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अगर पैसे से सिर्फ खर्च पूरे हो रहे हैं तो समझ लें असली वेल्थ नहीं बन रही, जानिए कैसे मिलेगी फाइनेंशियल फ्रीडम

हर कोई पैसा तो कमाता है, लेकिन क्या वह पैसा ज़िंदगी में सुरक्षा और सम्मान भी देता है? अगर आपका जवाब ‘नहीं’ है, तो यह रिपोर्ट आपके लिए है.

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अगर पैसे से सिर्फ खर्च पूरे हो रहे हैं तो समझ लें असली वेल्थ नहीं बन रही, जानिए कैसे मिलेगी फाइनेंशियल फ्रीडम

अगर पैसे से सिर्फ खर्च पूरे हो रहे हैं तो समझ लें असली वेल्थ नहीं बन रही

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अगर पैसे से सिर्फ खर्च पूरे हो रहे हैं तो समझ लें कि केवल आप जी रहे हैं और इससे आपका भविष्य सुरक्षित नहीं है. क्योंकि पैसा कमाना और वेल्थ बनाना दोनों ही अलग चीजें हैं. हर इंसान पैसा कमाता है, पर क्या वह पैसा दौलत में बदल पाता है? क्या वह पैसा आपकी ज़िंदगी को सुरक्षा और सम्मान देता है? अगर जवाब 'नहीं' है, तो आपको सोचना होगा.  आज हम आपको जयपुर के निशांत बराया की सक्सेस स्टोरी साझा करने जा रहे हैं, जिन्होंने न सिर्फ़ ख़ुद के लिए दौलत बनाई, बल्कि हज़ारों लोगों को भी सिखाया कि दौलत सिर्फ़ कमाई से नहीं, बल्कि सही सोच और योजना से बनती है.  

7 जून 1983 को जयपुर में जन्मे निशांत एक सामान्य परिवार से आते हैं. उनके पिता, योगेंद्र बराया, एक केंद्रीय सरकारी अधिकारी (FCI) हैं, और माँ स्वर्गीय श्रीमती शकुंतला देवी एक गृहिणी थीं. उनकी शुरुआती शिक्षा जयपुर के महेश्वरी पब्लिक स्कूल में हुई. इसके बाद उन्होंने राजस्थान विश्वविद्यालय (RU) से बी.ई. (बैचलर ऑफ इंजीनियरिंग) की पढ़ाई पूरी की और फिर हैदराबाद के ICFAI बिज़नेस स्कूल में 44वीं ऑल इंडिया रैंक के साथ एडमिशन लिया, जहां से उन्होंने एमबीए (फ़ाइनेंस) की डिग्री हासिल की.

 निशांत ने अपने करियर की शुरुआत भारत की कुछ सबसे बड़ी वित्तीय कंपनियों, जैसे Reliance (Nippon), ICICI Bank और Axis Bank, से की. यहां उन्होंने हाई नेट वर्थ इंडिविजुअल्स (HNI) और कॉर्पोरेट पोर्टफ़ोलियो को कुशलतापूर्वक संभाला. इसी दौरान उन्होंने महसूस किया कि लोग पैसा तो कमा रहे हैं, लेकिन उसे सही से मैनेज करना नहीं जानते. इसी सोच के साथ, उन्होंने 2019 में अपनी कंपनी NB Capital की शुरुआत की.

पैसा तो सब कमाते हैं, लेकिन दौलत कैसे बनती है?  

एनबी कैपिटल का मकसद सिर्फ़ निवेश की सलाह देना नहीं, बल्कि लोगों की वित्तीय मानसिकता को बदलना है. यह फ़र्म इन विषयों पर काम करती है:

* पैसा कमाने के बजाय उसे दौलत में बदलने की सोच को बढ़ावा देना.
* टैक्स बचाने और क़ानूनी वित्तीय योजना बनाने में मदद करना.
* लोगों को वित्तीय स्वतंत्रता के लिए एक स्टेप-बाय-स्टेप गाइड देना.
* ग्राहकों को उनके सभी Financial Goal को पूरा करने में मदद करना, जैसे जल्दी रिटायरमेंट, बच्चों की शिक्षा और शादी.

निशांत बराया एक लेखक भी हैं. उन्होंने "The Cynosure" नाम की किताब लिखी है, जो उन लोगों के लिए है जो आत्मविश्वास के साथ अपनी बात कहना चाहते हैं. यह किताब अमेज़न पर भी उपलब्ध है. आज, निशांत की पहुंच सिर्फ़ जयपुर या भारत तक सीमित नहीं है. दुबई और यूरोप जैसे देशों में भी उद्यमी, निवेशक और सीईओ उनसे ऑनलाइन फ़ाइनेंशियल कोचिंग ले रहे हैं.  

निशांत बराया का फ़ॉर्मूला साफ़ है: "पैसा कमाना हुनर है, लेकिन दौलत बनाना समझदारी है." उनकी कहानी इस बात का सबूत है कि सही मार्गदर्शन, अनुशासन और सोच के साथ कोई भी व्यक्ति आर्थिक रूप से स्वतंत्र हो सकता है.

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