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विराट कोहली का विस्फोटक इंटरव्यू: 10 साल में पहली बार नहीं लगाया बल्ले को हाथ, किए कई बड़े खुलासे

Virat Kohli Interview: भारत-पाकिस्तान मैच से पहले विराट कोहली ने एक इंटरव्यू में खुलकर वो बातें कहीं हैं, जो पिछले काफी समय से वो दबा के बैठे थे.

विराट कोहली का विस्फोटक इंटरव्यू: 10 साल में पहली बार नहीं लगाया बल्ले को हाथ, किए कई बड़े खुलासे

विराट कोहली इंटरव्यू

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डीएनए हिंदी: एशिया कप में भारत-पाकिस्तान मैच से पहले विराट कोहली का एक बड़ा ही विस्फोटक इंटरव्यू सामने आया है. जिसमें कोहली ने कई बड़े खुलासे किए हैं. कोहली ने अपने फैंस से हर वो बात कही है, जो पिछले काफी समय से उनके जहन में चल रही थी. इसके साथ ही उन्होंने ये भी बताया है कि जब वो ब्रेक पर थे तो उन्हें कैसा महसूस हो रहा था और मेंटली वो कितना वीक फील कर रहे थे. 

कोहली के इस इंटरव्यू का वीडियो स्टार स्पोर्ट्स ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर अपलोड किया है. वीडियो में कोहली ने खुलासा किया है कि जब वो ब्रेक पर थे तो उन्होंने एक बार भी बल्ले को हाथ तक नहीं लगाया, ऐसे उन्होंने पिछले 10 साल में पहली बार किया है. 

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क्या कुछ बोले कोहली

कोहली ने इंटरव्यू में ये बात स्वीकारी है कि वो थक गए थे और उन्हें मेंटली, फिजिकली और इमोशनली खुद को आराम देना था. उन्होंने कहा, '10 साल में पहली बार ऐसा हुआ कि मैंने एक महीने तक बैट को हाथ नहीं लगाया. मुझे एहसास हुआ कि मैं अपनी इंटेसिटी को लेकर खुद के साथ ही फेक कर रहा था. मैं खुद को भरोसा दिला रहा था कि नहीं तुम में इंटेसिटी है. लेकिन मेरी बॉडी मुझसे कह रही थी कि तुम्हे रुक जाना चाहिए. मेरा दिमाग कह रहा था कि ब्रैक लेना होगा और एक कदम पीछे भी लेना होगा.'

कोहली ने बताया कि मुझे हमेशा एक ऐसे इन्सान के रूप में देखा गया है जोकि मानसिक तौर पर बेहद मजबूत है और मैं भी हूं भी. लेकिन सभी की एक लिमिट होती है और हमें उस लिमिट को पहचानना चाहिए. अगर हम ऐसा नहीं करते हैं तो इसके परिणाम बुरे हो सकते हैं. 

 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 

 

 
 

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अपनी मेंटल हेल्थ के बारे में कोहली ने विस्तार से बात की और कहा कि मैं मेंटली लो फील कर रहा था और मुझे इसे मानने में कोई शर्म नहीं है. ये बहुत नॉर्मल होता है, लेकिन हम अक्सर अपनी मेंटल हेल्थ के बारे में बात करने से कतराते हैं. हम नहीं चाहते कि हमें मेंटली वीक समझा जाए. मेरा यकीन मानिए ये फेक करना की मैं मेंटली स्ट्रॉन्ग हूं, वीक होने से ज्यादा बुरा होता है.

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