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Will price of silver rise further or major drop coming? चांदी के भाव में भारी उछाल के बाद कीमत 2.35 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के पार पहुंच गई है. कमोडिटी एक्सपर्ट देवकृष्ण पांडेय ने निवेशकों को गिरावट पर खरीदारी करने और आंशिक मुनाफावसूली की सलाह दी है.
Opportunity to buy silver not yet passed? क्या आपने भी अपनी तिजोरी में चांदी संभाल कर रखी है या फिर इस बार दिवाली पर सिल्वर के गहने खरीदने का प्लान बना रहे हैं. तो जरा रुकिए और इस ताज़ा खबर पर गौर कीजिए. बाजार में जो हलचल मची है उसने बड़े-बड़े निवेशकों की नीद उड़ा दी है. चांदी ने आज वो मुकाम छू लिया है, जिसके बारे में आम आदमी ने शायद ही कभी सोचा हो.
कीमती धातुओं के बाजार से जो जानकारी सामने आ रही है उसने सबको चौका दिया है. आज यानी 15 सितंबर 2026 को चांदी का भाव आसमान छूते हुए 2,35,520 रुपये प्रति किलोग्राम के पार निकल गया है. अगर हम छोटे हिसाब से देखें तो प्रति 10 ग्राम चांदी की कीमत करीब 2,355 रुपये पर पहुंच गई है. इतने बड़े उछाल को देखकर हर कोई हैरान है कि आखिर धातु में अचानक इतनी आग क्यों लग गई है.
इस पूरे मामले पर जब हमने कमोडिटी मार्केट के जाने माने एक्सपर्ट देवकृष्ण पांडेय से बातचीत की, तो उन्होंने बहुत ही काम की बात बताई. उनका कहना है कि वैश्विक स्तर पर ग्रीन एनर्जी, सोलर पैनल और इलेकट्रॉनिक सेक्टर से चांदी की इंडस्ट्रियल डिमांड लगातार मजबूत बनी हुई है. इस वजह से सप्लाई और डिमांड में बड़ा अंतर पैदा हो रहा है, जिसका सीधा असर कीमतों पर दिख रहा है.
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि इस महंगे बाजार में आम आदमी क्या करे. एक्सपर्ट देवकृष्ण पांडेय की सलाह है कि चांदी में आई हर गिरावट पर बाय ऑन डिप्स की रणनीति अपनानी चाहिए. यदि भाव में 2 से 3 प्रतिशत का भी करेक्टीव डिप यानी हल्की गिरावट देखने को मिले, तो लॉन्ग टर्म निवेशकों को थोड़ा थोड़ा करके अपना पोर्टफोलियो मजबूत करना चाहिए. वहीं जिन लोगों ने नीचे के भाव पर चांदी खरीद रखी है, वे आंशिक मुनाफा यानी पार्सल प्रॉफिट बुकिंग कर सकते हैं. पर ध्यान रहे, पूरी तरह से बाजार से एक्जिट करने की गलती न करें क्योंकि आने वाले महीनों में सप्लाई डेफिसिट की वजह से इसमें फिर से बड़ा उछाल आ सकता है.
इस बेतहाशा तेजी का सीधा असर आपके और हमारे घर के बजट पर पड़ने वाला है. जो लोग शादियों के लिए पायल, बिछिया या बर्तन खरीदने की सोच रहे थे, अब उनका पूरा बजट गड़बड़ा सकता है. इसके अलावा जो छोटे निवेशक कम पैसों में चांदी में निवेश करना चाहते थे, उनके लिए अब मार्केट में एंट्री करना मुश्किल हो गया है. हालांकि अगर आप समझदारी से थोड़ा-थोड़ा करके पैसा लगाते हैं, तो यह घाटे का सौदा नहीं साबित होगा.
कुल मिलाकर देखा जाए तो चांदी का यह सफर अभी रुकने वाला नहीं है. ग्लोबल मार्केट के जो संकेत मिल रहे हैं, उसके हिसाब से उठापटक जारी रहेगी. अगर आप निवेश करने की सोच रहे हैं तो बिना किसी हड़बड़ी के एक्सपर्ट की राय लेकर ही कदम आगे बढ़ाएं.
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