Advertisement

क्यों दिग्गजों की लड़ाई में इस सेक्टर्स के भागने की उम्मीद सबसे ज्यादा है? बदला दलाल स्ट्रीट का मिजाज-एक्सपर्ट ने बताया कमाई का नया ठिकाना

What can be expected in stock market today, Monday? शेयर बाजार में बड़े और दिग्गज शेयरों की सुस्ती के बीच मिडकैप और निफ्टी मीडिया जैसे हाई-बीटा सेक्टर्स में अचानक हलचल तेज हो गई है. 20 जुलाई को निवेशकों की नजरें इन छोटे लेकिन तेजी से भागने वाले सेक्टर्स पर टिकी हैं, जो कम समय में बड़ा मुनाफा देंगे.

Latest News
क्यों दिग्गजों की लड़ाई में इस सेक्टर्स के भागने की उम्मीद सबसे ज्यादा है? बदला दलाल स्ट्रीट का मिजाज-एक्सपर्ट ने बताया कमाई का नया ठिकाना

बड़े शेयर्स की खामोशी के बीच क्या ये हाई-बीटा स्टॉक्स मचाएंगे तहलका? (फोटो एआई)

Add DNA as a Preferred Source
  • दिग्गज शेयरों में दिखी बड़ी सुस्ती
  • हाई-बीटा सेक्टर्स में आई तेजी
  • निफ्टी मीडिया पर टिकीं नजरें
  • छोटे शेयरों से बड़ा मुनाफा
  • 20 जुलाई को बड़ा उलटफेर

Major upheaval could hit lesser-known sector in stock market on July 20:  क्या आप भी हर बार आईटी और भारी-भरकम बैंकिंग शेयर्स के भरोसे बैठे रहते हैं? अगर हां, तो शायद आप बाजार की एक बहुत बड़ी खामोश लहर को मिस कर रहे हैं. जब रिलायंस, टीसीएस या एचडीएफसी बैंक जैसे दिग्गज शेयर एक दायरे में फंसकर सुस्ताने लगते हैं, तो दलाल स्ट्रीट के कुछ 'डार्क हॉर्स' चुपके से रेस जीत जाते हैं. इस बार 20 जुलाई की तारीख को लेकर बाजार के जानकारों के बीच एक अलग ही सुगबुगाहट है. हर कोई यह जानने को बेताब है कि दिग्गजों की इस आपसी लड़ाई और ठहराव के बीच निफ्टी मीडिया और मिडकैप सेक्टर्स कैसे बाजी मारने को तैयार बैठे हैं. चलिए सोमवार को बाजार का रुख और किस सेक्टर के उभरने के चांस ज्यादा होंगे मार्केट एक्सपर्ट देवकृष्ण पांडेय से समझते हैं.

हाई-बीटा और मीडिया सेक्टर्स की अनसुनी कहानी क्या है?

देव कहते हैं कि आमतौर पर निवेशक उन सेक्टर्स की तरफ भागते हैं जो रोज खबरों में रहते हैं. लेकिन असली पैसा अक्सर वहां बनता है जहां भीड़ की नजर नहीं होती. निफ्टी मीडिया और कुछ खास हाई-बीटा सेक्टर्स इस समय इसी भूमिका में नजर आ रहे हैं. हाई-बीटा शेयर्स का मतलब होता है वो स्टॉक जो बाजार की चाल से कहीं ज्यादा तेजी से ऊपर या नीचे भागते हैं. जब मार्केट में बड़े शेयर्स कंसोलिडेट यानी एक ही जगह टिके होते हैं, तब इन छोटे और आक्रामक सेक्टर्स में लिक्विडिटी शिफ्ट होने लगती है. यही वजह है कि मीडिया इंडेक्स इस समय रडार पर आ गया है, जिसे अब तक कई लोग नजरअंदाज कर रहे थे.

निवेशक के लिए इसके क्या मायने हैं?

एक आम रिटेल इनवेस्टर के तौर पर आपके लिए यह समझना जरूरी है कि जब बड़े हाथी ठहरते हैं, तो छोटे घोड़े तेजी से दौड़ते हैं. अगर आपका पूरा पोर्टफोलियो सिर्फ भारी-भरकम और धीमे चलने वाले लार्जकैप शेयरों से भरा है, तो शायद इस रैली में आपकी कमाई थम सी जाए. मिडकैप और मीडिया सेक्टर्स में आने वाली यह तेजी छोटे निवेशकों को कम समय में अपने पोर्टफोलियो का रिटर्न बढ़ाने का एक बेहतरीन मौका देती है. हालांकि, हाई-बीटा होने के कारण इसमें जोखिम भी उतना ही होता है, इसलिए समझदारी से कदम बढ़ाना जरूरी है.

बाजार का वो एंगल कौन सा है जो कोई नहीं देख रहा?

इस पूरी कहानी का एक दिलचस्प पहलू यह है कि जब भी बाजार में बड़े सेक्टर्स में वैल्यूएशन बहुत ज्यादा बढ़ जाता है, तो बड़े फंड मैनेजर्स अपना पैसा उन जगह डालना शुरू करते हैं जहां ग्रोथ की गुंजाइश बची हो. मीडिया और मिडकैप सेक्टर्स पिछले कुछ समय से शांत थे, जिसके कारण इनके वैल्युएशन काफी आकर्षक हो चुके हैं. 20 जुलाई की हलचल के पीछे यही बड़ा कारण है कि स्मार्ट मनी अब इन दबे हुए सेक्टर्स में एंट्री ले रहा है, जिससे यहां अचानक एक बड़ी रैली की जमीन तैयार हो रही है.

बाजार की इस नई चाल से क्या सीखें?

देव कहते हैं कि शेयर बाजार का यह ट्रेंड साफ संकेत देता है कि हर समय एक ही सेक्टर का बोलबाला नहीं रहता. अगर आप बाजार में टिके रहना चाहते हैं और लगातार मुनाफा कमाना चाहते हैं, तो आपको सेक्टोरल रोटेशन को समझना होगा. आईटी और बैंकिंग बेशक पोर्टफोलियो की रीढ़ हैं, लेकिन मिडकैप और मीडिया जैसे हाई-बीटा सेक्टर्स वह तड़का हैं जो आपके मुनाफे को दोगुना कर सकते हैं. आने वाले दिनों में इन सेक्टर्स की चाल यह तय करेगी कि बाजार का अगला रुख किस तरफ होने वाला है.

अपनी राय और अपने इलाके की खबर देने के लिए जुड़ें हमारे गूगलफेसबुकx,   इंस्टाग्रामयूट्यूब और वॉट्सऐप कम्युनिटी से. 

Read More
Advertisement
Advertisement
Advertisement