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EPFO: अगर आपके पास भी है दो या उससे ज्यादा PF अकाउंट तो घर बैठे ऐसे करें मर्ज, जानें स्टेप बाई स्टेप प्रॉसेस

किसी भी पीएफ अकाउंट में 36 महीने तक कोई भी डिपोजिट या विड्रॉल न होने पर EPFO उस अकाउंट को कैंसिल कर देता है.

EPFO: अगर आपके पास भी है दो या उससे ज्यादा PF अकाउंट तो घर बैठे ऐसे करें मर्ज, जानें स्टेप बाई स्टेप प्रॉसेस

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डीएनए हिंदीः अगर आपके पास दो या उससे ज्यादा पीएफ अकाउंट्स हैं और उन्हें मर्ज करने की सोच रहे हैं तो यह खबर आपके लिए काफी काम की हो सकती है. इसमें हम आपको बताएंगे कि कैसे आप अपने दो या उससे ज्यादा अकाउंट्स को घर बैठे आसानी से एक में मर्ज कर सकते हैं. इससे न सिर्फ आपको दो-दो अकाउंट्स को चेक करने की जरूरत पड़ेगी बल्कि सभी पीएफ अकाउंट्स को एक में मर्ज करने के बाद इससे कलेक्ट होने वाला इंट्रेस्ट भी बढ़ जाएगा. इसके साथ ही आपको अलग-अलग अकाउंट्स को अपडेट करने की झंझट से भी छुटकारा मिल जाएगा. 

दो या उससे ज्यादा पीएफ अकाउंट्स को मर्ज करने की प्रक्रिया बेहद सरल है और आप इसे घर बैठे आसानी से कर सकते हैं. आपको बता दें कि अगर आप दूसरे कंपनी में जॉइन करते हैं और अपना पुराना UAN नंबर देते हैं तो आपका पुराना अकाउंट नए अकाउंट से लिंक नहीं किया जा सकता है. इसका मतलब है कि आपके पुराने अकाउंट में जमा किए गए पैसे को नए अकाउंट में ट्रांसफर नहीं किया जा सकता है. ऐसे में यह जरूरी हो जाता है कि इन पीएफ अकाउंट्स को मर्ज कर दिया जाए जिससे पुराने फंड्स नए अकाउंट में जुड़ जाएं. 

ऐसे मर्ज कर सकते हैं अपने सभी पीएफ अकाउंट्स

1- सबसे पहले तो ईपीएफओ (EPFO) के unifiedportal-mem.epfindia.gov.in पोर्टल पर जाएं.
2- इसके बाद लॉगिन करें और वन मेंबर वन ईपीएफ अकाउंट पर क्लिक करें.
3- ऐसा करने के बाद आपकी पर्सनल जानकारी स्क्रीन पर दिख जाएगी जिसमें आपके सभी अकाउंट्स की डिटेल्स मौजूद होंगी.
4- अपनी पिछले अकाउंट को नए अकाउंट से जोड़ने के लिए आपको पुराने या नए एम्पलॉयर को प्रमाणित करना होगा. 
5- इसके बाद डिटेल्स पाने के लिए अपना पिछला UAN, पिछला पीएफ अकाउंट नंबर और पिछला मेंबर आईडी दर्ज करें.
6- इसके बाद ओटीपी दर्ज करने के बाद आपकी रिक्वेस्ट सबमिट हो जाएगी. 
7- इसके बाद मौजूदा एम्पलॉयर से परमिशन मिलने के बाद आपका पुराना अकाउंट नए अकाउंट से जुड़ जाएगा. 

बता दें कि EPFO के अनुसार अगर आपके पीएफ अकाउंट में 36 महीने यानी 3 साल तक कोई भी डिपोजिट या विड्रॉल नहीं होता है तो आपका पीएफ अकाउंट कैंसिल हो जाएगा. कोई ट्रांजेक्शन न होने के कारण EPFO इसे नॉन-ऑपरेटिव अकाउंट के रूप में क्लासिफाई कर देता है जिसका मतलब होता है कि वह पीएफ अकाउंट एक्टिव नहीं है.

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