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Why July 31 deadline is crucial: 31 जुलाई की आखिरी तारीख से पहले आईटीआर भरने की टेंशन हर टैक्सपेयर के दिल में बैठ गई है, अगर आप भी कागजात जुटाने में लगे हैं तो जान लें कि डेडलाइन चूकी तो भारी नुकसान और पेनाल्टी आपकी जेब पर सीधा असर डालेगी.
What happens if you miss the deadline for filing your ITR? टैक्स फाइलिंग का मौसम आते ही सबके मन में बस एक ही सवाल घूमता है कि क्या इस बार भी तारीख आगे बढ़ेगी या नहीं. चार्टर्ड अकाउंटेंट मनोज अग्रवाल के मुताबिक इस साल सरकार की तरफ से साफ संकेत हैं कि तय समय सीमा में कोई ढील मिलने की उम्मीद बेहद कम है. अगर आप आखरी दिन का इंतजार कर रहे हैं तो यह लापरवाही आपके बैंक बैलेंस को सीधे तौर पर चोट पहुंचा सकती है. समय पर रिटर्न फाइल न करने से न केवल अतिरिक्त जुर्माना भरना पड़ता है बल्कि कई तरह की सरकारी योजनाओं और लोन लेने की प्रक्रिया में भी रुकावट आ सकती है.
मनोज बताते हैं कि अगर आप 31 जुलाई की मियाद को पार कर जाते हैं तो इनकम टैक्स विभाग के नियमों के तहत आप पर आर्थिक दंड लगाया जाएगा. जानकारों के अनुसार जिनकी सालाना आय तय सीमा से ज्यादा है उन्हें लेट फीस के रूप में पांच हजार रुपये तक चुकाने पड़ सकते हैं. हालांकि जिनकी आय कम है उनके लिए यह जुर्माना एक हजार रुपये तक सीमित रहता है. इसके अलावा सबसे बड़ा दर्द यह होता है कि समय पर रिटर्न न भरने पर आपको रिफंड पर मिलने वाला ब्याज भी हाथ से धोना पड़ता है, जिससे छोटी सी लापरवाही भी बड़ा घाटा बन जाती है.
बहुत से लोग यह सोचते हैं कि टैक्स रिटर्न सिर्फ सरकार को हिसाब देने का जरिया है, लेकिन असल जिंदगी में इसका ताल्लुक आपके सपनों से भी जुड़ा है. जब आप नया घर खरीदने के लिए होम लोन के वास्ते बैंक जाते हैं तो बैंक सबसे पहले पिछले सालों के आईटीआर मांगता है. इसी तरह विदेश यात्रा या वर्क वीजा के लिए एंबेसी में भी इनकम टैक्स के कागजात जमा करने होते हैं. डेडलाइन चूकने का मतलब है कि आपके हाथ में जरूरी दस्तावेज नहीं होंगे और आपके जरूरी काम डब्बे में बंद रह सकते हैं.
जल्दबाजी में अक्सर लोग बिना सोचे-समझे अपना फॉर्म भर देते हैं ताकि किसी तरह आखिरी तारीख से पहले पीछा छूटे. सीए मनोज अग्रवाल का यह मानना है कि रिटर्न भरते समय बैंक डिटेल, फॉर्म सोलह और टीडीएस का मिलान बेहद सावधानी से किया जाना चाहिए. अगर आंकड़ों में जरा सी भी गड़बड़ पाई गई तो टैक्स विभाग की तरफ से स्क्रूटनी का नोटिस घर पहुंच सकता है. यह नोटिस न सिर्फ मानसिक तनाव बढ़ाता है बल्कि कई बार महीनों तक चक्कर काटने की वजह भी बन जाता है.
सीए मनोज कहते हैं कि अभी भी आपके पास इतना वक्त है कि आप अपने सभी जरूरी दस्तावेजों को एक जगह इकट्ठा कर सकें और बिना किसी हड़बड़ी के अपना रिटर्न सब्मिट कर दें. सीए की सलाह यही कहती है कि आखिरी तारीख की शाम का इंतजार करने के बजाय आज ही अपना काम पूरा कर लें ताकि सर्वर डाउन होने की समस्या से भी बचा जा सके. थोड़ी सी सूझबूझ आपको न केवल फालतू जुर्माने से बचाएगी बल्कि आने वाले पूरे साल के लिए आर्थिक शांति भी देगी.
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