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Jaya Pandey | Aug 13, 2026, 02:30 PM IST
1.बीच रोड खराब हो गाड़ी तो ऐसे काम आता है NHAI

अगर आप अक्सर कार या बाइक से लंबी दूरी का सफर तय करते हैं तो रास्ते में गाड़ी खराब होने या अचानक पेट्रोल-डीजल खत्म होने की स्थिति आपको परेशान कर सकती है. हाईवे की तेज रफ्तार के बीच अगर आपको ऐसी सिचुएशन का सामना करना पड़े तो मामला और भी खराब हो सकता है. ऐसे में आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है क्योंकि नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया की एक हेल्पलाइन आपके बेहद काम आ सकती है.
(Image Credit: Canva/AI)
2.1033 पर कॉल करके मांग सकते हैं NHAI की मदद

अगर आप ऐसी सिचुएशन में फंसते हैं तो NHAI से इसकी हेल्पलाइन 1033 पर कॉल करके मदद मांग सकते हैं. एनएचएआई के ऑफिशियल डॉक्यूमेंट्स में इस हेल्पलाइन के जरिए ब्रेकडाउन, पंचर और वाहन का ईंधन खत्म होने पर मदद मिलने के प्रावधान के बारे में बताया गया है. वहीं, एक्सीडेंट की स्थिति में हादसे की जगह पर एंबुलेंस और पैरामेडिकल स्टाफ की मदद पहुंचाई जाती है.
3.ऑपरेटर आपसे पूछता है ऐसे सवाल

नेशनल हाईवे पर आपकी गाड़ी खराब हो जाए तो सबसे पहले 1033 पर कॉल करें. कॉल सेंटर का ऑपरेटर आपसे आपकी लोकेशन, आपकी गाड़ी कहां और किस दिशा में खड़ी है, आपकी समस्या क्या है और आपको किस तरह की मदद चाहिए, इस तरह के सवाल पूछता है. वहीं ब्रेकडाउन के मामले में वाहन की लेन, वाहन का प्रकार, खराबी की वजह और जरूरत पड़ने पर क्रेन या रिकवरी वाहन की जरूरत से जुड़े सवाल भी पूछे जाते हैं.
4.गाड़ी पंचर होने पर भी एनएचएआई से मांग सकते हैं मदद

अगर आपकी गाड़ी पंचर हो गई है या किसी तकनीकी गड़बड़ी की वजह से वह आगे नहीं बढ़ पा रही है तो इसकी सूचना भी 1033 हेल्पलाइन नंबर पर दी जा सकती है. आपसे समस्या जानने के बाद संबंधित हाईवे पेट्रोलिंग टीम को सूचना दी जाती है. घटना की दूरी के हिसाब से जल्द से जल्द व्यक्ति की मदद करने की कोशिश की जाती है. NHAI की व्यवस्था में पेट्रोल वाहन, क्रेन और दूसरी जरूरी मदद देने का प्रावधान है.
5.NHAI से मांगें मदद लेकिन इन बातों का भी रखें खास ख्याल

वहीं, अगर आपका पेट्रोल या डीजल खत्म हो गया है तो इसे भी 1033 पर रिपोर्ट किया जा सकता है. ऐसी स्थिति में एनएचएआई व्यक्ति की उतनी मदद कर देता है कि वह नजदीकी पेट्रोल पंप तक पहुंच जाए. लेकिन ध्यान रहे कि 1033 को ऐसा नंबर नहीं समझना चाहिए कि कॉल करते ही हर स्थिति में मैकेनिक, फ्री फ्यूल या तत्काल क्रेन की सुविधा आपको निश्चित तौर पर मिल ही जाएगी.
6....ऐसी सिचुएशन में मदद मिलना होता है मुश्किल

यह एनएचएआई की इंसिडेंट मैनेजमेंट व्यवस्था है जिसके जरिए समस्या दर्ज करके संबंधित टीम को कार्रवाई के लिए अलर्ट किया जाता है. मौके पर किस तरह की मदद मिल पाएगी, यह घटना की प्रकृति, हाईवे के संबंधित सेक्शन और मौजूदा संसाधनों पर निर्भर करता है. हर सड़क या हर नेशनल हाईवे सेक्शन सीधे NHAI के अधिकार क्षेत्र में हो, यह जरूरी नहीं है. कुछ नेशनल हाईवे के अलग-अलग हिस्सों को दूसरी एजेंसियां या राज्य सरकार की एजेंसियां भी नियंत्रित करती हैं.