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डेबिट-क्रेडिट कार्ड पर RBI ने जारी किए नए नियम, जानिए ग्राहकों को कैसे मिलेगा फायदा

सर्कुलर में आगे कहा गया है कि Bank कार्ड फ्रॉड पर बीमा कवर की सुविधा दे सकेंगे.

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डेबिट-क्रेडिट कार्ड पर RBI ने जारी किए नए नियम, जानिए ग्राहकों को कैसे मिलेगा फायदा

आरबीआई ने ग्राहकों के फायदे की कई बातें कही हैं.

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डीएनए हिंदी: रिजर्व बैंक ने बैंकों और गैर-बैंकिंग कंपनियों के डेबिट और क्रेडिट कार्ड जारी करने पर मास्टर सर्कुलर जारी किया है. जिसमें ग्राहकों की भलाई और बैंकों के कामकाज लिहाज से कई अहम बातें हैं. इसमें क्या-क्या अहम चीजें हैं, आइए जानते हैं... 

क्या है मास्टर सर्कुलर
मास्टर सर्कुलर में कहा गया है कि बैंकों को एक पेज में ब्याज दर, चार्जेज जैसी अहम बातें बतानी होंगी. इसी के साथ कार्ड अर्जी नामंजूर करने पर बैंक ग्राहक को इसकी वजह बताएंगे. वहीं, कार्ड की शर्तें बदलने पर ग्राहकों को जानकारी भेजनी होगी.  

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कार्ड फ्रॉड पर बीमा कवर
RBI सर्कुलर में आगे कहा गया है कि बैंक ग्राहक को कार्ड फ्रॉड पर बीमा कवर की सुविधा दे सकेंगे. बैंक ग्राहक की मर्जी के बगैर बैंक कार्ड जारी या अपग्रेड नहीं करेंगे. बिना पूछे कार्ड दिया तो वसूले चार्ज का दोगुना लौटाना होगा. वहीं यदि बिना पूछे जारी हुए कार्ड का दुरुपयोग हुआ तो बैंक इसका नुकसान झेलेंगे. 

30 दिन में चालू नहीं तो बंद करेंगे बैंक 
इस सर्कुलर की अहम बात यह भी है कि कार्ड को चालू करने के लिए OTP आधारित व्यवस्था जरूरी होगी. कार्ड 30 दिन में चालू नहीं हुआ तो बिना खर्च के बैंक बंद करेंगे. बैंकों के टेलीमार्केटर ग्राहकों को बेवजह परेशान नहीं कर सकेंगे. 

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क्रेडिट कार्ड बंद करना होगा आसान 
क्रेडिट कार्ड बंद करने की अर्जी आने पर 7 दिन में इसे बंद करना होगा. सात  कामकाजी दिन में बंद न करने पर रोजाना 500 रुपये की पेनल्टी देनी होगी. 

बैंकों पर लागू होंगे ये नियम

- ब्याज वसूलने पर किसी भी तरह जीरो इंटरेस्ट रेट प्रमोशन नहीं होगा 

- कार्ड से खर्च रकम की EMI होने पर शर्तों को साफ रखना होगा 

- ब्याज दर कैसे वसूला जाएगा ये उदाहरण देकर समझाना होगा 

- को-ब्रैंडेड कार्ड में ट्रांजैक्शन की जानकारी पार्टनर से साझा नहीं  

- को-ब्रैंडेड के प्रमोशन में जारी करने वाले बैंक का नाम प्रमुख होगा 

- ट्रांजैक्शन ‘फ्रॉड’ रिपोर्ट किया तो उसपर सुलझने तक चार्ज नहीं लगेगा 

- कोई रिफंड/फेल सौदा का पैसा वापस मिले तो तुरंत एडजस्टमेंट करना होगा

- CIBIL को डिफॉल्ट की सूचना से पहले ग्राहक को 7 दिन का मौका मिलेगा 

- रेटिंग एजेंसियों को डिफाल्ट रिपोर्टिंग से पहले बैंक सावधानी बरतें 

- रिकवरी एजेंट्स से फेयर प्रैक्टिस कोड का पालन कराएंगे बैंक  


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