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सोने और चांदी में भी बड़ा मूवमेंट आने का अंदेशा, जानिए मंगलवार को गोल्ड-सिल्वर का क्या रहेगा आपके शहर में भाव

Gold-Silver Buying Strategy August 2026: 18 अगस्त को सोने-चांदी के भाव में तेज उतार-चढ़ाव के बीच खरीदारों की नजर अगले कदम पर है. वैश्विक ब्याज दरों, डॉलर, भू-राजनीतिक जोखिम और औद्योगिक मांग से बाजार प्रभावित है. एक्सपर्ट देवकृष्ण पांडेय के मुताबिक खरीदारी में जल्दबाजी से बचना बेहतर है.

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सोने और चांदी में भी बड़ा मूवमेंट आने का अंदेशा, जानिए मंगलवार को गोल्ड-सिल्वर का क्या रहेगा आपके शहर में भाव

आज का सोना-चांदी रेट: 18 अगस्त को किस शहर में कितना भाव (फोटो एआई)

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  • 18 अगस्त को सोना करीब 1.45 लाख
  • चांदी 2.17 लाख के आसपास
  • डॉलर और फेड तय करेंगे दिशा
  • देवकृष्ण पांडेय ने दी रणनीति
  • पूरी रकम एकसाथ लगाने से बचें

सोना-चांदी हमेशा से भारतीय परिवारों के लिए सिर्फ निवेश नहीं, बल्कि जरूरत के समय काम आने वाली संपत्ति भी रहा है. ऐसे में जब कीमतों में एक दिन तेजी और दूसरे दिन दबाव दिखता है, तो सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि अभी खरीदारी कर ली जाए या कुछ समय इंतजार किया जाए. तो चलिए कमोडिटी एंड शेयर मार्केट एक्सपर्ट देवकृष्ण पांडेय से सराफा बाजार में फैले इस असमंजस को दूर करने का प्रयास करते हैं

18 अगस्त 2026 को घरेलू बुलियन बाजार में भी यही तस्वीर दिखाई दे रही है. उपलब्ध बाजार आंकड़ों और हालिया रुझानों के मुताबिक 24 कैरेट सोना करीब 1.45 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास और चांदी करीब 2.17 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर बनी हुई है. HMA Trading के 18 अगस्त के मॉडल में 24 कैरेट सोने का अनुमानित भाव 1,44,792 रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी का 2,17,327 रुपये प्रति किलोग्राम दिया गया है. ये आंकड़े खुदरा ज्वेलर के अंतिम बिल से अलग हो सकते हैं. यानी बाजार में कहानी केवल महंगे सोने की नहीं है. असली सवाल यह है कि मौजूदा ऊंचे स्तरों पर खरीदारी करने वाले व्यक्ति को आगे कितनी अस्थिरता का सामना करना पड़ सकता है.

मंगलवार को प्रमुख शहरों में सोने-चांदी के संभावित भाव

शहरों में सोने और चांदी के भाव स्थानीय टैक्स, प्रीमियम, मेकिंग चार्ज और ज्वेलर के मार्जिन के कारण अलग-अलग हो सकते हैं. इसलिए नीचे दिए गए भाव को बाजार के संकेतक स्तर के तौर पर देखना चाहिए, न कि ज्वेलरी की अंतिम खरीद कीमत के तौर पर.

दिल्ली में 24 कैरेट सोना करीब 1.45 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास और चांदी करीब 2.17 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर रह सकती है. मुंबई में 24 कैरेट सोना करीब 1.45 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी करीब 2.17 से 2.20 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के आसपास रह सकती है. कोलकाता में 24 कैरेट सोना करीब 1.45 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी करीब 2.17 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के आसपास रह सकती है. चेन्नई में स्थानीय प्रीमियम के कारण चांदी का भाव दूसरे प्रमुख बाजारों की तुलना में थोड़ा अलग रह सकता है. 24 कैरेट सोना करीब 1.45 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास देखा जा सकता है. बेंगलुरु में 24 कैरेट सोना करीब 1.45 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी करीब 2.17 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के आसपास रह सकती है. हैदराबाद, अहमदाबाद, जयपुर, लखनऊ, पटना, पुणे, भोपाल, इंदौर और चंडीगढ़ जैसे बाजारों में भी अंतरराष्ट्रीय भाव, रुपये की चाल और स्थानीय प्रीमियम के हिसाब से मामूली अंतर देखने को मिल सकता है.

