Advertisement

Petrol Diesel Price Hike: आम लोगों को लगातार दूसरे दिन लगा झटका! पेट्रोल-डीजल के दाम फिर बढ़े

मंगलवार को 137 दिनों बाद पेट्रोल-डीजल के दाम में 80 पैसे प्रति लीटर का इजाफा हुआ. दिल्ली में मंगलवार को पेट्रोल का दाम 96.21रुपये प्रति लीटर था.

Petrol Diesel Price Hike: आम लोगों को लगातार दूसरे दिन लगा झटका! पेट्रोल-डीजल के दाम फिर बढ़े

Image Credit _-DNA

Add DNA as a Preferred Source

डीएनए हिंदी: पेट्रोल-डीजल के दाम में बुधवार को एकबार फिर से इजाफा होने जा रहा है. बुधवार को पेट्रोल-डीजल के दाम में एकबार फिर से 80 पैसे प्रति लीटर का इजाफा होने जा रहा है. आपको बता दें कि चार नवंबर 2021 से 20 मार्च तक पेट्रोल और डीजल के दाम में कोई इजाफा नहीं हुआ था. मंगलवार को 137 दिनों बाद  पेट्रोल-डीजल के दाम में 80 पैसे प्रति लीटर का इजाफा हुआ.

जानिए आपके शहर में क्या है ईधन का दाम (22 मार्च 2022)

शहर पेट्रोल के दाम / लीटर डीजल के दाम / लीटर
दिल्ली 96.21 रुपये  87.47 रुपये
मुंबई 110.82 रुपये 95 रुपये
नोएडा 96.44 रुपये 87.95 रुपये
गाजियाबाद 96.09 रुपये 87.61 रुपये
लखनऊ 96.08 रुपये 87.61 रुपये
जयपुर 107.94 रुपये 91.53 रुपये
भोपाल 108.11 रुपये 91.70 रुपये

पेट्रोलियम उत्पादों पर सेंट्रल टैक्स वसूली 24 प्रतिशत बढ़कर 3.31 लाख करोड़ रुपये के पार
मौजूदा वित्त वर्ष (2021-22) के पहले नौ महीनों (अप्रैल-दिसंबर) में पेट्रोलियम उत्पादों पर सीमा शुल्क और उत्पाद शुल्क के रूप में केंद्र सरकार का अप्रत्यक्ष कर राजस्व लगभग 24 प्रतिशत बढ़कर 3,31,621.07 करोड़ रुपये पर पहुंच गया.

पढ़ें- Petrol-Diesel के बाद घरेलू LPG भी हुई महंगी, अब इस कीमत पर मिलेगा Gas Cylinder

नीमच के सूचना के अधिकारा (आरटीआई) कार्यकर्ता चंद्रशेखर गौड़ ने सूचना के अधिकार कानून के तहत केंद्र के दो विभागों से यह जानकारी हासिल की. गौरतलब है कि यह जानकारी ऐसे वक्त सामने आई है, जब पेट्रोल और डीजल की कीमतों में मंगलवार को 80-80 पैसे प्रति लीटर की वृद्धि की गई है, वहीं घरेलू रसोई गैस के दाम 50 रुपये प्रति सिलेंडर बढ़ा दिए गए हैं.

पढ़ें- Boeing 737 की ​कितनी है कीमत, इसमें बैठ सकते हैं एक साथ इतने लोग?

चंद्रशेखर गौड़ ने आरटीआई कानून के तहत मिले ब्योरे के हवाले से बताया कि भारत में अप्रैल से दिसंबर, 2021 के बीच पेट्रोलियम पदार्थों के आयात पर 37,653.14 करोड़ रुपये का सीमा शुल्क वसूला गया, जबकि देश में इन पदार्थों के विनिर्माण पर केंद्रीय उत्पाद शुल्क के रूप में 2,93,967.93 करोड़ रुपये सरकारी खजाने में जमा हुए.

पढ़ें- Petrol Price in Pakistan: महंगाई से हाहाकार! पेट्रोल की कीमतों में रिकॉर्ड बढ़ोतरी

आरटीआई कानून से मिली जानकारी के मुताबिक, कोविड-19 के भीषण प्रकोप वाले पिछले वित्त वर्ष 2020-21 में अप्रैल से दिसंबर के बीच पेट्रोलियम उत्पादों पर सीमा शुल्क और केंद्रीय उत्पाद शुल्क की वसूली क्रमश: 25,025.33 करोड़ रुपये और 2,42,089.89 करोड़ रुपये के स्तर पर रही थी.यानी दोनों करों की मद में सरकार ने पिछले वित्त वर्ष में इन उत्पादों पर कुल 2,67,115.22 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया था.

हमसे जुड़ने के लिए हमारे फेसबुक पेज पर आएं और डीएनए हिंदी को ट्विटर पर फॉलो करें.

Read More
Advertisement
Advertisement
Advertisement