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आइये जानें कि ऐसा क्या हुआ जो पूर्व में लगभग नजरअंदाज कर दी जाने वाली चांदी अचानक ही निवेश का एक बढ़िया जरिया बन गई है. साथ ही ये भी जानिये कि क्या यह चांदी में निवेश का सही समय है और इसके सही तरीके क्या-क्या हैं.
इन्वेस्टमेंट को समझने वाले तमाम जानकार ऐसे हैं, जो इस बात पर हमेशा ही एकमत रहते हैं कि, निवेश का सबसे अच्छा माध्यम मेटल्स हैं. प्रायः इनके द्वारा ये भी कहा जाता है कि इंसान किसी भी क्षण मेटल्स पर निवेश कर ले, मिलने वाले मुनाफे की कोई सीमा नहीं है. वर्तमान में जब हम गोल्ड और खासकर सिल्वर की कीमतों में आई बढ़ोतरी को देखते हैं, तो मिलता है कि एक्सपर्ट्स द्वारा गोल्ड और सिल्वर में निवेश की बात यूं ही नहीं थी. एक मजबूत आधार उसके पीछे था.
बताते चलें कि इस वर्ष चांदी की कीमतें दोगुने से ज्यादा बढ़कर 1.75 लाख प्रति किलो तक पहुंच गयी हैं. माना जा रहा है कि ये इतिहास में पहली बार हुआ है जब चांदी की कीमतों में हमने इस तरह का इजाफा देखा है. हैरान करने वाली बात ये है कि इस बार चांदी ने सोने के मुकाबले 37% ज्यादा रिटर्न दिया है.
चूंकि चांदी की कीमतें आसमान छू रही हैं. उम्मीद यही की जा रही है कि ये इजाफा हमें भविष्य में भी देखने को मिलेगा. तो आइये जानें कि ऐसा क्या हुआ जो पूर्व में लगभग नजरअंदाज कर दी जाने वाली चांदी अचानक ही निवेश का एक बढ़िया जरिया बन गई है. साथ ही ये भी जानिये कि क्या ये चांदी में निवेश का सही समय है और इसके सही तरीके क्या-क्या हैं.
किन कारणों से हुई चांदी की कीमतों में बढ़ोतरी
जिक्र अगर कारणों का हो तो इसका एक बड़ा कारण त्योहार हैं. बता दें कि भारत चांदी का सबसे बड़ा कंस्यूमर हैं और दिवाली और धनतेरस जैसे अवसरों पर इसे लेना शुभ माना जाता है.
क्योंकि चांदी सोलर फैक्ट्रियों और इलेक्ट्रिक व्हीकल्स में भी प्रचुर मात्रा में इस्तेमाल की जाती है इसलिए भी इसकी कीमतें बढ़ी हैं.
ध्यान रहे चांदी का शुमार उन मेटल्स में है जो कॉपर और जिंक जैसी दूसरी धातुओं की खुदाई के दौरान बाय प्रोडक्ट के रूप में निकलती है. इसलिए तमाम देशों में पर्यावरण नियम या खदान बंद होने से प्लान्ड माइनिंग कम हो गई है. जिस कारण भी चांदी की कीमतों में इजाफा देखने को मिला है. डिमांड और सप्लाई के भारी अंतर के कारण चांदी की कीमतें आसमान छू रही हैं.
तो क्या वर्तमान में चांदी पर निवेश देगा भारी मुनाफा?
बता दें कि इस सवाल पर इन्वेस्टमेंट एक्सपर्ट्स की राय अलग अलग है. तमाम एक्सपर्ट्स इस बात पर बल दे रहे हैं कि ग्राहकों को बाजार के मिजाज का अवलोकन करना चाहिए और चांदी की खरीद में कोई जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए.
एक्सपर्ट्स इस बात को भी वजन दे रहे हैं कि जल्द ही दुनिया ग्लोबल मार्केट में तमाम तरह के बड़े बदलाव की साक्षी बनेगी जिसक असर चांदी की कीमतों पर भी पड़ेगा और वो डाउन होंगी. तब उस वक़्त चांदी में इन्वेस्ट किया जा सकता है.
तो इन्वेस्टमेंट के लिए कैसे करें चांदी का चयन
जिक्र चांदी में निवेश का हुआ है तो इसके लिए हम बाजार से चांदी के सिक्के, गहने या बर्तन खरीद सकते हैं. चूंकि तमाम चीजों की तरह धांधली चांदी में भी होती है इसलिए ग्राहकों को यह बता देना ज़रूरी हो जाता है कि वे BIS हॉलमार्क्ड चांदी ही खरीदें.
इसके अलावा वर्चुअल पर्चेजिंग भी एक बेहतर विकल्प है और इसके अंतर्गत व्यक्ति सिल्वर ईटीएफ में निवेश कर सकता है.
बता डसें कि यह एक ऐसा फंड है जो बाजार में चांदी की कीमतों के अनुसार घटता और बढ़ता रहता है. चूंकि मौजूदा वक़्त में चांदी बढ़िया रिटर्न दे रही हैं इसलिए इस वक़्त इस फंड में पैसा लगाया जा सकता है.