीं पड़ेगा.
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