Advertisement

The Uber files: जानिए कौन हैं माइक मैकगैन जिन्होंने खोल दी कंपनी की पोल-पट्टी

Mike Macgann Uber: मैकगैन का मानना ​​​​है कि उबर ने जानबूझकर कम से कम एक दर्जन देशों में कानूनों की अवहेलना की और कंपनी के गिग-इकोनॉमी मॉडल के ड्राइवरों को होने वाले लाभों के बारे में भी झूठ बोला.

Latest News
The Uber files: जानिए कौन हैं माइक मैकगैन जिन्होंने खोल दी कंपनी की पोल-पट्टी

Mike Macgann Uber

Add DNA as a Preferred Source

डीएनए हिंदी: सोमवार को अब तक का सबसे सनसनीखेज और विवादास्पद मामला लीक हुआ. दरअसल एक अंतरराष्ट्रीय राइड-शेयरिंग और परिवहन कंपनी उबर (Uber) के एक व्हिसलब्लोअर ने कंपनी के कई संदिग्ध लेन-देन का खुलासा किया है. साथ ही इस खुलासे से यह भी पता चला है कि Uber ने किस तरह कई कानूनों को तोड़ा है, आइए समझते हैं.

द गार्जियन के मुताबिक, जिसने 2013 और 2017 से 1,24,000 से अधिक दस्तावेजों के साथ 'उबर फाइल्स' को एक्सेस किया, डेटा "दिखाता है कि कैसे उबर ने प्रधानमंत्रियों, राष्ट्रपतियों, अरबपतियों, कुलीन वर्गों और मीडिया बैरन को समझदारी से समर्थन बढ़ाने की कोशिश की." व्हिसलब्लोअर द्वारा बताई गई जानकारी के मुताबिक, उबर कई मौकों पर कानून तोड़ रहा था और लोकप्रिय राइड-शेयरिंग एप्लिकेशन के गलत पक्ष को दिखाते हुए दुनिया भर में अपने ब्रांड का विस्तार करने के लिए अंतरराष्ट्रीय सरकारों की पैरवी कर रहा था.

माइक मैकगैन कौन है?

उबेर फाइलों को लीक करने के पीछे कंपनी के पूर्व लॉबिस्ट माइक मैकगैन (Mike MacGann) हैं. जिन्होंने हाल ही में कंपनी की कई अवैध गतिविधियों का खुलासा क प्रेस में किया है. मैकगैन द्वारा किए गए खुलासे के जरिए दुनिया के नेताओं, जांचकर्ताओं को धोखा देने और वैश्विक प्रभुत्व की लड़ाई में अपने ड्राइवरों के खिलाफ हिंसा का शोषण करने को लेकर उबर की बखिया उधेड़ी गई थी.

मैकगैन ने कहा कि उसने दुनिया को यह दिखाने के लिए कि कैसे कंपनी दर्जनों कानूनों को तोड़ रही है और कैसे उसने अपने व्यापार मॉडल को उपयोगकर्ताओं और सरकारों से छुपाया है. उन्होंने कहा यह सब देखने के बाद उबर के लिए वर्षों तक काम करने के बाद मैंने अपनी चुप्पी तोड़ने का फैसला किया.

द गार्जियन के साथ माइक मैकगैन के साक्षात्कार के मुताबिक उबर के पूर्व कर्मचारी ने कहा, "मैं सरकारों से बात कर रहा था, मैं ही मीडिया के साथ इसे आगे बढ़ा रहा था, मैं लोगों से कह रहा था कि उन्हें नियम बदलना चाहिए क्योंकि ड्राइवरों को लाभ होने वाला था और लोगों को काफी आर्थिक अवसर मिलने वाला था."

यह भी पढ़ें:  Indian Railways: 196 ट्रेनें हुईं रद्द, कहीं आपकी ट्रेन भी इस लिस्ट में शामिल तो नहीं...

देश-दुनिया की ताज़ा खबरों पर अलग नज़रिया, फ़ॉलो करें डीएनए हिंदी को गूगलफ़ेसबुकट्विटर और इंस्टाग्राम पर.

Read More
Advertisement
Advertisement
Advertisement