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Shinzo Abe Attack से क्या भारत के व्यापार पर होगा असर, पढ़िए यहां पूरी खबर

Shinzo Abe Shot : शिंजो आबे पर शुक्रवार की सुबह नारा शहर में एक सभा को संबोधित करते वक्त पीछे से दो गोलियां मारी गईं. इस हमले की वजह से सभा में भगदड़ मच गई. शिंजो आबे ने भारत को बुलेट ट्रेन की सौगात दी थी. साथ ही इस बीच भारत और जापान के बीच कई व्यापारिक समझौते हुए हैं. क्या इस हमले से व्यापारिक नीतियों पर कोई असर पड़ सकता है?

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Shinzo Abe Attack से क्या भारत के व्यापार पर होगा असर, पढ़िए यहां पूरी खबर

PM Modi and Shinzo Abe Relation

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डीएनए हिंदी: जापान के पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे (Shinzo Abe) पर आज सुबह यानी शुक्रवार को नारा शहर में हमला किया गया. शिंजो पर उस वक्त फायरिंग की गई जब वह एक कार्यक्रम में भाषण दे रहे थे. मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो शिंजो आबे पर पीछे से दो गोलियां चलाई गई हैं. फिलहाल उनकी हालत गंभीर बनी हुई है और वह बिलकुल भी रेस्पॉन्ड नहीं कर रहे हैं. इस दौरान गोली लगने की वजह से आबे को दिल का दौरा भी पड़ा. शिंजो एक सभा को संबोधित कर रहे थे. दरअसल रविवार को जापान में उच्च सदन के चुनाव होने वाले हैं जिसके लिए शिंजो कैंपेनिंग कर रहे थे.

इसी दौरान उन्हें किसी ने गोली मार दी जिसके बाद भगदड़ मच गई. बता दें कि भारत और जापान का रिश्ता हमारे पड़ोसी देशों में से बेहद मजबूत रिश्ता है. भारत में विदेशी निवेश करने वाले बड़े देशों में जापान का नाम भी एक बड़े इन्वेस्टर के तौर पर आता है. आइए जानते हैं इससे भारत और जापान के व्यापारिक रिश्ते पर कोई असर पड़ेगा या नहीं.

जापान के पीएम फुमियो किशिदा का भारत में निवेश

19 मार्च 2022 को जापान के पीएम फुमियो किशिदा दो दिवसीय भारत यात्रा पर आए थे. इस दौरान उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी से मुलाकात की. इस दौरान आर्थिक, सामरिक और सांस्कृतिक संबंधों पर चर्चा की गई जहां जापान के पीएम ने भारत के विकास (Economic Inflation) में योगदान देने के लिए एक जरूरी घोषणा की. पीएम फुमियो किशिदा (Fumio Kishida) ने कहा कि जापान अगले पांच साल में भारत में 42 अरब डॉलर का निवेश करेगा. 

शिंजो आबे ने भारत को दिखाया बुलेट ट्रेन का सपना

साल 2015 में शिंजो आबे ने भारत (Shinzo India Visit) के साथ एक ऐसा डील किया जिसकी कामना शायद ही किसी भारतीय ने की थी. दरअसल इस दौरान भारत और जापान के बीच सिविल न्यूक्लियर (Civil Nuclear) और बुलेट ट्रेन (Bullet Train Deal) को लेकर डील हुई.  इस दौरान पहली बार मारुति कार भारत में बननी शुरू हुई और भारत से जापान में इंपोर्ट होना शुरू हुआ.

मालूम हो कि निवेश के साथ साथ दूसरे क्षेत्रों में जापान के रिश्ते काफी गर्मजोशी के साथ आगे बढ़ रहे हैं. सप्लाई चेन इसमें से खास है, बता दें कि वियतनाम, इंडोनेशिया, थाईलैंड, म्यांमार जैसे देशों ने जापान की मदद से काफी फायदा मिला है. अब भारत भी इसी दिशा में है. जापानी कंपनियां तेजी के साथ भारत में अपने यूनिट्स को लगाने पर विचार कर रही हैं और सप्लाई चेन के क्षेत्र में भी भारत में ही आना चाहती हैं.

भारत और जापान पर असर

भारत और जापान के रिश्ते काफी मजबूत हैं. हालांकि दोनों ही देश एक दूसरे पर निर्भर हैं. जहां जापान में लोग तेजी के साथ बूढ़े हो रहे हैं वहीं भारतीय लोगों का सहयोग तेजी के साथ बढ़ रहा है. इस तरह जापान के विकास और तरक्की में भारतीयों का सहयोग एक बहुत बड़ी जरुरत है. 

इस हमले से हो सकता है कि भारत में निवेश (Inflation in India) की रफ्तार थोड़ी धीमी पड़ जाए लेकिन दोनों देशों के बीच 70 साल के रिश्ते की गर्माहट में कोई नमी देखने को नहीं मिलेगी.

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