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मां के आंसू देख तड़पा दिल और नौकरी छोड़ खड़ा कर दिया ₹86,000 करोड़ का बिजनेस, ब्लिंकिट-जेप्टो के दौर में इस स्टार्टअप ने मारी बाजी

Readymade fried onion egk foods:रसोई में प्याज काटते समय आंखों से निकलने वाले आंसू और समय की बर्बादी अब इतिहास बनने जा रही है. सत्यजीत रॉय की कंपनी 'ईजीके फूड्स' रेडी-टू-यूज फ्राइड अनियन बाजार में लाकर न सिर्फ गृहणियों और शेफ्स का काम आसान कर रही है, बल्कि किसानों की फसल की बर्बादी को रोक दी.

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मां के आंसू देख तड़पा दिल और नौकरी छोड़ खड़ा कर दिया ₹86,000 करोड़ का बिजनेस, ब्लिंकिट-जेप्टो के दौर में इस स्टार्टअप ने मारी बाजी

जब मां के आंसुओं ने बदला बेटे का नजरिया और खड़ी कर दी 'EGK Foods (फोटो एआई+ सोशल मीडिया)

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क्या आप भी संडे की सुबह स्पेशल मटन बिरयानी या कोई शानदार ग्रेवी वाली डिश बनाने की चाहत सिर्फ इसलिए छोड़ देते हैं क्योंकि प्याज छीलने और काटने का झंझट आपको डराता है? प्याज काटते वक्त आंखों से बहने वाले आंसू और उसमें बर्बाद होने वाले घंटों का दर्द हर उस इंसान को पता है जो रसोई संभालता है. लेकिन अब देश की रसोईयों में एक बड़ा बदलाव आ रहा है. सत्यजीत रॉय नाम के एक युवा ने एक ऐसी शुरुआत की, जिसने किचिन के इस सबसे बड़े सिरदर्द को हमेशा के लिए खत्म कर दिया और आज वे करोड़ों की कंपनी के मालिक हैं. आइए जानते हैं सत्यजीत रॉय की संघर्ष, सूझबूझ और कामयाबी की पूरी कहानी.

वो भावुक पल, जिसने बदल दी जिंदगी

इस अनोखी शुरुआत के पीछे एक बेहद भावुक कर देने वाली कहानी है. बंगाली परिवारों में संडे को मटन बिरयानी बनना एक परंपरा जैसा है, और सत्यजीत रॉय के घर में भी ऐसा ही होता था. एक रविवार को जब सत्यजीत सुबह 9 बजे किसी काम से बाहर गए और दोपहर को लौटे, तो उन्होंने देखा कि उनकी मां पिछले तीन घंटे से लगातार प्याज काट रही थीं और आंसुओं से पूरी तरह भीग चुकी थीं.

सत्यजीत ने अपनी मां से कहा कि वह इसे सीधे बाजार से क्यों नहीं खरीद लेतीं, तो मां का सीधा जवाब था कि बाजार में ऐसा कोई प्रोडक्ट मिलता ही नहीं है. इसके बाद जब सत्यजीत ने इंटरनेट पर रिसर्च की, तो पाया कि विदेशों में तो यह मिलता है लेकिन भारतीय घरेलू बाजार में फ्राइड अनियन (तली हुई प्याज) का कोई नामोनिशान नहीं था. बस यहीं से 'एवरीडे गॉरमेट किचिन' (EGK Foods) की नींव पड़ी.

शुरुआती संघर्ष: जब खुद सड़क पर उतरकर बेची प्याज

सत्यजीत का सफर आसान नहीं था. जब उन्होंने 'रेडी-टू-यूज़' फ्राइड अनियन का आइडिया अपने दोस्तों और करीबियों से शेयर किया, तो कई लोगों ने इसे पागलपन बताया. लोगों का मानना था कि भारतीय महिलाएं अपनी रसोई में ताजा प्याज ही काटेंगी, पैकेट वाली नहीं.

शुरुआत में उनके पास बड़ा प्लांट लगाने के पैसे नहीं थे. सत्यजीत ने मुंबई के एक छोटे से कमरे से शुरुआत की. वे खुद मंडियों से प्याज खरीदते, उसे काटते, तलते और पैकेट तैयार करते थे. सबसे बड़ा संघर्ष था मार्केट में भरोसा बनाना. सत्यजीत खुद लोकल किराना दुकानों, रेस्टोरेंट्स और घरेलू महिलाओं के पास जाकर अपने प्रोडक्ट के सैंपल देते थे. शुरुआत में कई रिजेक्शन मिले, लेकिन सत्यजीत ने हार नहीं मानी.

सत्यजीत का 'सक्सेस फार्मूला'

सत्यजीत रॉय की सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं था, बल्कि यह उनके कुछ खास सिद्धांतों और फॉर्मूलों का नतीजा था:

1. समस्या की गहराई को समझना (Problem Solving Approach): सत्यजीत ने सिर्फ एक प्रोडक्ट नहीं बेचा, बल्कि रसोई की सबसे बड़ी समस्या (समय की बर्बादी और आंसू) का समाधान बेचा. उन्होंने यह साबित किया कि फ्राइड अनियन से कुकिंग का समय 70% तक कम हो जाता है.
2. क्वालिटी से समझौता नहीं: भारतीय खाना अपनी शुद्धता के लिए जाना जाता है. सत्यजीत का सक्सेस फार्मूला यह था कि उन्होंने अपने प्रोडक्ट में किसी भी तरह के केमिकल या प्रिजर्वेटिव (Preservatives) का इस्तेमाल नहीं किया. उन्होंने प्राकृतिक तरीके से प्याज की शेल्फ-लाइफ बढ़ाने की तकनीक विकसित की.
3. B2B से B2C का सफर: सत्यजीत ने पहले छोटे रेस्टोरेंट्स, कैटरर्स और बिरयानी बेचने वालों को टारगेट किया, जिन्हें भारी मात्रा में फ्राइड अनियन की जरूरत होती थी. जब वहां से बंपर डिमांड आने लगी और ब्रांड स्थापित हो गया, तब उन्होंने घरेलू किचिन (B2C) का रुख किया.
4. सस्टेनेबल और वेस्टेज-फ्री मॉडल: प्याज के दाम भारत में अक्सर आसमान छूते हैं. सत्यजीत ने सही समय पर प्याज स्टोर करने और उसे प्रोसेस करने का ऐसा मॉडल बनाया कि प्याज महंगी होने पर भी उनके बिजनेस पर आंच नहीं आई.

 करोड़ों का टर्नओवर वाला हुआ कारोबार

जो बिजनेस एक मां के आंसू पोंछने की चाहत से शुरू हुआ था, वह आज एक बड़े साम्राज्य में बदल चुका है. आज 'EGK Foods' (Everyday Gourmet Kitchen) देश के बड़े-बड़े होटल्स, रेस्टोरेंट्स, शेफ और लाखों घरों की पहली पसंद बन चुका है. कई टन प्याज हर महीने प्रोसेस की जाती है और कंपनी का टर्नओवर करोड़ों में है. सत्यजीत रॉय की यह कहानी साबित करती है कि अगर आपके पास किसी समस्या का सही समाधान है और उसे पूरा करने का जज्बा है, तो एक मामूली सी दिखने वाली 'प्याज' भी आपको एक सफल और क्रेडिबल एंटरप्रेन्योर बना सकती है.

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