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Why gold rates differ city wise in India: देश के प्रमुख शहरों में सोने के दामों में बड़ा अंतर देखा जा रहा है. इसलिए सोना खरीदने से पहले ये जान लें कि किस शहर से सोना सस्ता है और इसे कब खरीदना ज्यादा फायदेमंद होगा.
क्या आप भी इस वेडिंग सीजन या त्योहारों के लिए सोना खरीदने की सोच रहे हैं? अगर हां, तो रुकिए! पहले यह जान लीजिए कि देश के अलग-अलग शहरों में सोने के भाव एक जैसे नहीं हैं. दिल्ली, मुंबई से लेकर लखनऊ तक, हर शहर की सराफा मंडियों में सोने की कीमतें अलग-अलग चल रही हैं. इस उतार-चढ़ाव के बीच सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या यह सोने और चांदी में पैसा लगाने का बिल्कुल सही समय है, या अभी और इंतजार करना फायदे का सौदा होगा?
सराफा बाजार के जाने-माने एक्सपर्ट देवकृष्ण पांडेय ने इस पूरी स्थिति का गहराई से विश्लेषण किया है. उन्होंने न केवल विभिन्न शहरों में रेट के अंतर की वजह बताई है, बल्कि अगले 3 महीनों का ऐसा सटीक अनुमान भी साझा किया है, जिसे जानकर आप नुकसान से बच सकते हैं.
अक्सर लोग हैरान होते हैं कि एक ही देश में सोने के दाम अलग क्यों होते हैं. एक्सपर्ट देवकृष्ण पांडेय के अनुसार, इस अंतर के पीछे सबसे बड़ा कारण लॉजिस्टिक्स यानी ट्रांसपोर्टेशन की लागत और स्थानीय बाजार की डिमांड है. मुंबई एक पोर्ट सिटी है, जहां विदेशों से आने वाला सोना सीधा पहुंचता है. इस वजह से वहां परिवहन और सुरक्षा का खर्च बेहद कम आता है. यही कारण है कि मुंबई में सोना अक्सर दिल्ली और लखनऊ जैसे अंतर्देशीय (Inland) शहरों के मुकाबले थोड़ा सस्ता मिल जाता है.
दूसरी तरफ, दिल्ली और लखनऊ जैसे शहरों में सोना हवाई मार्ग या सड़क मार्ग से कड़ी सुरक्षा के बीच पहुंचता है. इस लंबी दूरी के कारण ट्रांसपोर्ट का भाड़ा और इंश्योरेंस की लागत बढ़ जाती है, जिसे सराफा एसोसिएशन अंतिम कीमत में जोड़ देते हैं. इसके अलावा, लखनऊ और उत्तर भारत के अन्य शहरों में शादियों के सीजन में सोने की लोकल डिमांड अचानक बहुत तेज हो जाती है, जिससे वहां के स्थानीय डीलर अपने मार्जिन बढ़ा देते हैं. यही वजह है कि लखनऊ में 18 कैरेट, 22 कैरेट और 24 कैरेट तीनों ही श्रेणियों में दाम मुंबई से ज्यादा देखने को मिलते हैं.
