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इन 4 शेयरों ने ₹1 लाख को बना दिया ₹4.74 लाख! महज 6 महीनों में दे दिया 5 गुना रिटर्न

Stocks giving highest returns in six months: क्यूपिड, एथर ऊर्जा, एचएफसीएल और स्टारलाइट टेक्नोलॉजीज ने छह महीनों में 110 से 374 फीसदी तक रिटर्न देकर निवेशकों का ध्यान खींचा है. स्टारलाइट ने 374 फीसदी रिटर्न दिया, जबकि एचएफसीएल ने 200 फीसदी की बढ़त दर्ज की.

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इन 4 शेयरों ने ₹1 लाख को बना दिया ₹4.74 लाख! महज 6 महीनों में दे दिया 5 गुना रिटर्न

छह महीने में पैसा बढ़ाने वाले 4 शेयर कौन से हैं (फोटो एआई)

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  • छह महीने में रिटर्न का तूफान
  • स्टारलाइट ने पैसा लगभग पांच गुना किया
  • एचएफसीएल ने दिया 200 फीसदी रिटर्न
  • एथर की तेजी भी रही शानदार
  • क्यूपिड ने 209 फीसदी रिटर्न दिया

शेयर बाजार में पैसा बनाने का सपना लगभग हर निवेशक देखता है, लेकिन कुछ शेयरों में तेजी इतनी तेज होती है कि कुछ ही महीनों में निवेश की तस्वीर पूरी तरह बदल जाती है. हाल की रिपोर्ट में चार ऐसे शेयरों का जिक्र है, जिन्होंने महज छह महीनों में 100 फीसदी से लेकर 374 फीसदी तक रिटर्न दिया है. तो चलिए इन शेयरों की रिपोर्ट के आधार पर कमोडिटी और मार्केट एक्सपर्ट देवकृष्ण पांडेय से समझते हैं की कौन से हैं ये शेयर और निवेश करने से पहले क्या कुछ जान लेना चाहिएय

सबसे चौंकाने वाला प्रदर्शन स्टारलाइट टेक्नोलॉजीज का रहा, जिसने छह महीने में 374 फीसदी रिटर्न दिया. यानी छह महीने पहले लगाए गए पैसे की कीमत करीब 4.74 गुना हो गई. लेकिन सवाल यह है कि इन शेयरों में तेजी आई क्यों और क्या इनका पिछला रिटर्न देखकर अब निवेश करना समझदारी होगी?

चार शेयर, जिनकी तेजी ने खींचा ध्यान

आजतक की रिपोर्ट के मुताबिक, कंडोम निर्माता क्यूपिड, एथर ऊर्जा, एचएफसीएल और स्टारलाइट टेक्नोलॉजीज ने पिछले कुछ महीनों में निवेशकों को शानदार रिटर्न दिया है. रिपोर्ट में दिए गए आंकड़ों के अनुसार इन चारों शेयरों में छह महीने की अवधि में क्रमशः 209 फीसदी, 110 फीसदी, 200 फीसदी और 374 फीसदी का रिटर्न दर्ज किया गया.

यहां एक जरूरी बात समझना भी अहम है. 100 फीसदी रिटर्न का मतलब पैसा दोगुना होना है, जबकि 200 फीसदी रिटर्न का मतलब शुरुआती रकम की तीन गुनी वैल्यू होना. इसी तरह 374 फीसदी रिटर्न का मतलब शुरुआती निवेश लगभग 4.74 गुना होना है. इसलिए स्टारलाइट टेक्नोलॉजीज को लगभग पांच गुना पैसा करने वाला शेयर कहा गया है.

कंडोम निर्माता क्यूपिड ने छह महीने में 209 फीसदी दिया रिटर्न

क्यूपिड ने हाल के वर्षों में शेयर बाजार में काफी मजबूत प्रदर्शन किया है. रिपोर्ट के अनुसार पिछले तीन महीनों में कंपनी के शेयर की कीमत करीब 100 फीसदी बढ़ी, जबकि छह महीने में इसने लगभग 209 फीसदी का रिटर्न दिया. शुक्रवार को बाजार बंद होने पर शेयर की कीमत 262.94 टका बताई गई.

यानी जिस निवेशक ने छह महीने पहले इसमें पैसा लगाया था, उसके निवेश की वैल्यू में बहुत बड़ी बढ़त देखने को मिली. हालांकि किसी शेयर का पिछला प्रदर्शन अपने आप में यह गारंटी नहीं देता कि आगे भी वही तेजी बनी रहेगी.

