Advertisement

Make In India : साल भर में भारत ने किया 10,000 करोड़ रुपये के iPhone का Export - राजीव चंद्रशेखर

MoS Meity राजीव चंद्रशेखर ने ज़ी बिज़नेस के संवाददाता अंबरीश पांडे से बातचीत में बताया कि अब तक 10,000 करोड़ के आईफ़ोन एक्सपोर्ट कर चुका है.

 Make In India : साल भर में भारत ने किया 10,000 करोड़ रुपये के iPhone का Export - राजीव चंद्रशेखर
Add DNA as a Preferred Source

डीएनए हिंदी : भारत सरकार का स्वदेशी अभियान ''मेक इन इंडिया' (Make In India) सफलता के पायदान लगातार चढ़ रहा है.   इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर के अनुसार भारत ने अबतक  10,000 करोड़ के एप्पल फ़ोन का निर्यात किया है. ज़ी बिज़नेस के संवाददाता अंबरीश पांडे के साथ बातचीत करते हुए इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री चंद्रशेखर ने बताया कि एक साल के दरमियान यह आंकड़ा पाना बड़ी उपलब्धि है. 

दिवालिया कंपनी खरीद रहे हैं Mukesh Ambani, शेयर्स की कीमत में दिख सकता है उछाल

घरेलू उद्योग को बढ़ावा देने के लिए सरकार लगातार तैयार 
श्री चंद्रशेखर ने सरकार की योजनाओं के ब्यौरा देते हुए बताया कि घरेलू उद्योग को बढ़ावा देने के लिए भी सरकार की काफ़ी योजनाएं हैं. सरकार निरंतर सपोर्ट करने को तैयार है. उन्होंने मेक इन इंडिया  की सफलताओं को गिनाते हुए कहा कि साल भर में देश में बने दस हज़ार करोड़ के एप्पल फ़ोन का निर्यात करना बड़ी उपलब्धि है. यह  Make In India  के लिए मील का पत्थर है. 
ग़ौरतलब है कि भारत में चेन्नई के फॉक्सकॉन प्लांट में आईफ़ोन 11 और आईफ़ोन 12 की मैन्युफैक्चरिंग होती रही है जबकि बेंगलुरु की विसट्रॉन फैक्ट्री आईफ़ोन SE बनाती है. एक शोध के अनुसार एप्पल भारत में बने आई फोन का सत्तर प्रतिशत यहीं बेच देता है. 

Holi पर भारतीय बाजारों में ‘चीनी कम’, स्वदेशी प्रोडक्ट्स के धमाल से व्यापारी खुश

2025-26 में 100 बिलियन डॉलर का Electronics Export का टार्गेट
 मेक इन इंडिया(Make In India  ) को क्रांति के बदलने की विचारधारा के साथ श्री चंद्रशेखर बताते हैं कि सरकार ने 2025-26 तक 100 बिलियन डॉलर के इलेक्ट्रॉनिक एक्सपोर्ट का टार्गेट रखा है.  उन्होंने यह भी बताया कि जल्द ही पहने जा सकने वाले और आवाज़ से नियंत्रित होने वाली Production Linked Incentive (PLI) की घोषणा भी सरकार करने वाली है. उन्होंने स्वदेशी इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम डिज़ाइन एन्ड मैन्युफैक्चरिंग (ESDM) के निर्माण पर भी बल दिया. 

यूक्रेन और रूस से जुड़ी व्यापारिक और तकनीकी निर्भरता के बाबत उन्होंने स्पष्ट स्वर में उत्तर दिया कि आत्म-निर्भरता ही इसका उपाय है. श्री चंद्रशेखर ने उम्मीद जताया कि आने वाले दिनों में ग्लोबल वैल्यू चेन में भारत की अहम् भूमिका होगी. 
 

Read More
Advertisement
Advertisement
Advertisement