| शहर | 18 कैरेट (18K) | 22 कैरेट (22K) | 24 कैरेट (24K) |
| दिल्ली (Delhi) | ₹1,06,025 | ₹1,29,586 | ₹1,41,367 |
| मुंबई (Mumbai) | ₹1,05,754 | ₹1,29,255 | ₹1,41,006 |
| लखनऊ (Lucknow) | ₹1,06,120 | ₹1,29,710 | ₹1,41,510 |
| कोलकाता (Kolkata) | ₹1,05,640 | ₹1,29,115 | ₹1,40,853 |
| बेंगलुरु (Bangalore) | ₹1,06,018 | ₹1,29,578 | ₹1,41,358 |
चांदी की कीमतों में भी अलग-अलग राज्यों में थोड़ा अंतर देखने को मिल रहा है. प्रमुख शहरों में आज चांदी के दाम कुछ इस प्रकार हैं:
| शहर | चांदी का भाव (प्रति 1 किलोग्राम) |
| दिल्ली (Delhi) | ₹2,35,000 |
| मुंबई (Mumbai) | ₹2,34,500 |
| लखनऊ (Lucknow) | ₹2,35,500 |
| चेन्नई (Chennai) | ₹2,70,000 |
| हैदराबाद (Hyderabad) | ₹2,70,000 |
नोट: ऊपर दिए गए सभी रेट सांकेतिक हैं और इनमें 3% GST (वस्तु एवं सेवा कर), टीसीएस और ज्वैलरी मेकिंग चार्जेस शामिल नहीं हैं. फाइनल रेट के लिए अपने नजदीकी सराफा डीलर या ज्वैलर से जरूर संपर्क करें.
मिडिल क्लास परिवारों और निवेशकों के मन में इस समय सबसे बड़ी उलझन यही है कि बाजार के इस मोड़ पर क्या कदम उठाया जाए. कमोडिटी एक्सपर्ट देवकृष्ण पांडेय का कहना है कि अगर आप गहने खरीदने की सोच रहे हैं, तो मौजूदा गिरावट का फायदा उठाकर थोड़ा-थोड़ा सोना खरीदना शुरू कर सकते हैं. लेकिन अगर आपका मकसद सिर्फ शुद्ध निवेश (इन्वेस्टमेंट) है, तो आपको बहुत जल्दबाजी करने से बचना चाहिए.
पांडिये जी का मानना है कि ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और ब्याज दरों को लेकर चल रही अनिश्चितता की वजह से बाजार में अभी थोड़ी और उठापटक देखने को मिल सकती है. इसलिए, एकमुश्त मोटी रकम सोने या चांदी में फंसाने की बजाय, अगले कुछ हफ्तों तक बाजार की चाल को देखना ज्यादा समझदारी होगी. उन्होंने सलाह दी है कि निवेशकों को गिरावट के समय 'बाय ऑन डिप्स' यानी जब भी दाम नीचे आएं, तब किश्तों में खरीदारी की रणनीति अपनानी चाहिए.
आने वाले तीन महीने सराफा बाजार के लिए बेहद संवेदनशील माने जा रहे हैं. एक्सपर्ट देवकृष्ण पांडेय ने आगामी तिमाही को लेकर सोने और चांदी दोनों के लिए अहम आंकड़े साझा किए हैं. उनका अनुमान है कि आने वाले दिनों में एमसीएक्स (MCX) पर सोने को 1,40,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बेहद मजबूत सपोर्ट हासिल है. जब तक कीमतें इस स्तर से ऊपर टिकी हुई हैं, बाजार में एक बार फिर बड़ी रिकवरी देखने को मिल सकती है. अगले 3 महीनों में सोना ऊपरी स्तर पर 1,44,000 रुपये से लेकर 1,45,000 रुपये प्रति 10 ग्राम तक का आंकड़ा छू सकता है.
वहीं अगर चांदी की बात करें, तो चांदी में सोने के मुकाबले ज्यादा चमक देखने को मिल सकती है. इंडस्ट्रियल डिमांड यानी औद्योगिक मांग में लगातार हो रही बढ़ोतरी के चलते चांदी का आउटलुक काफी बुलिश नजर आ रहा है. देवकृष्ण पांडेय के मुताबिक, चांदी को नीचे की तरफ 2,18,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर मजबूत सपोर्ट मिला हुआ है. आने वाले तीन महीनों में चांदी की कीमतें एक बार फिर रफ्तार पकड़ सकती हैं और यह 2,27,000 रुपये प्रति किलोग्राम के ऊंचे स्तर को टेस्ट कर सकती है. इसलिए, लंबी अवधि के निवेशकों के लिए हर छोटी गिरावट खरीदारी का एक बेहतरीन मौका साबित होगी.
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