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RBI के गवर्नर शक्तिकांत दास ने आज रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया. वहीं आज उन्होंने बिना ATM कार्ड के पैसे निकालने का भी ऐलान कर दिया है.
डीएनए हिंदी: ATM का इस्तेमाल काफी आम हो गया है. हालांकि अगर कभी पैसे निकालने की जरुरत पड़े और हम एटीएम (ATM) घर पर भूल जाएं तो बहुत परेशानी होती है. मगर अब अगर आप ATM घर पर भूल भी जाते हैं तो भी आप एटीएम से पैसे निकाल सकेंगे. इसका ऐलान शुक्रवार को रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के गवर्नर शक्तिकांत दास (Shaktikanta Das) ने किया है. बता दें कि अब तक ये सुविधा कुछ ही बैंकों में मौजूद थी.
बिना कार्ड के ATM से निकालें पैसे
शुक्रवार को रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि अब सभी बैंकों में बिना डेबिट कार्ड के एटीएम से पैसा निकालने की सुविधा दी जाएगी. अभी तक यह सुविधा सिर्फ कुछ ही बैंको में बिना ATM कार्ड के पैसे निकालने की थी. इस सुविधा का लाभ आप UPI के जरिए उठा सकेंगे.
कार्ड क्लोन के फ्रॉड में आएगी कमी
RBI के गवर्नर शक्तिकांत दास के मुताबिक इस तरीके से कार्ड क्लोन करके पैसे निकालने के फ्रॉड में भी कमी आएगी. बता दें कि भारतीय रिजर्व बैंक की मॉनेटरी पॉलिसी (RBI Monetary Policy) कमेटी की बैठक में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) गवर्नर शक्तिकांत दास (Shaktikanta Das) ने शुक्रवार को मॉनिटरी पॉलिसी का ऐलान किया.
रेपो रेट में नहीं हुआ बदलाव
रिजर्व बैंक ने लगातार 11वीं बार पॉलिसी रेट को एक जैसा रखा है. RBI गवर्नर शक्तिकांत दास ने शुक्रवार को फाइनेंशियल ईयर की पहली मौद्रिक समीक्षा बैठक की. इस समीक्षा बैठक में पॉलिसी रेट में कोई बदलाव नहीं किया गया है और इसे चार प्रतिशत के निचले स्तर पर कायम रखा गया है. नीतिगत दर जैसे का तैसा रहने का मतलब है कि बैंक कर्ज की मासिक किस्त में कोई बदलाव नहीं होगा. रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक के नतीजों की घोषणा करते हुए कहा कि मुद्रास्फीति को काबू में रखने के साथ आर्थिक वृद्धि को कायम रखने के लिए केंद्रीय बैंक ने अपने नरम रुख में थोड़ा बदलाव किया है. रिजर्व बैंक ने आखिरी बार 22 मई, 2020 को रेपो दरों में बदलाव किया था. इसके साथ ही रिवर्स रेपो दर को भी 3.35 प्रतिशत पर यथावत रखा गया है. रेपो दर वह दर है जिसपर रिजर्व बैंक वाणिज्यिक बैंकों को फौरी जरूरतों को पूरा करने के लिये कर्ज देता है. जबकि रिवर्स रेपो दर के तहत बैंकों को अपना पैसा आरबीआई को देने पर ब्याज मिलता है.
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