Advertisement
हिंदी न्यूज़यूटिलिटी

Recycling of Currency Notes: बैंक में नोटों को नष्ट करने के बाद क्या होता है इनका? जानिए यहां

Recycling of Currency Notes: सरकार ने हाल ही में 2 हजार रुपये के नोटों को चलन से बाहर कर दिया है. ऐसे में सोचने वाली बात है कि क्या नष्ट किए गए नोटों का क्या होता है?

Latest News
Recycling of Currency Notes: बैंक में नोटों को नष्ट करने के बाद क्या होता है इनका? जानिए यहां

Recycling of Currency Notes

Add DNA as a Preferred Source

डीएनए हिंदी: चलन से बंद करेंसी नोटों को जब बैंको द्वारा वापस लिया जाता है, तो इसको नष्ट कर दिया जाता है. नष्ट करने के बाद इन नोटों को ईंटे या कंप्रेस करके ठोस गत्ता बना दिया जाता है. नोटों को नष्ट करने की प्रक्रिया रिर्जव बैंक (RBI) द्वारा इसके ऑफिसों में ही किया जाता है. भारत में रिजर्व बैंक के पुरे 19 ऑफिस हैं. इन 19 ऑफिसों मे टोटल 27 मशीनें हैं. इन 27 मशीनों द्वारा ही करेंसी नोटों को छोटे- छोटे टुकड़ो में कतरा जाता है. कतरने के बाद कतरन वाली नोट को कंप्रेस करके गत्ते बना दिए जाते हैं .  

इन कतरन वाली नष्ट नोटों का फिर क्या होता है?

आरबीआई इन कतरन वाली नोटों का इस्तेमाल करते समय पर्यावरण का और आर्थिक परिस्थितियों का भी बहुत ध्यान रखती है. इन नष्ट नोटों का इस्तेमाल ऊर्जा के तौर पर भी करती  हैं . नष्ट नोटों का उपयोग गत्ते बनाने, कैलेंडर बनाने और पेपर -वेट बनाने में भी किया जाता है. इनके अलावा इन नष्ट नोटों से पेन बॉक्स, टी कॉस्टर, कप और छोटे ट्रे भी बनाए जाते हैं. अमेरिका में भी नोटों को नष्ट किया जाता है. अमेरिका में नोटों को नष्ट करने का काम वहां की सीक्रेट सर्विस करती है. वहां भी नष्ट किए गए नोटों का इस्तेमाल गिफ्ट आइटम्स बनाने में किया जाता है. 

भारत समेत कई ऐसे देश हैं, जहां नष्ट की गई करेंसी के बने ठोस गत्ते को जमीन के अंदर दबा दिया जाता है. हालांकि , इससे किसी को कोई फायदा नहीं होता, और यह पर्यावरण के लिए भी अनुकूल साबित नहीं होता है. इससे किसी को भी आर्थिक लाभ नहीं मिलता. नष्ट की गई करेंसी को रीसाइकिल करने के लिए भी सिक्योरिटी, टेक्नोलॉजी, इकोनॉमिकली और पर्यावरणीय बातों का ध्यान रखना होता है. 

हमारे देश जैसा ही दुनिया के अन्य देशों में भी नष्ट करेंसी को उपयोग में लाने के लिए अलग- अलग तरीकों का उपयोग करते हैं . ऐसे ही ब्रिटेन में नष्ट करेंसी को जलाने का तरीका अपनाया जाता है. बेकार करेंसी के गत्ते बहुत आसानी से और तेजी से जलते हैं, इसलिए इन्हें कचरा जलाने के संयंत्रो में डाल दिया जाता है. जिससे  कचरें का निपटारा हो सकें. दुनियाभर में बढ़ते कचरें की समस्या देखते हुए , ब्रिटेन का यह कदम भी एक सकारात्मक कदम है. हालांकि शर्त बस इतनी है कि इसे फ्लू गैस ट्रीटमेंट सिस्टम से लैस किया जाए.

देश-दुनिया की ताज़ा खबरों Latest News पर अलग नज़रिया, अब हिंदी में Hindi News पढ़ने के लिए फ़ॉलो करें डीएनए हिंदी को गूगलफ़ेसबुकट्विटर और इंस्टाग्राम पर.

Read More
Advertisement
Advertisement
Advertisement