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New Loan Rules: नए साल में बदले RBI ने नियम, अब पर्सनल लोन लेना होगा और ज्यादा मुश्किल

RBI New Loan Rules: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने पर्सनल लोन योग्यता से जुड़े नए नियम के लिए अगस्त में निर्देश जारी किए थे, जिसमें बैंकों को इन्हें लागू करने के लिए जनवरी तक का समय दिया गया था.

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New Loan Rules: नए साल में बदले RBI ने नियम, अब पर्सनल लोन लेना होगा और ज्यादा मुश्किल
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RBI New Loan Rules: यदि आप पर्सनल लोन लेने के लिए बैंक जाने की सोच रहे हैं तो आपके लिए यह जानकारी बेहद अहम है. भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने पर्सनल लोन से जुड़े योग्यता नियमों में बदलाव कर दिया है. अब पर्सनल लोन लेने का प्रोसेस पहले से ज्यादा सख्त कर दिया गया है. इसमें उन लोगों के लिए पर्सनल लोन (Personal Loan) लेना मुश्किल हो सकता है, जो एक ही समय में कई पर्सनल लोन चलाते हैं. इसके तहत लोन लेने वाले लोगों की रिपोर्ट बैंकों को हर 15 दिन में क्रेडिट ब्यूरो को देनी होगी. इससे रिकॉर्ड तेजी से अपडेट होगा और कर्जदाताओं के एक साथ कई लोन लेने की संभावना कम हो जाएगी.

अगस्त में दिए थे निर्देश, अब हुआ लागू
आरबीआई ने बैंकों को नए योग्यता नियम लागू करने का निर्देश अगस्त में जारी किए थे. इन नियमों को लागू करने के लिए बैंकों को 1 जनवरी तक का समय दिया गया था. TOI की रिपोर्ट के मुताबिक, नए साल के आगमन के साथ ही ये नए निर्देश अब बैंकों ने लागू कर दिए हैं. नए निर्देशों में आरबीआई ने बैंकों व फाइनेंस कंपनियों की तरफ से कस्टमर के बारे में क्रेडिट ब्यूरो को रिपोर्ट करने का समय अब एक महीने से घटाकर 15 दिन कर दिया गया है. इसका मतलब है कि हर व्यक्ति का क्रेडिट रिकॉर्ड 15वें दिन अपडेट होगा. इससे कर्ज लेने वाले की ज्यादा जांच होगी. ऐसे में कर्ज देने वालों को उनके क्रेडिट रिस्क का आकलन करने का ज्यादा बेहतर मौका मिलेगा और एक व्यक्ति के एकसाथ कई लोन लेने की संभावना कम हो जाएगी.

क्या पडे़गा इस बदलाव से अंतर
इस बदलाव से कर्ज लेने-देने पर क्या असर पड़ेगा, इसका ब्योरा क्रेडिट सूचना कंपनी सीआरआईएफ हाई मार्क के चेयरमैन सचिन सेठ ने समझाया है. सचिन के मुताबिक, 'महीने की अलग-अलग तारीख को आने वाली EMI से जुड़ी जानकारी अभी एक महीने में क्रेडिट ब्यूरो भेजी जाती है. इनमें चूक या पुनर्भुगतान से जुड़ी जानकारी क्रेडिट ब्यूरो में अपडेट होने में 40 दिन तक की देरी हो सकती है. इससे लोन लेते समय क्रेडिट मूल्यांकन में बहुत पुरानी जानकारी मिल सकती है. नए सिस्टम में हर 15 दिन पर रिपोर्ट करने से ये देरी कम हो जाएगी और क्रेडिट मूल्यांकन के समय ज्यादा सटीक रिपोर्ट मिल पाएगी. 

ज्यादा उधार लेने पर अंकुश लगाने में मिलेगी मदद
सचिन सेठ के मुताबिक, 'अब कर्ज लेने वालों की वित्तीय गतिविधि अब दो सप्ताह के अंदर सिस्टम में अपडेट हो जाएगी. इससे 'ब्लाइंड स्पॉट' घटने पर अहम क्रेडिट डेटा नहीं दिखाई देता है. इससे ऋणदाता ज्यादा सटीक निर्णय लेने में सक्षम होते हैं.' एसबीआई के चेयरमैन सी.एस. शेट्टी का भी कहना है कि इस कदम से व्यक्तियों द्वारा अत्यधिक उधार लेने पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी.

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