क्रिकेट
Sanju Samson on Rohit Sharma: संजू सैमसन ने पूर्व कप्तान रोहित शर्मा को लेकर बड़ा बयान दिया है. उनका कहना है कि उन्हें शुरुआत में रोहित पर यकीन नहीं हुआ था.
भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार विकेटकीपर बल्लेबाज संजू सैमसन ने आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2026 में दमदार प्रदर्शन किया था और भारत को खिताब दिलाने में अहम भुमिका निभाई थी. लेकिन उसके बाद सैमसन को टीम से ड्रॉप कर दिया गया है. इस बीच सैमसन ने पूर्व कप्तान रोहित शर्मा को लेकर बड़ा बयान दिया है. उनका कहना है कि उन्हें शुरुआत में रोहित पर यकीन नहीं हुआ था. आइए जानते हैं कि सैमसन ने रोहित को लेकर क्या कुछ कहा है.
सैमसन ने रोहित पर दिया बयान
टी20 वर्ल्ड कप 2026 में सैमसन खराब परफॉमेंस की वजह से प्लेइंग इलेवन से बाहर हो गए थे, लेकिन फिर जब उनकी वापसी हुई, तो उन्होंने वेस्टइंडीज के खिलाफ 97 रनों की पारी खेली और फिर न्यूजीलैंड के खिलाफ दमदार बैटिंग की. संजू सैमसन ने रोहित शर्मा को लेकर जियोस्टार से कहा, "सच कहूं तो, उस समय मुझे उनकी बात पर यकीन नहीं हुआ. माफ करना. हो सकता है कि उन्होंने दिल से या अपने अनुभव से कहा हो, लेकिन उस दिन मैं वो नहीं देख पा रहा था जो वो देख रहे थे. ये मेरे चेहरे पर साफतौर पर नजर आ रहा था. उस दिन मैं थोड़ा परेशान था."
उन्होंने कहा, "न्यूजीलैंड सीरीज के दो दिन बाद ही हमारा वर्ल्ड कप अभियान शुरू हो गया. मुझे उबरने में कम से कम एक हफ्ता लगता है. मुझे बातें मन में दबाकर रखना पसंद नहीं है, इसलिए अगर मैं शत प्रतिशत ठीक महसूस नहीं कर रहा होता हूं तो ये मेरे चेहरे पर दिख जाता है. पटरी पर लौटने से पहले मैं चार-पांच दिन तक उस दौर से गुजरा."
मैंने खुद से सवाल किए- सैमसन
सैमसन ने कहा, "आपको पता होता है कि आप नाकाम रहे हैं, तो आगे क्या? आप सबसे निचले स्तर पर होते हैं, इसलिए वहां से आप सिर्फ ऊपर ही जा सकते हैं. मैंने मानसिक रूप से खुद पर काम करना शुरू किया. मैंने खुद से सवाल पूछना शुरू किया कि मैं क्रिकेट क्यों खेलता हूं? मेरा मकसद क्या है? ऐसा लग रहा था जैसे वर्ल्ड कप के दौरान मैं खुद को फिर से खोज रहा था और फिर सब कुछ वापस पटरी पर आ गया."
वेस्टइंडीज के खिलाफ करो या मरो मुकाबले में सैमसन ने अपनी नाबाद 97 रनों की पारी को लेकर कहा, "जिम्बाब्वे वाले मैच के बाद मैंने उस गेम के लिए बेहतर तैयारी की थी. आईपीएल और भारत के लिए खेलते हुए ऐसे कई दिन आए हैं, जब मैंने शतक बनाए हैं और सब कुछ सही लगा है. ये भी उन्हीं दिनों में से एक था. आप बस लुत्फ उठाते हैं, पल को जीते हैं, प्रक्रिया पर ध्यान देते हैं और चीजें अपने आप होने लगती हैं."
खेल ही आपको बताता है कि क्या करना है- सैमसन
उन्होंने कहा, "मुझे पता था कि ये भारत के लिए बहुत बड़ा मैच है. पावरप्ले के बाद मैं आमतौर पर तेजी से खेलने लगता हूं. मैं एक ओपनर हूं. अगर मैं पावरप्ले निकाल लेता हूं और हमारी टीम नंबर 8 तक बैटिंग करती है, तो मेरा गेम प्लान बॉलिंग पर हावी होना होता है, लेकिन उस मैच में, जब भी मुझे लगा कि अब अटैक करने का समय है, दूसरे छोर पर विकेट गिर जाता था. तभी मुझे एहसास हुआ कि खेल ही सबसे बड़ा शिक्षक है. खेल ही आपको बताता है कि क्या करना है."