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केंद्रीय गृह मंत्रालय के पूर्व सेक्रेटरी आरवीएस मणि ने एक हैरान करने वाला दावा किया है कि पूर्व क्रिकेटर शोएब अख्तर और मोहम्मद आसिफ भारत ड्रग्स लेकर आते थे.
भारत और पाकिस्तान के विवाद हमेशा से चर्चा का विषय बने रहते हैं. लेकिन इस बीच केंद्रीय गृह मंत्रालय के पूर्व सेक्रेटरी आरवीएस मणि ने एक हैरान करने वाला दावा किया है, जिसके बाद इंटरनेट पर चारों तरफ इसकी चर्चा हो रही है. दरअसल, उन्होंने दावा किया है कि पाकिस्तान क्रिकेट टीम के पूर्व क्रिकेटर शोएब अख्तर और मोहम्मद आसिफ भारत ड्रग्स लेकर आते थे, जिसके बाद फैंस के बीच ये गंभीर विषय बन गया है. आइए जानते हैं कि MHA के पूर्व अधिकारी ने और क्या कुछ कहा है.
अख्तर और आसिफ भारत लाते थे ड्रग्स?
एएनआई को दिए पॉडकास्ट में केंद्रीय गृह मंत्रालय के पूर्व सेक्रेटरी आरवीएस मणि ने कहा, "पाकिस्तानी क्रिकेटर शोएब अख्तर और मोहम्मद आसिफ भारत में ड्रग्स लाते थे. इस मामले की रिपोर्ट में ये खुलासा हुआ था कि शोएब अख्तर और आसिफ ने पाकिस्तानी हाई कमिश्नर के सामने इस बात को स्वीकार किया था. इसी वजब से तब उन्हें पाकिस्तान वापस भेज दिया गया था."
फिर जब स्मिता प्रकाश ने कहा कि शोएब और आसिफ ने कहा था कि वो उनके निजी इस्तेमाल के लिए है, जिसपर मणि ने कहा, "जब भी पाकिस्तान का कोई भी प्रतिनिधिमंडल, क्रिकेट टीम या अन्य दल भारत आता था, तब-तब ड्रग्स की तस्करी की जाती थी. ये कोई व्यक्तिगत इस्तेमाल के लिए नहीं था."
भारत से वापस लौट गए थे अख्तर और आसिफ
ईएसपीएन क्रिकइन्फो की रिपोर्ट के अनुसार, साल 2006 अक्टूबर में शोएब अख्तर और मोहम्मद आसिफ को भारत से पाकिस्तान वापस भेज दिया गया था. पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी से पहले हुए डोपिंग टेस्ट के बाद दोनों खिलाड़ियों को वापस बुलाया था, क्योंकि दोनों खिलाड़ी प्रतिबंधित एनाबॉलिक स्टेरॉयड 'नैंड्रोलोन' में पॉजिटिव पाए गए थे. हालांकि, इसके बाद पीसीबी ने दोनों खिलाड़ियों पर बैन भी लगाया था, लेकिन साल 2006 दिसंबर तक बैन हटाकर आरोपों से मुक्त कर दिया गया था.
पाक कोच बॉब मूल्मर की मौत को लेकर भी कही ये बात
केंद्रीय गृह मंत्रालय के पूर्व सेक्रेटरी आरवीएस मणि ने अपने पॉडकास्ट में पाकिस्तान टीम के पूर्व कोच बॉब मूल्मर की मौत को लेकर भी चर्चा की है. उन्होंने कहा, "शोएब अख्तर और मोहम्मद आसिफ की घटना के करीब 6 महीनों बाद पाकिस्तान के कोच बॉब मूल्मर पाकिस्तानों द्वारा ड्रग्स तस्करी का विरोध कर रहे थे, जिसके बाद उनकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी." बता दें कि बॉब मूल्मर की मौत की जांच कई एजेंसियों ने की थी और आधिकारिक तौर पर इन आरोपों की पुष्टी नहीं हुई थी.
आतंकवाद को लेकर भी किया बड़ा दावा
पूर्व अधिकारी आरवीएस मणि ने आतंकवाद की फंडिंग को लेकर भी बड़ा दावा किया है. उन्होंने कहा, "उस समय की रिपोर्ट्स के अनुसार, भारत पर होने वाले हमलों की 30 प्रतिशत फंडिंग ड्रग्स तस्करी से ही होती थी. पाकिस्तान से भारत में ड्रग्स की तस्करी पाकिस्तानी सरकारी नीति का हिस्सा था. हम अनुमान लगाते थे कि अगर जलालाबाद में फसल अच्छी हुई है, तो भारत में आंतकी हमलों की संख्या बढ़ सकती है."