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स्मार्टफोन से शुरू करें ये 4 बिजनेस, कमरे में अकेले बैठकर बिना किसी से मिले घर बैठे होगी मोटी कमाई

5 Solo Business Ideas for Introverts: क्रिस मॉरिस की रिपोर्ट के अनुसार, 5 ऐसे स्मॉल बिजनेस आइडियाज हैं जो अकेले रहकर भी मोटी कमाई का जरिया बन रहे हैं. स्मार्टफोन से भी आप ये बिजनेस कमरे में बैठकर अकेले ही कर सकते हैं. कम बोलने वालों के लिए ऐसे बिजनेस बड़े काम के हैं.

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स्मार्टफोन से शुरू करें ये 4 बिजनेस, कमरे में अकेले बैठकर बिना किसी से मिले घर बैठे होगी मोटी कमाई

घर बैठे कमाई के ट्रिक्स (फोटो एआई)

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Best small business ideas : क्या आपको भी अजनबियों से बात करने में घबराहट होती है या बड़ी पार्टियों में जाना बिल्कुल पसंद नहीं है? अगर आपका जवाब हां है, तो समाज आपको शायद 'कमजोर' या 'इंट्रोवर्ट' समझता होगा. लेकिन सच तो यह है कि बिजनेस की दुनिया में आपकी यही खामोशी आपकी सबसे बड़ी ताकत बन सकती है. हर किसी के लिए 9 से 5 की कॉरपोरेट नौकरी या सेल्स का काम करना मुमकिन नहीं होता.

क्रिस मॉरिस की एक ताजा रिपोर्ट ने इस सोच को पूरी तरह बदल दिया है कि सफल बिजनेस के लिए बहुत ज्यादा बोलना या नेटवर्किंग करना जरूरी है. भारत जैसे देश में जहां अब वर्क फ्रॉम होम और डिजिटल इंडिया का क्रेज सिर चढ़कर बोल रहा है, कम बोलने वाले लोगों के लिए अपनी शर्तों पर मोटी कमाई करने के रास्ते खुल गए हैं. तो चलिए वैश्विक उद्यमिता रुझान के अनुसार जानें कौन से है यें बिजनेस.

घोस्ट-न्यूज़लेटर क्रिएटर और क्यूरेटर

क्रिस मॉरिस के मुताबिक घोस्ट-न्यूज़लेटर क्रिएटर और क्यूरेटर" आज के समय में बड़े-बड़े बिजनेसमैन, स्टार्टअप फाउंडर्स, इंफ्लुएंसर्स और सीईओ (CEOs) अपने सोशल मीडिया या ईमेल सब्सक्राइबर्स से जुड़े रहने के लिए 'न्यूज़लेटर' (Newsletter) का इस्तेमाल कर रहे हैं. लेकिन उनके पास इसे लिखने का समय नहीं होता. यहीं पर आपकी भूमिका शुरू होती है.

इस काम में आपको किसी के सामने आने की बिल्कुल ज़रूरत नहीं है. आप पर्दे के पीछे (Ghost Writer के तौर पर) रहकर काम करते हैं. आपको अपने क्लाइंट की इंडस्ट्री (जैसे- फाइनेंस, टेक, हेल्थ, या पर्सनल ग्रोथ) से जुड़ी हफ्ते भर की बड़ी खबरों, ट्रेंड्स और जरूरी जानकारियों को इकट्ठा करना होता है.उस पूरी जानकारी को एक बेहद दिलचस्प, आसान और आकर्षक ईमेल (न्यूज़लेटर) के रूप में लिखना होता है, जिसे पढ़कर क्लाइंट के सब्सक्राइबर्स को मजा आए.

