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NSDL IPO Date: नेशनल सिक्योरिटीज़ डिपॉजिटरी यानी NSDL का IPO इसी महीने सब्स्क्रिप्शन के लिए खुल रहा है. इस IPO का ईशू साइज़ 4000 करोड़ रुपये का होगा.
NSDL IPO: नेशनल सिक्योरिटीज़ डिपॉजिटरी (NSDL) ने IPO के जरिए 4000 करोड़ रुपये जुटाने की तैयारी पूरी कर ली है. NSDL IPO 30 जुलाई से सब्स्क्रिप्शन के लिए खुल रहा है, इस IPO के लिए 1 अगस्त तक अप्लाई किया जा सकेगा. NSDL को IDBI बैंक, NSE, यूनियन बैंक और SBI का समर्थन मिला है.
NSDL को 14 अगस्त तक स्टॉक मार्केट में लिस्ट होने की अनुमति सेबी ने दे दी है. इकॉनमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, इस IPO के जरिए NSDL 16000 करोड़ की वैल्युएशन की उम्मीद कर रहा है. NSDL ने जुलाई, 2023 में सेबी में अपना Draft Red Herring Prospectus (DRHP) सबमिट किया था. इस साल मई में NSDL ने रिवाइज़्ड DRHP सबमिट किया है. NSDL ने 50.01 मिलियन शेयर्स ईशू करने का फैसला किया है, कुल ईशू साइज़ 4000 करोड़ रुपये का होगा.
NSDL शेयर मार्केट की डिपोसिटरी है. यह दुनिया की सबसे बड़ी डिपॉज़िटरीज़ में से एक है. आप शेयर मार्केट में जो भी शेयर ट्रेड करते हैं, उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी इन डिपॉज़िटरीज़ की होती है. भारत में दो डिपॉजिटरीज़ हैं- NSDL और CDSL (सेंट्रल डिपॉसिटरी सर्विसेस लिमिटेड). CDSL पहले ही शेयर मार्केट में लिस्ट हो चुका है.
NSDL की स्थापना 1996 में हुई थी. NSDL के साथ ही भारत में डीमैट की भी शुरुआत हुई थी. Demat यानी डीमटेरियलाइज़ेशन. इसमें आपके शेयर सर्टिफिकेट्स को डिजिटल फॉर्म में सुरक्षित रखा जाता है, पहले फिजिकल सर्टिफिकेट दिए जाते थे, जिसे ट्रांसफर करना और ग्राहक तक पहुंचाना अपने आप में बेहद पेचीदा काम था और ट्रेडिंग की प्रक्रिया पूरी होने में कई दिन लग जाते थे. डीमैट के आने से ये प्रक्रिया आसान हुई है. अब टी+0 साइकल भी इम्प्लिमेंट हो गया है. इसके तहत जिस दिन आप शेयर खरीदने या बेचने का ऑर्डर देते हैं, उसी दिन ट्रेडिंग की पूरी प्रोसेस शुरू हो जाती है. सेबी के नियमों के मुताबिक, आप बिना डीमैट अकाउंट के शेयर मार्केट में ट्रेडिंग नहीं कर सकते हैं.
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