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Gaurav Barar | Apr 22, 2026, 01:07 PM IST
1.बिना टिकट ट्रेन में कर सकते हैं यात्रा?

अक्सर इमरजेंसी में हमें अचानक ट्रेन से सफर करना होता है. कई बार कन्फर्म टिकट नहीं होता है. ऐसे में कई लोग स्टेशन जाने से डरते हैं कि कहीं पकड़े जाने पर भारी जुर्माना न लग जाए. लेकिन क्या आप जानते हैं कि भारतीय रेलवे का एक ऐसा नियम है जो आपको प्लेटफॉर्म टिकट पर भी ट्रेन में चढ़ने की इजाजत देता है?
2.ये नियम कैसे काम करता है?

जी हां, यह सच है, लेकिन इसके लिए आपको रेलवे की एक खास प्रक्रिया का पालन करना होगा. जानिए ये नियम कैसे काम करता है और आपको किन बातों का ध्यान रखना चाहिए.
3.प्लेटफॉर्म टिकट कैसे बनता है मददगार?

प्लेटफॉर्म टिकट सिर्फ स्टेशन के अंदर जाने का पास नहीं है. रेलवे नियमों के मुताबिक, अगर आप जल्दीबाजी में टिकट नहीं ले पाए हैं, तो आप प्लेटफॉर्म टिकट खरीदकर ट्रेन में सवार हो सकते हैं. यह टिकट इस बात का सबूत होता है कि आपने किस स्टेशन से अपनी यात्रा शुरू की है.
4.TTE को खुद देनी होगी जानकारी

ट्रेन में चढ़ने के बाद आपको तुरंत TTE को ढूंढना होगा और उसे बताना होगा कि आप बिना टिकट चढ़े हैं. TTE इसी प्लेटफॉर्म टिकट के आधार पर आपके शुरुआती स्टेशन से आपके गंतव्य तक का किराया तय करेगा.
5.क्या इस नियम से सीट की गारंटी मिलती है?

यहां एक बात समझना बहुत जरूरी है. प्लेटफॉर्म टिकट आपको ट्रेन में चढ़ने का कानूनी हक तो देता है, लेकिन यह सीट की गारंटी नहीं देता. अगर ट्रेन में कोई सीट खाली है, तो TTE आपसे किराया और जुर्माना लेकर आपको वह सीट दे सकता है.
6.खड़े होकर करना पड़ सकता है सफर

अगर सीटें भरी हुई हैं, तो आपको जनरल कोच में जाना पड़ सकता है या खड़े होकर सफर करना पड़ सकता है. यह पूरी तरह TTE के विवेक और सीट की उपलब्धता पर निर्भर करता है.
7.कितना लगेगा जुर्माना और किराया?

चूंकि आप बिना रिजर्वेशन के ट्रेन में चढ़े हैं, इसलिए आपको अपनी मंजिल तक का पूरा किराया देना होगा. इसके साथ ही, बिना टिकट यात्रा शुरू करने के लिए 250 रुपये का जुर्माना देना होगा. किराया और जुर्माना चुकाने के बाद TTE आपको एक आधिकारिक रसीद देगा, जिसके बाद आपकी यात्रा पूरी तरह वैध हो जाएगी.
8.इन जरूरी बातों का रखें ध्यान

इस नियम का फायदा तभी मिलेगा जब आप खुद जाकर TTE को जानकारी देंगे. अगर चेकिंग के दौरान आप बिना बताए पकड़े जाते हैं, तो आपको बिना टिकट यात्री मानकर बहुत भारी जुर्माना लगाया जा सकता है.
9.केवल इमरजेंसी के लिए

प्लेटफॉर्म टिकट केवल दो घंटे के लिए वैध होता है. इसलिए टिकट लेने के तुरंत बाद ट्रेन में चढ़ें और देरी न करें. यह सुविधा केवल आपातकालीन स्थितियों के लिए है. रेलवे हमेशा सलाह देता है कि असुविधा से बचने के लिए पहले से टिकट बुक कराकर ही चलें.