आप Substack, Beehiiv या Mailchimp जैसे टूल्स का उपयोग करके उसे क्लाइंट के नाम से शेड्यूल कर देते हैं. क्लाइंट से आपका संपर्क सिर्फ ईमेल, स्लैक (Slack) या वॉट्सऐप मैसेज के जरिए होता है. आपको न तो कोई कॉल अटेंड करनी है और न ही किसी मीटिंग में जाना है. न्यूज़लेटर सिर्फ एक साधारण लेख नहीं होता, यह सीधे क्लाइंट के बिजनेस रेवेन्यू से जुड़ा होता है. अगर आपके लिखे न्यूज़लेटर से क्लाइंट की सेल्स बढ़ती है, तो आप प्रति न्यूज़लेटर 5,000 रुपये से लेकर 20,000 रुपये तक (या मासिक रिटेनर फीस के तौर पर लाखों रुपये) चार्ज कर सकते हैं.

कोडिंग और तकनीकी कंसल्टेंसी का बढ़ता क्रेज

अगर आपका दिमाग तकनीकी चीजों में ज्यादा चलता है और आप कोड्स की भाषा बेहतर समझते हैं, तो सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट या डेटा एनालिसिस आपके लिए सबसे मुफीद काम है. इस रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया भर की कंपनियों को ऐसे टैलेंटेड लोगों की तलाश है जो बिना किसी शोर-शराबे के उनके प्रोजेक्ट्स को समय पर पूरा कर सकें. भारत में आज हजारों युवा बिना किसी बड़े दफ्तर के, अपने घर के एक कोने से विदेशी कंपनियों के लिए कोडिंग कर रहे हैं. इस फील्ड की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहाँ आपका काम बोलता है, आपकी सामाजिक स्किल्स नहीं.

AI प्रॉम्प्ट इंजीनियर और कस्टमाइज्ड चैटबॉट राइटर 

आजकल हर कंपनी अपने बिजनेस के लिए AI टूल्स और चैटबॉट्स (जैसे ChatGPT) का इस्तेमाल कर रही है, लेकिन AI से सही और इंसानी लहजे में जवाब निकलवाना हर किसी के बस की बात नहीं है. अगर आपकी शब्दों पर पकड़ मजबूत है, तो आप एक प्रॉम्प्ट राइटर बन सकते हैं.

इसमें आपको कंपनियों के चैटबॉट्स के लिए ऐसे 'कस्टम प्रॉम्प्ट्स' और 'कन्वर्सेशन स्क्रिप्ट्स' लिखनी होती हैं, जिससे उनका AI ग्राहकों से बिल्कुल एक प्रोफेशनल इंसान की तरह बात कर सके. इस काम में 100% प्राइवेसी है. आपको किसी से फोन या वीडियो कॉल पर बात नहीं करनी होती; सारा काम ईमेल या मैसेजिंग ऐप्स के जरिए होता है. चूंकि यह एक बिल्कुल नई और बेहद तकनीकी कला है, इसलिए कंपनियां इसके लिए साधारण राइटिंग से कहीं ज्यादा पैसे देने को तैयार हैं. आप घर बैठे विदेशी क्लाइंट्स के लिए भी काम कर सकते हैं.

वर्चुअल असिस्टेंस और एडमिनिस्ट्रेटिव सपोर्ट का नया ट्रेंड

आज के समय में कई छोटे और बड़े बिजनेसमैन अपने दैनिक कामों को संभालने के लिए रिमोट वर्कर की तलाश में रहते हैं. वर्चुअल असिस्टेंट (VA) का बिजनेस इसी जरूरत को पूरा करता है. इसमें आपको शेड्यूलिंग, ईमेल का जवाब देना या डेटा एंट्री जैसे काम करने होते हैं. भारत के टियर-2 और टियर-3 शहरों में रहने वाले युवाओं के लिए यह साइड हसल बहुत तेजी से लोकप्रिय हो रहा है. इसमें आपको बहुत ज्यादा लोगों से डील नहीं करना पड़ता, बस अपने एक या दो क्लाइंट्स के साथ कॉर्डिनेशन बनाना होता है, जिससे मानसिक शांति भी बनी रहती है और आमदनी भी शानदार होती है.

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