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Big bank earnings weekend effect on stock market: शुक्रवार को निफ्टी के 24,300 पार करने के बाद शनिवार को रिलायंस और 5 बड़े बैंकों के नतीजे आए हैं. यह लेख विश्लेषण करता है कि कैसे वीकेंड पर रिटेल निवेशकों के 'होमवर्क' के बाद सोमवार को बाजार में बड़ा उलटफेर हो सकता है.
अगर आप भी शेयर बाजार में पैसा लगाते हैं और शुक्रवार की रिकॉर्ड तेजी को देखकर वीकेंड पर चैन की नींद सो रहे थे, तो शायद आपने शनिवार का बड़ा घटनाक्रम मिस कर दिया. बाजार बंद होने के बाद रिलायंस इंडस्ट्रीज समेत देश के 5 सबसे बड़े बैंकों के तिमाही नतीजे एक साथ बाहर आए हैं. अमूमन दो दिनों की छुट्टी में निवेशक आराम करते हैं, लेकिन इस बार सोशल मीडिया से लेकर वाट्सएप ग्रुप्स तक पर रिटेल इनवेस्टर्स केवल इन नतीजों का कैल्कुलेशन करने में जुटे रहे. मार्केट एक्सपर्ट देवकृष्ण पांडेय का कहना है कि अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि सोमवार की सुबह जब घंटी बजेगी, तो क्या शुक्रवार का ब्रेकआउट एक बड़ा धोखा यानी फेकआउट साबित होगा, या फिर बाजार एक नई ऊचाई की तरफ रॉकेट बनेगा? चलिए सोमवार के बाजार का हाल एक्सपर्ट के नजरिए से समझते हैं.
भारतीय शेयर बाजार का एक बड़ा हिस्सा रिलायंस और इन 5 बड़े बैंकों की चाल से तय होता है. शुक्रवार को जब निफ्टी ने 24,300 का स्तर पार किया, तो हर तरफ जश्न का माहौल था. लेकिन शनिवार को जो कॉर्पोरेट नतीजों का 'ब्लैक बॉक्स' खुला है, उसने निवेशकों के सामने एक नई पहेली खड़ी कर दी है. अमूमन इतने बड़े रिजल्ट्स एक साथ नहीं आते. रिटेल निवेशकों ने इस वीकेंड पर जमकर होमवर्क किया है. उन्होंने हर एक बैंक के एनपीए और रिलायंस के मुनाफे के आंकड़ों को खंगाला है. इसका सीधा मतलब यह है कि सोमवार को बाजार किसी तकनीकी चार्ट को देखकर नहीं, बल्कि इन भारी-भरकम नतीजों पर रिएक्ट करेगा.
देव कहते हैं कि एक आम निवेशक के तौर पर आपको यह समझना होगा कि जब बाजार में इतनी बड़ी खबरें एक साथ आती हैं, तो शुरुआती एक-दो घंटे बहुत वोलटाइल होते हैं. अगर आपने किसी एक शेयर में शुक्रवार की तेजी देखकर पोजीशन बनाई थी, तो सोमवार सुबह की हलचल आपके पोर्टफोलियो को हिला सकती है. एक्सपर्ट्स का मानना है कि ऐसे माहौल में रिटेल इनवेस्टर्स अक्सर पैनिक में आकर गलत फैसले ले लेते हैं. अगर नतीजे उम्मीद से थोड़े भी कमजोर रहे, तो मुनाफावसूली की आंधी आ सकती है, जिससे छोटे निवेशकों को भारी नुकसान होने का डर रहता है. इसलिए सोमवार को बाजार खुलते ही कूदने की बजाय स्थिरता का इंतजार करना समझदारी होगी.
इस पूरी कहानी में एक छुपा हुआ पहलू भी है जिसे बहुत कम लोग नोटिस कर रहे हैं. शुक्रवार को बाजार को ऊपर ले जाने में कुछ चुनिंदा सेक्टर्स का हाथ था. लेकिन जब रिलायंस और बैंकिंग सेक्टर के नतीजे एक साथ टेबल पर आ गए हैं, तो अब फंड मैनेजर्स और बड़े इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (FIIs) अपने पोर्टफोलियो को री-बैलेंस करेंगे. यानी हो सकता है कि पैसा इन बड़े शेयरों से निकलकर मिडकैप या अन्य सेक्टर्स में शिफ्ट हो जाए. अगर ऐसा हुआ, तो निफ्टी में ऊपरी स्तरों पर भारी दबाव दिखेगा और शुक्रवार की तेजी सिर्फ एक छलावा बनकर रह जाएगी, जिसे मार्केट की भाषा में फेकआउट कहते हैं.
बाजार के जानकारों के अनुसार, इस समय निफ्टी के लिए 24,100 का स्तर एक बेहद मजबूत सपोर्ट का काम कर रहा है, जबकि शुक्रवार का उच्चतम स्तर 24,367 एक बड़ा रेजिस्टेंस है. आम लोगों के लिए सलाह यही है कि सोमवार को सुबह 9:15 बजे मार्केट ओपन होते ही आक्रामक बाइंग या सेलिंग करने से बचें. वीकेंड के होमवर्क के बाद मार्केट के बड़े प्लेयर्स पहले आधे घंटे में अपनी चाल चलेंगे, उस दिशा को समझने के बाद ही कोई नया ट्रेड लेना आपकी गाढ़ी कमाई को सुरक्षित रख सकता है.
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