यूटिलिटी
अब EPFO ने अपने सदस्यों के लिए व्हाट्सएप सेवा शुरू कर दी है. इस पर ईपीएफओ सभी छोटे से बड़े अपडेट डालेगा. इसकी मदद से लोग को अपडेट मिलने के साथ ही उन्हें छोटी छोटी समस्याओं के लिए दफ्तर के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी.
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन यानी ईपीएफओ ने अब व्हाट्सएप चैनल की शुरुआत कर दी है. अब आपको पीएम संबंधित कोई भी जानकारी आसानी व्हाट्सएप पर मिल सकती है. इसका ऐलान खुद पीएम अफसरों ने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर किया है. अब आपकी समस्या का निदान से लेकर ईपीएफओ के सभी अपडेट्स व्हाट्सएप अकाउंट पर मिल जाएंगे. इसके लिए आपको लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा.
नौकरीपेशा लोगों के लिए पीएफ सिर्फ एक बचत नहीं, बल्कि उनका कल सुरक्षित करने का सबसे बड़ा सहारा होता है, लेकिन दिक्कत तब आती है, जब नियमों में बदलाव, एडवांस निकासी या फिर केवाईसी से जुड़े अपडेट समय पर न मिल पाने के कारण क्लेम अटक जाते हैं. इस परेशानी को खत्म करने के लिए EPFO ने अपना आधिकारिक WhatsApp चैनल लॉन्च कर दिया है. अब सरकारी घोषणाएं या काम की जानकारियां किसी जटिल पोर्टल पर खोजने के बजाय सीधे आपके फोन की स्क्रीन पर नोटिफिकेशन बनकर आ जाएंगी.
ईपीएफओ के आधिकारिक चैनल से जुड़ना बेहद आसान है. इसके लिए आपको किसी लंबी प्रक्रिया से गुजरने की जरूरत नहीं है. आपको सबसे पहले EPFO द्वारा जारी किए गये ऑफिशियल लिंक जैसे कि आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर शेयर किया गया WhatsApp चैनल लिंक पर क्लिक करना होगा. इसके बाद आप सीधे WhatsApp के उस वेरिफाइड चैनल पर पहुंच जाएंगे, जहां Follow का बटन दबाते ही आप इस सुरक्षित नेटवर्क का हिस्सा बन जाएंगे. एक बार इससे जुड़ने के बाद, आगे आने वाले सभी जरूरी सर्कुलर, नियम बदलाव और महत्वपूर्ण सूचनाएं आपको बिना किसी झंझट के मिलने लगेंगी.
इस चैनल की सबसे खास बात यह है कि यहां सिर्फ टेक्स्ट मैसेज या नोटिस नहीं भेजे जाएंगे. EPFO इस प्लेटफॉर्म के जरिए आसान वीडियो और एजुकेशनल लिंक्स भी शेयर कर रहा है.
-किसी मेडिकल इमरजेंसी या जरूरत के वक्त पीएफ का एडवांस पैसा कैसे निकाला जाता है.
-प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना (PMVBRY) के तहत मिलने वाले फायदों की पूरी प्रक्रिया क्या है?
आपके इन सभी सवालों के जवाब आपको स्टेप-बाय-स्टेप वीडियो फॉर्मेट में आसानी से समझ व्हाट्सएप पर मिल जाएंगे, जिससे आपको किसी बिचौलिए या एजेंट की मदद लेने की जरूरत ही नहीं पड़ेगी.
आम तौर पर देखा गया है कि तकनीकी पेचीदगियों और लचर जानकारी के अभाव में आम आदमी का पैसा या तो महीनों तक अटका रहता है या फिर उसे दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ते हैं. EPFO का यह कदम डिजिटल इंडिया की पहल को और मजबूत करता है. आज के समय में WhatsApp का इस्तेमाल लगभग हर स्मार्टफोन यूजर करता है. इसलिए क्षेत्रीय भाषा और स्थानीय पहुंच के साथ यह पहल नौकरीपेशा वर्ग के लिए एक डिजिटल कवच की तरह काम करेगी. अब आपको अपने ही पैसों की जानकारी के लिए किसी पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं है, बस एक क्लिक करने पर आपको सारी जानकारी मिनटों में मिल जाएगी.