क्रिकेट
RCB Stampede Case: बेंगलुरु भगदड़ केस में निलंबित आईपीएस अधिकारी को राहत मिली है, जिसके बाद कहा गया कि पुलिस अलादीन का चिराग नहीं है.
3 जून को आईपीएल 2025 का खिताब जीतने के बाद रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने 4 जून को बेंगलुरु में भगदड़ हो गई थी. इस भगदड़ में 11 लोगों की मौत हो गई थी और कई लोग घायल हो भी हो गए थे. इस दर्दनाक घटना के बाद पूरा क्रिकेट जगत सहम गया था. इस केस में आईपीएस ऑफिसर को भी निलंबित कर दिया गया था. लेकिन अब उस अधिकारी को राहत मिली है और ऑफिसर ने एक बड़ी बात कही है. आइए जानते हैं कि पूरा मामला क्या है.
आरसीबी ही है जिम्मेदार
ट्रिब्यूनल ने कहा, "इसलिए प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि आरसीबी लगभग तीन से पांच लाख लोगों की सभा के लिए जिम्मेदार है. आरसीबी ने पुलिस से उचित अनुमति या सहमति नहीं ली थी. अचानक उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट किया और उपरोक्त जानकारी के परिणामस्वरूप जनता एकत्र हुई. पुलिस से यह उम्मीद नहीं की जा सकती कि लगभग 12 घंटे के कम समय में पुलिस, पुलिस अधिनियम या अन्य नियमों आदि में आवश्यक सभी व्यवस्थाएं करेगी."
उन्होंने आगे कहा, "पुलिस कर्मी भी इंसान हैं. वो न तो भगवान हैं, न ही जादूगर और न ही उनके पास अलादीन का चिराग जैसी जादुई शक्तियां हैं, जो केवल उंगली रगड़ने से किसी भी इच्छा को पूरा करने में सक्षम थीं. 4 जून 2025 को समय की कमी के कारण पुलिस उचित व्यवस्था नहीं कर पाई. पुलिस को पर्याप्त समय नहीं दिया गया."
आरसीबी ने जीता था आईपीएल खिताब
आईपीएल 2025 का फाइनल मुकाबला आरसीबी और पंजाब किंग्स के बीच खेला गया था, जिसे आरसीबी ने अपने नाम कर लिया था. ये मुकाबल अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेला गया था. लेकिन फिर आरसीबी ने 18 साल बाद आईपीएल ट्रॉफी को बेंगलुरु ले जाने का फैसला किया, जहां टीम को रोड शो करना था. लेकिन ऐसा नहीं हो सका और टीम ने एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में इसका जश्न मनाया था. लेकिन इस जश्न में उम्मीद से ज्यादा भीड़ जमा हो गई और खुशी मातम में बदल गई थी.
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