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रईश खान | Apr 05, 2026, 07:41 PM IST
1.70% बढ़ा कच्चे तेल का प्रोडक्शन

दरअसल, देश की सरकारी कंपनी ऑयल इंडिया लिमिटेड ने जैसलमेर के बाघेवाला इलाके में कच्चे तेल के उत्पादन में एक नया क्रीतिमान स्थापित किया है. पिछले साल यहां 705 बैरल प्रतिदिन क्रूड ऑयल निकाला जा रहा था. जिसे कंपनी बढ़ाकर अब 1,202 बैरल प्रतिदिन कर दिया है. यानी लगभग 70% की बढ़ोतरी कर दी है. (फोटो: AI)
2.इस साल 43,773 मीट्रिक टन निकला क्रूड ऑयल

पिछले साल यहां कुल 32,787 मीट्रिक टन कच्चे तेल का उत्पादन हुआ था, जो वित्त वर्ष 2025-26 में बढ़कर 43,773 मीट्रिक टन पहुंच गया है. यह बढ़ोतरी ऐसे समय हुई है, जब ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद करके दुनिया भर में तेल सप्लाई का संकट पैदा कर दिया है. इस रूट से भारत का 60% तेल और गैस खाड़ी देशों से आता था. (फोटो: AI)
3.थार रेगिस्तान में क्रूड ऑयल निकलना सबसे कठिन

कंपनी ने साइक्लिक स्टीम स्टिमुलेशन (CSS) तकनीक का इस्तेमाल कर तेल के उत्पादन में बढ़ोतरी की है. कंपनी के लिए थार रेगिस्तान में ऑयल निकालना सबसे चुनौतीपूर्ण है, क्योंकि यहां का कच्चे तेल काफी गाढ़ा (हाई विस्कोसिटी) वाला है. इसे पारंपरिक तरीकों से निकालना संभव नहीं है. इसलिए यहां डिल्यूएंट इंजेक्शन और आर्टिफिशियल लिफ्ट सिस्टम तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है. (फोटो: AI)
4.19 कुओं से 70% बढ़ा तेल का प्रोडक्शन

ऑयल इंडिया लिमिटेड ने 19 कुएं बनाए हैं. जिनसे साइक्लिक स्टीम स्टिमुलेशन के माध्यम से कच्चा तेल निकाला जा रहा है. इससे तेल के प्रोडक्शन में 70 प्रतिशत की बढ़ोतरी हो गई है. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी 13 नए कुआं खोदे हैं, जिनमें भी कच्चे तेल की जांच की जा रही है. (फोटो: AI)