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गर्मियों में लोगों को एसी में सोना तो काफी अच्छा लगता है, लेकिन इसके कई नुकसान भी हैं. कई बार एसी से गैस लीक होती है और कमरा बंद होने की वजह से ये जानलेवा हो सकता है.
गर्मियों में सभी एसी की ठंडक में आराम से सोना काफी पसंद करते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि एसी जितनी आरामदायक है उतना ही नुकसानदायक होता है. अभी दो तीन दिन पहले दिल्ली के एक घर में एसी की गैस लीक होने से चार लोगों की मौत हो गई. ये सभी एसी के मैकेनिक थे. ऐसे हादसे भारत और दुनिया में आए दिन होते रहते हैं. भारत ही नहीं कई देशों में एसी की गैस लीक होने से कई हादसे हो चुके हैं. आप लोगों को ऐसी खबर सुनने मिलती होगी. आमतौर पर इन सारे मामलों में एसी से गैस लीक हुई और कमरे में सोए लोगों की दम घुटने से मृत्यु हो गई.
कुछ देशों में अवैध तरीके से एसी गैस भरने या खराब वेंटिलेशन वाले कमरों में मौतें की ज्यादा खबरें सामने आई हैं. सामान्य तौर पर घरों और दफ्तरों में इस्तेमाल होने वाले एयर कंडीशनर (AC) सुरक्षित होते हैं, लेकिन कुछ स्थितियों में यह खतरनाक हो सकते हैं, खासतौर पर अगर AC में गैस लीक हो जाए, या सही वेंटिलेशन न हो, या पुराना या खराब रखरखाव वाला AC हो.
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AC चलाते समय दरवाजे-खिड़कियां बंद रखना चाहिए ताकि, ठंडी हवा बाहर न निकले. कमरे का तापमान जल्दी नियंत्रित हो सके. इससे बिजली भी बचती है लेकिन अगर पूरी रात एसी चलाना हो तो कोई ऐसी जगह कमरे में जरूर होनी चाहिए कि वेंटीलेशन हो सके. इसलिए कमरे का दरवाजा हल्का सा खोलने में बुराई नहीं है. कमरा पूरी तरह हवादार होना चाहिए. यानी कमरे में अगर एसी का गैस रिसाव हो जाए, तो हवा बाहर निकलने का कोई रास्ता या ऑक्सीजन आने का कोई जरिया होना जरूरी है.
अगर AC और कमरे में लगातार कई घंटे रहें, तो समय-समय पर दरवाजा खोलकर थोड़ी ताजी हवा अंदर आने देना चाहिए. इससे ऑक्सीजन लेवल बना रहता है. CO₂ का स्तर नहीं बढ़ता. ऐसे में आप ये बात ध्यान रखें कि कमरे को कभी पूरी तरह से बंद न क रें.हर 2-3 घंटे में कम से कम 5 मिनट के लिए ताजी हवा अंदर आने दें. जब भी आप AC की सर्विसिंग कराएं तो रेफ्रिजरेंट लीक टेस्ट जरूर कराएं.
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