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Rohit Sharma Statement: भारतीय क्रिकेट टीम के दिग्गज बल्लेबाज रोहित शर्मा इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज के शुरुआती दो मैचों में फ्लॉप रहे थे, जिसके बाद उनकी आलोचनाएं होनी शुरू हो गई थी.
भारतीय क्रिकेट टीम के दिग्गज बल्लेबाज रोहित शर्मा इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज के शुरुआती दो मैचों में फ्लॉप रहे थे, जिसके बाद उनकी आलोचनाएं होनी शुरू हो गई थी. इतना ही नहीं, लोग रोहित के संन्यास की बातें भी करने लगे थे. लेकिन फिर इंग्लैंड के खिलाफ निर्णायक मुकाबले में रोहित शर्मा ने लॉर्ड्स मैदान पर 138 रनों की दमदार पारी खेली. हालांकि, ये मुकाबला टीम इंडिया 27 रनों से हार गई थी. लेकिन रोहित शर्मा ने शतकीय साझेदारी से आलोचकों की बोलती बंद कर दी थी. शतक के बाद रोहित ने अपने संन्यास पर बात की है. आइए जानते हैं कि उन्होंने क्या कहा है.
लोगों का काम है बोलना
रोहित शर्मा ने बीसीसीआई टीवी पर बात करते हुए कहा, "जब से मैंने इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्यू किया है, तब से इस तरह की बातें सुनता आ रहा हूं. जब तक मैं खेलता रहूंगा, ये चलता रहेगा. इसलिए इससे मुझे ज्यादा फर्क नहीं पड़ता. मेरे लिए सबसे महत्वपूर्ण ये है कि मैं मैदान पर क्या करता हूं और टीम की सफलता में कितना योगदान देता हूं. मेरा पूरा ध्यान उसी पर रहता है. शोर रहने दीजिए, अगर शोर नहीं होगा तो मजा भी नहीं आएगा. मेरा काम मैदान के भीतर है, बाकी लोगों का काम मैदान के बाहर. मैं इसी नजरिए से इसे देखता हूं."
रोहित ने आगे कहा, मेरा काम बल्ले से प्रदर्शन करना, "मैदान पर उतरना और अपने देश का प्रतिनिधित्व करना है. डेब्यू के समय से मुझे यही जिम्मेदारी सौंपी गई है और मैं आगे भी यही करता रहूंगा. मुझे इंग्लैंड में खेलना बहुत पसंद है. यहां का माहौल, मैदान और पिचें हर प्रारूप में अलग तरह की चुनौती पेश करती हैं. एक क्रिकेटर के तौर पर आप यही चाहते हैं कि हर तरह से आपकी परीक्षा हो. मैंने बल्लेबाजी का पूरा आनंद लिया."
विराट के साथ पार्टनरशिप पर क्या बोले रोहित?
रोहित ने विराट कोहली के साथ साझेदारी को लेकर कहा, "मैं और विराट लगभग पूरा करियर साथ खेले हैं. उनके साथ बल्लेबाजी करना हमेशा अच्छा लगता है. हमने कई बड़ी साझेदारियां की हैं. हम एक-दूसरे को अच्छी तरह समझते हैं और लगातार विचार साझा करते रहते हैं. उनके साथ बल्लेबाजी करना हमेशा शानदार होता है. नतीजे से थोड़ी निराशा जरूर है, क्योंकि मुझे लगा कि हम अच्छा क्रिकेट खेल रहे थे. बर्मिंघम में हमने शानदार शुरुआत की थी. कार्डिफ में हम बल्लेबाजी में अपेक्षित रन नहीं बना सके. लॉर्ड्स में लक्ष्य काफी बड़ा था. हमने पूरी कोशिश की, लेकिन आखिर में 20-25 रन कम पड़ गए."