क्यूपिड के मामले में सबसे बड़ा सबक यही है कि तेजी वाले शेयर में सिर्फ रिटर्न का आंकड़ा देखकर फैसला नहीं किया जा सकता. कंपनी के नतीजे, वैल्यूएशन, कारोबार की ग्रोथ और भविष्य की कमाई को भी देखना जरूरी है.

एथर ऊर्जा ने छह महीने में 110 फीसदी बढ़ाया निवेश

इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन बनाने वाली एथर ऊर्जा भी इस सूची में शामिल है. रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार एथर ऊर्जा के शेयर ने तीन महीनों में 64 फीसदी और छह महीनों में 110 फीसदी का रिटर्न दिया. शुक्रवार को शेयर करीब 2 फीसदी की तेजी के साथ 1,481.50 रुपये पर कारोबार कर रहा था.

एथर की कहानी इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि कंपनी जिस इलेक्ट्रिक दोपहिया बाजार में काम करती है, वहां बिक्री और बाजार हिस्सेदारी को लेकर निवेशकों की नजर बनी हुई है. हालिया तिमाही में कंपनी का घाटा घटकर 51 करोड़ रुपये रह गया, जबकि एक साल पहले यह 178 करोड़ रुपये था. कंपनी का EBITDA भी पॉजिटिव हुआ है.  

इसके अलावा जुलाई में एथर ने करीब 12 अरब रुपये जुटाने के लिए शेयर और कन्वर्टिबल वारंट जारी करने की योजना को मंजूरी दी थी. इस खबर के बाद भी शेयर में तेजी देखी गई थी.  

एचएफसीएल में AI और डेटा सेंटर थीम का असर

एचएफसीएल ने भी इस अवधि में निवेशकों को जबरदस्त रिटर्न दिया है. द इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट में बताया गया है कि करीब एक साल पहले शेयर की कीमत 64 टका थी और अब यह 207.98 टका तक पहुंच गई है. पिछले तीन महीनों में शेयर ने 44 फीसदी और छह महीनों में 200 फीसदी की वृद्धि दर्ज की.

एचएफसीएल की तेजी का एक अहम पहलू टेलीकॉम, ऑप्टिकल फाइबर और डेटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी मांग है. हाल की बाजार रिपोर्टों में भी एआई बूम और भारत में बढ़ते डेटा सेंटर उद्योग को एचएफसीएल की तेजी के प्रमुख कारणों में गिना गया है. 

कंपनी को हाल में करीब 522.73 करोड़ रुपये का अंतरराष्ट्रीय ऑर्डर मिलने की खबर भी सामने आई, जिसके बाद शेयर में लगभग 5 फीसदी की तेजी आई. 

यानी एचएफसीएल की कहानी केवल शेयर बाजार की सट्टेबाजी वाली तेजी के तौर पर देखना अधूरा होगा. कंपनी जिस इंफ्रास्ट्रक्चर थीम से जुड़ी है, उसमें AI, डेटा सेंटर और हाई-स्पीड कनेक्टिविटी की बढ़ती जरूरत एक बड़ा फैक्टर बन सकती है. लेकिन तेज रैली के बाद वैल्यूएशन का सवाल भी उतना ही महत्वपूर्ण है.

स्टारलाइट टेक्नोलॉजीज ने कर दिया सबसे बड़ा कमाल

इन चारों में सबसे ज्यादा चौंकाने वाला आंकड़ा स्टारलाइट टेक्नोलॉजीज का है. रिपोर्ट के अनुसार पिछले तीन महीनों में इस शेयर ने 78 फीसदी रिटर्न दिया, जबकि छह महीने में इसका रिटर्न 374 फीसदी रहा.

इसका सीधा मतलब है कि छह महीने में निवेश की रकम लगभग 4.74 गुना हो गई. यही वजह है कि इसे करीब पांच गुना पैसा करने वाला शेयर कहा गया है.

रिपोर्ट के अनुसार अमेरिका द्वारा कुछ चीनी इलेक्ट्रॉनिक्स और स्मार्ट उत्पादों पर प्रतिबंध लगाए जाने के बाद इस शेयर में तेजी आई. स्टारलाइट टेक्नोलॉजीज लिमिटेड डिजिटल और ऑप्टिकल तकनीक से जुड़ी कंपनी है और 5G, डेटा सेंटर तथा ब्रॉडबैंड नेटवर्क के लिए ऑप्टिकल फाइबर, केबल और कनेक्टिविटी उपलब्ध कराती है.

