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Zomato ने दिसंबर तिमाही के नतीजे पेश कर दिए हैं. दिसंबर तिमाही के नतीजे में कंपनी की आय बढ़ी है.
डीएनए हिंदी: ऑनलाइन फूड डिलीवरी कंपनी Zomato के शेयर ने निवेशकों को निराश किया है. 1 महीने में ये शेयर 28 फीसदी टूटा है. अब Zomato ने दिसंबर तिमाही के नतीजे पेश किए हैं. दिसंबर तिमाही में जोमैटो की आय भी बढ़ी है और घाटा भी घटा है.
Zomato का कितना घाटा घटा
अक्टूबर-दिसंबर के बीच जोमैटो (Zomato) का घाटा कम होकर 63 करोड़ रुपये रह गया है. कंपनी को पिछले साल समान अवधि में 352 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था. वहीं सितंबर तिमाही में कंपनी को 429 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था. तीसरी तिमाही में आय तिमाही आधार पर 82.7 फीसदी बढ़कर 1,112 करोड़ रुपये रही जो सितंबर तिमाही में 609 करोड़ 40 लाख रुपये थी. वहीं कंपनी के एडजस्टेड रेवेन्यू की बात करें तो सालाना आधार पर यह 78 फीसदी बढ़कर 1,420 करोड़ रुपये रहा. Zomato की ग्रॉस ऑर्डर वैल्यू दिसंबर तिमाही में सालाना आधार पर 84.5 फीसदी बढ़कर 5 हजार 500 करोड़ रुपये रही.
Zomato की क्विक ई-कॉमर्स में एंट्री की तैयारी
ऑनलाइन फूड डिलीवरी कारोबार में जोमैटो लीडर है. जोमैटो का सीधा मुकाबला स्विगी से है. जोमैटो की अब क्विक ई-कॉमर्स में तेजी से विस्तार की योजना है. क्विक ईकॉमर्स कारोबार में जोमैटो 40 करोड़ डॉलर का निवेश करेगी. पिछले कुछ वर्षों में क्विक ई-कॉमर्स में जोमैटो ने 225 मिलियन डॉलर का निवेश किया है. जोमैटो की Blinkit , Shiprocket और Magicpin में हिस्सेदारी है. जोमैटो non-banking finance company यानी NBFC बनाने की भी तैयारी है. यानी जोमैटो अभी फाइनेंस कारोबार में भी हाथ अजमायेगी.
Zomato का शेयर कितना टूटा
पिछले कुछ महीनों में जोमैटो के शेयर के प्रदर्शन ने निवेशकों को निराश किया है. पिछले 1 महीने में जोमैटो का शेयर 28 फीसदी टूटा है. 1 जनवरी से अब तक ये शेयर 33 फीसदी गिरा है. अब दिसंबर तिमाही के नतीजों के बाद शेयर का प्रदर्शन कैसा रहता है ये देखने वाली बात होगी.
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