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मोहम्मद साबिर | May 14, 2026, 11:32 PM IST
1.क्या पोस्ट ऑफिस की कमाई होती है टैक्स फ्री?

सरकार ने इनकम टैक्स को लेकर एक बड़ा बदलाव किया है. अब इनकम टैक्स में एक नया नियम जोड़ा गया है. इसमें सेक्शन 393(1) के नियमों को बदल दिया गया है. इस नियम के तहत, अगर आपकी कुल ब्याज आय तय सीमा से ज्यादा है, तो बैंक या संस्थान टीडीएस काटेगा. हालांकि, आम नागरिकों के लिए 50000 रुपये और सीनियर सिटीजंस के लिए 1 लाख रुपये तक छूट दी गई है. यानी इतनी राशि पर टीडीएस नहीं कटेगा. लेकिन एक बात का जरूर ध्यान रखे कि इन राशि पर भले ही टीडीएस नहीं कट रहा है. फिर भी आपको इसे अपनी कुल आय में जोड़कर दिखाना ही होगा.
2.पोस्ट ऑफिस की किन स्कीम्स पर लगेगा टैक्स?

पोस्ट ऑफिस की सभी स्कीमों के नियम अलग-अलग हैं. FD, RD, MIS, KVP या SCSS में पैसा लगाते हैं, तो इन स्कीमों पर टैक्स कट सकता है और ये टैक्स के दायरे में आता है. वहीं PPF, SSA और सेविंग्स अकाउंट के ब्याज पर टीडीएस नहीं काटा जाएगा.
3.क्या जानकारी छिपाना पड़ सकता है भारी?

अब इनकम टैक्स विभाग के पास Annual Information Statement और Form 26AS के तहत आपकी हर ट्रांजैक्शन की डिटेल पहले ही पहुंच जाती है. ऐसे में अगर आपने रिटर्न ब्याज की कमाई नहीं दिखाई और वह आपके AIS में शामिल है, तो इनकम टैक्स विभाग आपको नोटिस भेज सकता है. जानकारी छिपाने की गलती आप पर भारी पड़ सकती है, और आप पर जुर्माना भी लग सकता है. ऐसे में आप अपनी बैलेंस शीट साफ ही रखें.
4.Income from Other Sources कॉलम में क्या-क्या दिखाना जरूरी है?

Income from Other Sources इनकम टैक्स की एक कैटेगरी होती है. इसमें बैंक और पोस्ट ऑफिस का ब्याज,फैमिली पेंशन, शेयर का डिविडेंड, सिक्योरिटीज से मिलने वाला रिटर्न और लॉटरी या गेम शो से जीती गई रकम शामिल है. इतना ही नहीं, अगर आपको मुआवजे पर ब्याज मिला हो या नौकरी छूटने पर कोई कंपनसेशन मिला हो. तो आपको ये सभी रकम इस कॉलम में दिखाना ही पड़ेगा.