क्रिकेट
भारतीय महिला टीम के स्टार ऑलराउंडर और यूपी पुलिस की डीएसपी दीप्ति शर्मा 25 लाख की धोखाधड़ी और चोरी का शिकार हो गई है. धोखाधड़ा का इल्जाम दीप्ति की साथी खिलाड़ी और उसके परिवार पर लगाया गया है.
भारतीय महिला टीम की स्टार ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा और उनका परिवार धोखाधड़ी और चोरी का शिकार हो गया है. दीप्ति शर्मा के भाई सुमित शर्मा ने थाना सदर में एफआईआर दर्ज कराई है. धोखाधड़ी और चोरी का इल्जाम दीप्ति के दोस्त और उसके परिवार पर लगाया गया है. जो उनके साथ पहले क्रिकेट खेल चुकी है.
दीप्ति के भाई उन्होंने बताया कि उनकी बहन जो भारतीय महिला क्रिकेट टीम की खिलाड़ी और यूपी पुलिस में डीएसपी के पद पर भी कार्यरत हैं. उनकी एक जूनियर क्रिकेटर सहेली आरुषि गोयल. जो आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर जूनियर क्लर्क हैं. दोनों एक ही टीम में खेलने के कारण दोस्त बन गईं.
दोनों की दोस्ती का फायदा उठाते हुए आरुषि के माता-पिता ने एक सोची समझी साजिश के तहत दीप्ति से निजी ज़रूरत बताकर करीब दो साल में अलग-अलग तारीखों पर 25 लाख रुपये ले लिए थे. दीप्ति को विश्वास दिलाया गया था कि पैसे जल्द ही लौटा दिए जाएंगे. लेकिन काफी समय बीतने और पैसे वापस न मिलने पर दीप्ति ने अपने पैसे वापस मांगे. इस पर आरुषि के घर वाले टालमटोल करने लगे और पैसे मांगने पर अभद्र व्यवहार करने लगे. धोखाधड़ी के साथ-साथ फ्लैट में चोरी का भी आरोप है.
दीप्ति के भाई ने बताया कि उनकी बहन राजेश्वर मंदिर के पास एक फ्लैट में रहती हैं. दीप्ति ने आरुषि की हरकतों को देखकर उसे फ्लैट पर आने से मना कर दिया था. इसके बावजूद, 22 अप्रैल को आरुषि दोपहर 12 बजे दीप्ति के फ्लैट पर गई. उसने ताला तोड़कर अंदर रखे सोने-चांदी के जेवर और करीब ढाई हजार डॉलर व अन्य सामान बैग में भरकर ले गई. जाते-जाते वह अपना ताला भी तोड़कर ले गई और फ्लैट पर अपना ताला डालकर चली गई. इसके बाद 23 अप्रैल को आरुषि ने दीप्ति को फोन किया. जो उस समय विदेश में थीं. आरुषि ने दीप्ति से कहा कि फ्लैट में उसका कुछ सामान है, जो उसे निकलवाना है.
दीप्ति ने अपने भाई को सामान निकलवाने के लिए भेजा. जब फ्लैट का दरवाजा खोला तो ताला नहीं खुला. इस पर आरुषि ने दूसरी चाबी से ताला खोला. उसने बताया कि उसने ताला बदल दिया था. पूछताछ करने पर पता चला कि वह एक दिन पहले भी सामान ले जा चुकी थी. पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए आरुषि और उसके माता-पिता के खिलाफ थाना सदर में करीब 30 लाख की धोखाधड़ी और चोरी की एफआईआर दर्ज कर ली है. पुलिस मामले की जांच कर रही है.
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