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Uber News: उपभोक्ता मामलों के केंद्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी ने जल्दी टैक्सी बुकिंग के लिए कस्टमर्स को एडवांस टिप देने को मजबूर करने के लिए Uber को लताड़ लगाई है. उनके निर्देश पर CCPA ने इसे लेकर नोटिस जारी किया है.
Uber News: टैक्सी बुकिंग सर्विस देने वाली उबर (Uber) एक बड़ी मुश्किल में फंस गई है. उपभोक्ता मामलों के केंद्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी ने उबर की तरफ से टैक्सी बुकिंग के लिए कस्टमर्स से एडवांस टिप वसूलने जैसी प्रैक्टिस को चिंताजनक बताया है. साथ ही जोशी ने इसे अनैतिक और शोषण करने जैसा भी कहा है. जोशी ने बुधवार को बताया कि इसके लिए उबर को उनके निर्देश पर सेंट्रल कंज्यूमर प्रोटेक्शन अथॉरिटी (CCPA) ने नोटिस भेजकर जवाब मांगा है. उबर को यह नोटिस कस्टमर्स को एडवांस टिप का पेमेंट करने के बदले जल्दी टैक्सी बुक होने का लालच देने के लिए भेजा गया है. बता दें कि CCPA उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के तहत आता है. उबर ने अब तक इस मामले में कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है.
ट्वीट करके दी कार्रवाई की जानकारी
केंद्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी ने उबर के खिलाफ इस कार्रवाई की जानकारी एक ट्वीट में दी है. उन्होंने लिखा,'एडवांस टिप देने की प्रैक्टिस गहन चिंता की बात है. जल्द सेवा लेने के लिए यूजर्स को एडवांस टिप देने के लिए मजबूर या प्रेरित करना अनैतिक और शोषण करने जैसा है. ऐसे एक्शन अनफेयर ट्रेड प्रैक्टिस के दायरे में आते हैं. टिप सेवा के बाद अधिकार के रूप में नहीं बल्कि आभार प्रकट करने के लिए दी जाती है.' उन्होंने आगे लिखा,'इस बात का संज्ञान लेते हुए मैंने CCPA से यह मामला देखने के लिए कहा था. आज सीसीपीए ने उबर को इस मामले में नोटिस जारी किया है, जिसमें उनसे जवाब मांगा गया है.' मंत्री ने कहा कि सभी कस्टमर इंटरेक्शन्स में निष्पक्षता, पारदर्शिता और जवाबदेही बरकरार रखी जानी चाहिए.
The practice of 'Advance Tip' is deeply concerning. Forcing or nudging users to pay a tip in advance, for faster service is unethical and exploitative. Such actions fall under unfair trade practices. Tip is given as a token of appreciation not as a matter of right, after the… pic.twitter.com/WaPH26oT9G
— Pralhad Joshi (@JoshiPralhad) May 21, 2025
क्या है उबर की एडवांस टिप
उबर ऐप (Uber App) में जब भी कोई यूजर राइड बुक करने की कोशिश करता है तो उसे ड्राइवर की तरफ से जल्द बुकिंग कंफर्मेशन और फास्ट पिकअप के लिए 50 रुपये, 75 रुपये या 100 रुपये की टिप देने की चॉइस दी जाती है. कैब एग्रीगेटर की तरफ से मैसेज आता है,'फास्ट पिकअप के लिए टिप दीजिए. यदि आप टिप जोड़ते हैं तो ड्राइवर यह राइड लेना शायद ज्यादा पसंद करेगा.' साथ में यह भी कहा जाता है कि टिप का 100 फीसदी पैसा ड्राइवर को ही मिलेगा. इसके बाद आगे कहा जाता है कि यदि आप अभी टिप जोड़ते हैं तो इसे बाद में आप बदल नहीं सकते हैं.
जनवरी में भी ओला-उबर को दिया था सीसीपीए ने नोटिस
सीसीपीए ने इससे पहले जनवरी में भी उबर और एक अन्य टैक्सी एग्रीगेटर ऐप ओला (OLA) को नोटिस दिया था. यह नोटिस उन्हें उन आरोपों पर दिया गया था, जिनमें कहा गया था कि यूजर का मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम एंड्रॉयड या iOS है, इस आधार पर ये ऐप्स एक ही जगह की राइड के लिए यूजर्स को अलग-अलग किराया दिखाती हैं. हालांकि उबर और ओला, दोनों ने ही ऐसा चार्ज वसूलने के आरोपों से इंकार किया था और कहा था कि उनका किराया यूजर के फोन मॉडल पर आधारित नहीं है.
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