यहीं इस कहानी का एक छिपा हुआ एंगल सामने आता है. इन चारों शेयरों की तेजी को अलग-अलग घटनाओं के रूप में देखने के बजाय देखा जाए तो इनमें टेक्नोलॉजी, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर और बदलती ग्लोबल सप्लाई चेन जैसी बड़ी थीम दिखाई देती हैं.

निवेशक के लिए असली सवाल अब रिटर्न नहीं, अगली चाल है

कमोडिटी और मार्केट एक्सपर्ट देवकृष्ण पांडेय कहते हैं कि इन शेयरों के आंकड़े देखकर सबसे पहले सवाल यही उठता है कि अगर छह महीने में इतना रिटर्न मिल चुका है तो क्या अब इनमें पैसा लगाया जाए? यहीं सावधानी सबसे ज्यादा जरूरी है. 200 फीसदी या 374 फीसदी का पिछला रिटर्न अपने आप में भविष्य के रिटर्न की गारंटी नहीं है. किसी शेयर में तेजी आने के बाद उसका वैल्यूएशन काफी ऊपर जा सकता है और छोटी सी नकारात्मक खबर भी कीमत में तेज गिरावट ला सकती है.

मिसाल के तौर पर एथर ऊर्जा में हाल की तेजी के बावजूद कंपनी की पूंजी जुटाने की योजना और आगे के विस्तार पर नजर रखना जरूरी है. एचएफसीएल में ऑर्डर बुक और डेटा सेंटर से जुड़ी मांग महत्वपूर्ण है. इसी तरह क्यूपिड और स्टारलाइट टेक्नोलॉजीज के मामले में भी कारोबार की वास्तविक ग्रोथ और शेयर की कीमत के बीच संतुलन देखना होगा.

आम निवेशक के लिए क्या है सबक?

इन चार शेयरों की कहानी का सबसे बड़ा सबक यह नहीं है कि अगला मल्टीबैगर कौन होगा. असली सबक यह है कि मल्टीबैगर बनने से पहले किसी शेयर के पीछे कोई कारोबारी कहानी बनती है और बाजार उस कहानी को भविष्य की कमाई के हिसाब से कीमत में शामिल करता है.

इसलिए सिर्फ यह देखकर शेयर खरीदना कि उसने छह महीने में 200 या 300 फीसदी रिटर्न दिया है, जोखिम भरा हो सकता है. निवेशक को कंपनी के तिमाही नतीजे, कर्ज, मुनाफा, ऑर्डर बुक, वैल्यूएशन और सेक्टर की संभावनाओं को साथ में देखना चाहिए.

खासकर छोटे और तेजी से भागने वाले शेयरों में रकम लगाने से पहले यह भी तय करना चाहिए कि अगर शेयर 20 से 30 फीसदी नीचे चला जाए तो क्या निवेशक उस गिरावट को सह सकता है.

बात जो समझने की है

देव कहते हैं कि क्यूपिड के 209 फीसदी, एथर ऊर्जा के 110 फीसदी, एचएफसीएल के 200 फीसदी और स्टारलाइट टेक्नोलॉजीज के 374 फीसदी छह महीने के रिटर्न ने दिखाया है कि शेयर बाजार में तेजी के दौर में कुछ कंपनियां बेहद तेज गति से निवेशकों का पैसा बढ़ा सकती हैं.

लेकिन मल्टीबैगर की असली पहचान केवल बीते छह महीनों का रिटर्न नहीं होती. आगे कंपनी की कमाई, कारोबार की रफ्तार और मौजूदा वैल्यूएशन यह तय करेंगे कि यह तेजी टिकाऊ है या सिर्फ एक तेज रैली.

डिस्क्लेमर: शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है. इस लेख में दिए गए शेयरों और रिटर्न के आंकड़े उपलब्ध स्रोतों एवं रिपोर्टों पर आधारित हैं. पिछला प्रदर्शन भविष्य के रिटर्न की गारंटी नहीं है. निवेश करने से पहले कंपनी के वित्तीय आंकड़ों, वैल्यूएशन और जोखिमों का स्वतंत्र विश्लेषण करें तथा जरूरत पड़ने पर सेबी-पंजीकृत निवेश सलाहकार से सलाह लें. यह लेख किसी भी शेयर को खरीदने या बेचने की निवेश सलाह नहीं है.

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