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WTC 2027 Points: ऑस्ट्रेलिया और बांग्लादेश के पहले टेस्ट के बाद वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप 2026-27 चक्र पॉइंट्स टेबल में बड़ा फेरबदल हुआ है. बांग्लादेश ने ऑस्ट्रेलिया को 9 विकेट से हराकर 31 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ा है, जिसका फायदा WTC अंक तालिका में हुआ है.
ऑस्ट्रेलिया और बांग्लादेश के पहले टेस्ट के बाद वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप 2026-27 चक्र पॉइंट्स टेबल में बड़ा फेरबदल हुआ है. बांग्लादेश ने ऑस्ट्रेलिया को 9 विकेट से हराकर 31 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ा है, जिसका फायदा WTC अंक तालिका में हुआ है. वो अब अंक तालिका में भारतीय टीम से भी ऊपर आ गई है. हालांकि, ऑस्ट्रेलिया को भारी नुकसान भी हुआ है. आइए जानते हैं कि WTC 2026-27 पॉइंट्स टेबल कैसी है और बांग्लादेश को क्या फायदा हुआ है.
बांग्लादेश को हुआ बंपर फायदा
बांग्लादेश टेबल में चौथे स्थान पर ही बनी हुई है. वहीं, प्वाइंट्स टेबल में ऑस्ट्रेलिया की बादशाहत तो कायम है, लेकिन उनका जीत प्रतिशत 87.50 से गिरकर अब 77.78 पर आ गया है. ऑस्ट्रेलिया दूसरे स्थान पर मौजूद साउथ अफ्रीका से मामूली अंतर से आगे है, जिनका जीत प्रतिशत 75 है. हालांकि, इससे पहले भारतीय टीम चौथे स्थान पर थी, लेकिन बांग्लादेश ने ऑस्ट्रेलिया को हराकर भारत की जगह ले ली और टीम इंडिया एक स्थान नीचे खिसक गई है.
कैसी है WTC की अंक तालिका?
ऑस्ट्रेलिया पहले और साउथ अफ्रीका दूसरे स्थान पर है. दो बार डब्ल्यूटीसी फाइनल में फाइनल तक का सफर तय करने वाली न्यूजीलैंड टीम 72.22 के जीत प्रतिशत के साथ तीसरे नंबर पर काबिज है. वहीं, बांग्लादेश चौथे और भारतीय टीम पांचवें नंबर पर है. भारत का जीत प्रतिशत 48.15 है. श्रीलंका छठे स्थान पर मौजूद है. ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहले टेस्ट में बांग्लादेश का प्रदर्शन यादगार रहा.
बांग्लादेश ने 31 साल का तोड़ा रिकॉर्ड
पहली पारी में कंगारू टीम को 198 रनों पर समेटने के बाद बांग्लादेशी बल्लेबाजों ने स्कोरबोर्ड पर 426 रन लगाते हुए टीम को 228 रनों की बड़ी बढ़त दिलाई. इसके बाद दूसरी पारी में ऑस्ट्रेलिया की पूरी टीम 284 रन बनाकर सिमट गई और बांग्लादेश ने मुकाबले को 9 विकेट से अपने नाम कर लिया. बांग्लादेश की जीत के हीरो हसन महमूद रहे, जिन्होंने टेस्ट मैच की दोनों पारियों को मिलाकर कुल 9 विकेट चटकाए, जबकि मेहदी हसन मिराज ने दूसरी पारी में 5 विकेट निकाले. ये बांग्लादेश की विकेटों के लिहाज से टेस्ट क्रिकेट में दूसरी सबसे बड़ी जीत भी है. ऑस्ट्रेलिया ने भारत के अलावा किसी एशियाई टीम से 31 साल बाद अपने घर में हार झेली है.