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मिडिल ईस्ट युद्ध के बीच गैस और तेल की किल्लत के चलते दाम बढ़ते जा रहे हैं. अब इसी का प्रभाव केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना पर भी देखने को मिल रहा है.
.उज्जवला योजना के देश भर में 10 करोड़ से भी ज्यादा लाभार्थि हैं.
.उज्जवला योजना के तहत लाभार्थियों को एलपीजी गैस सिलेंडर पर 300 रुपये की सब्सिडी मिलती है.
.अब तक साल में 9 एलपीजी गैस सिलेंडरों सब्सिडी मिलती थी.
.अब साल में सिर्फ 4 एलपीजी गैस सिलेंडरों पर ही सब्सिडी मिलेगी.
मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध के बीच देश में लगातार पेट्रोल डीजल से लेकर गैस के दामों में बढ़ोतरी की जा रही है. अब इसका असर उज्जवला योजना पर भी देखने को मिलेगा. इसकी वजह सरकार द्वारा प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के तहत लाभर्थियों के मिलने वाले गैस सिलेंडरों में कटौती करना है, जिसकी वजह से 10 करोड़ लोग प्रभावित होंगे.
प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के नियमों के तहत अब सिर्फ 4 गैस सिलेंडरों को भरवाने पर सब्सिडी मिलेगी. इसमें 300 रुपये का डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर मिलेगा. वहीं इससे पहले साल भर में औसतन 9 गैस सिलेंडरों पर सब्सिडी मिलती थी, लेकिन गैस की किल्लत और लगातार बढ़ते दामों के बीच सरकार ने इसे घटाकर 4 कर दिया है. इसका सीधा प्रभाव करोड़ों लोगों को पर पड़ा है.
प्रधानमंत्री उज्जवला योजना की शुरुआत आज से 10 साल पूर्व मोदी सरकार ने 2016 में की थी. पेट्रोलियम मिनिस्ट्री के अनुसार, इस योजना के तहत साफ सुथरा ईंधन करोड़ों घरों तक पहुंचाया गया. इसमें महिलाओं को सशक्त बनाने से लेकर जीवन में सुधार की मदद की. इस योजना के तहत करोड़ों घरों में फायदा पहुंचा. यही वजह है कि अब तक गरीब परिवारों की महिलाओं को 10.5 करोड़ से ज्यादा मुफ्त एलपीजी कनेक्शन दिए गये
उज्जवला योजना के तहत मोदी सरकार एलपीजी सिलेंडर हर किसी तक पहुंचाने के लिए 14.2 किलोग्रमा के घरेलू एलपीजी सिलेंडर सब्सिडी देती है. इसकी शुरुआत 200 की सब्सिडी से की थी, लेकिन अक्टूर 2023 में इसे बढ़ाकर 300 रुपये प्रति सिलेंडर कर दिया गया था. यह योजना लगातार लाभार्थियों को मिल रही हैं. LPG Subsidy का पैसा गैस सिलेंडर भरवाते ही लाभार्थियों के बैंक खातों में सीधे आ जाता है. वहीं सरकार अब तक एलपीजी सब्सिडी के रूप में 52 हजार करोड़ रुपये दे चुकी है.
मिडिल ईस्ट युद्ध के बीच भारत में भी तेल और गैस का संकट गहराता जा रहा है. इस दौरान गैस कंपनियों का दावा है कि लगातार नुकसान हो रहा है. कंपनियों का दावा है कि हाल में घरेलू 14.2 किलोग्राम के गैस सिलेंडर पर लगभग 700 रुपये का घाटा हो रहा है, ऐसे में सरकार की सब्सिडी भी जारी है, लेकिन अब इसमें सिलेंडरों की संख्या में कटौती कर दी गई है. उज्ज्वला योजना के तहत पहले साल में 12 गैस सिलेंडरों पर 300 रुपये की सब्सिडी मिलती थी. इसे घटाकर सरकार ने 9 कर दिया था, लेकिन अब इसे 4 कर दिया है. यानी उज्जवला योजना के तहत गैस सिलेंडर लेने वालों को अब सिर्फ साल में 4 गैस सिलेंडरों पर ही सब्सिडी मिलेगी. वहीं पेट्रोलियम मिनिस्ट्री की ओर से इस कदम को वित्तीय सहायता को वास्तविक औसत घरेलू खपत के स्तर के अनुरूप बनाने वाला बताया गया है.
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