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Healthcare की दुनिया में भी दिया था राहुल बजाज ने अहम योगदान, खोले थे इलाज के नए रास्ते

पुणे और महाराष्ट्र के अस्पतालों में विश्व स्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए राहुल बजाज ने की थी फंडिंग.

Healthcare की दुनिया में भी दिया था राहुल बजाज ने अहम योगदान, खोले थे इलाज के नए रास्ते

rahul bajaj

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डीएनए हिंदी: देश के जाने-माने उद्योगपति राहुल बजाज का शनिवार को निधन हो गया. इसी के साथ उनके किए गए कार्य और समाज कल्याण में उनका योगदान एक बार फिर चर्चा में है. उन्होंने ना सिर्फ मध्यमवर्गीय परिवारों को दो पहिया वाहन दिया बल्कि कई ऐसे कार्य भी किए जिनके लिए लोग हमेशा उनके शुक्रगुजार रहेंगे.

टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार राहुल बजाज ने हेल्थकेयर सिस्टम में भी अहम योगदान दिया था. कमलनयन बजाज कैंसर यूनिट, से लेकर रोबोटिक सर्जिकल यूनिट और दीनानाथ मंगेशकर हॉस्पिटल के एपिलेप्सी सर्जरी सेंटर तक उन्होंने इलाज को आम आदमी के लिए सुगम बनाने में हमेशा सक्रिय भूमिका निभाई. 

पुणे के मशहूर मल्टी-स्पेशलिटी रुबी हॉल क्लीनिक में शुरू किए गए हेल्थकेयर प्रोजेक्ट्स को उन्होंने हमेशा जरूरी फंडिंग उपलब्ध कराई. वह हमेशा से आम आदमी तक चिकित्सीय सुविधाएं पहुंचाने की हिमायत करते थे. सन् 2007-08 में राहुल बजाज ने रूबी हॉल क्लीनिक में कमलनयन बजाज कैंसर यूनिट की स्थापना की. इसका नाम उन्होंने अपने पिता के नाम पर रखा था. यह वो समय था जब पुणे में कैंसर के इलाज के लिए बहुत ज्यादा विकल्प उपलब्ध नहीं थे. 

2015 में बजाज ने रुबी हॉल क्लीनिक में रोबोटिक सर्जिकल सेंटर के लिए फंड किया. इससे कई लोगों के इलाज में लाभ हुआ और वह कम समय में ही गंभीर बीमारी से निकलकर सामान्य जिंदगी की तरफ लौट पाए. बताया जाता है कि दीनानाथ मंगेशकर अस्पताल में उनका शुरू करवाया हुआ एपिलेप्सी सेंटर दुनिया के सबसे बड़े एपिलेप्सी सेंटर्स में से एक है. अस्पताल के मेडिकल डायरेक्टर डॉ. धनंजय केलकर के अनुसार सन् 2015 में जब बजाज ने यहां के एपिलेप्सी सेंटर के लिए सहयोग दिया तब लोगों के इलाज के लिए नए रास्ते खुले. 

यही नहीं औरंगाबाद में स्थापित कमलनयन बजाज चैरिटेबल हॉस्पिटल बीते दो दशकों से महाराष्ट्र के लोगों के लिए एक जरूरी हॉस्पिटल बना हुआ है. यहां लोगों का इलाज भी होता है और खर्च भी कम रहता है. यहां हर तरह की मेडिकल सुविधाएं उचित दामों पर दी जाती हैं. 

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