18 अगस्त 2026 को सोने-चांदी का शहरवार रेट

18 अगस्त 2026 को देश के प्रमुख शहरों में सोने और चांदी के भाव ऊंचे स्तरों पर कारोबार कर रहे हैं. नीचे दिए गए भाव बाजार के संकेतक रेट हैं. स्थानीय ज्वेलर, प्रीमियम, टैक्स और मेकिंग चार्ज के कारण अंतिम खरीद कीमत अलग हो सकती है.

शहर 18 कैरेट
₹/10 ग्राम
22 कैरेट
₹/10 ग्राम
24 कैरेट
₹/10 ग्राम
चांदी
₹/किलो
दिल्ली 1,08,594 1,32,725 1,44,792 2,17,327
मुंबई 1,08,594 1,32,725 1,44,792 2,17,327
कोलकाता 1,08,594 1,32,725 1,44,792 2,17,327
चेन्नई 1,08,594 1,32,725 1,44,792 2,17,327
बेंगलुरु 1,08,594 1,32,725 1,44,792 2,17,327
हैदराबाद 1,08,594 1,32,725 1,44,792 2,17,327
अहमदाबाद 1,08,594 1,32,725 1,44,792 2,17,327
जयपुर 1,08,594 1,32,725 1,44,792 2,17,327
लखनऊ 1,08,594 1,32,725 1,44,792 2,17,327
पटना 1,08,594 1,32,725 1,44,792 2,17,327
पुणे 1,08,594 1,32,725 1,44,792 2,17,327
चंडीगढ़ 1,08,594 1,32,725 1,44,792 2,17,327
भोपाल 1,08,594 1,32,725 1,44,792 2,17,327
इंदौर 1,08,594 1,32,725 1,44,792 2,17,327

18 अगस्त का प्रमुख बाजार स्तर

धातु शुद्धता माप अनुमानित बाजार भाव
सोना 24 कैरेट 10 ग्राम ₹1,44,792
सोना 22 कैरेट 10 ग्राम ₹1,32,725
सोना 18 कैरेट 10 ग्राम ₹1,08,594
चांदी 999 1 किलो ₹2,17,327

नोट: ये बाजार संकेतक भाव हैं। सोने की ज्वेलरी खरीदते समय 3% GST, मेकिंग चार्ज, स्थानीय प्रीमियम और ज्वेलर के अन्य शुल्क के कारण अंतिम बिल अलग हो सकता है. खरीदारी से पहले स्थानीय ज्वेलर से ताजा रेट जरूर कन्फर्म करें.

सोने में इतना मूवमेंट क्यों दिख रहा है?

देव कहते हैं कि सोने की कीमत को एक साथ कई बड़े कारक प्रभावित कर रहे हैं. इनमें अमेरिकी ब्याज दरों की दिशा, डॉलर इंडेक्स, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड, भू-राजनीतिक तनाव और निवेशकों की सुरक्षित निवेश की मांग प्रमुख हैं. जब डॉलर और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड मजबूत होते हैं तो सोने पर दबाव आ सकता है, क्योंकि सोना ब्याज नहीं देता. इसके उलट ब्याज दरों में नरमी की उम्मीद या आर्थिक और भू-राजनीतिक अनिश्चितता बढ़ने पर सोने की मांग मजबूत हो सकती है.

भारतीय बाजार में रुपये की चाल भी बेहद महत्वपूर्ण है. अगर रुपया डॉलर के मुकाबले कमजोर होता है तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमत स्थिर रहने के बावजूद भारत में इसका भाव ऊंचा रह सकता है. Indian Express भी सोने की घरेलू कीमतों को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारकों में रुपये की डॉलर के मुकाबले स्थिति और वैश्विक मांग को शामिल करता है. यही वजह है कि भारतीय खरीदार को सिर्फ अंतरराष्ट्रीय गोल्ड प्राइस देखकर फैसला नहीं करना चाहिए. डॉलर और रुपया दोनों की दिशा घरेलू कीमत का हिसाब बदल सकती है.

चांदी में सोने से अलग असली कहानी क्या है?

चांदी की खासियत यह है कि इसमें निवेश की मांग के साथ औद्योगिक मांग भी जुड़ी हुई है. सोलर पैनल, इलेक्ट्रॉनिक्स और इलेक्ट्रिक व्हीकल जैसे क्षेत्रों में चांदी का इस्तेमाल होने के कारण इसकी कीमत केवल सुरक्षित निवेश की मांग पर निर्भर नहीं करती.

यही कारण है कि चांदी में कई बार सोने की तुलना में ज्यादा तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिलता है. HMA Trading के उपलब्ध आंकड़ों में भी जुलाई के अंत से अगस्त के दौरान चांदी के भाव में लगातार बदलाव दर्ज हुआ है. 18 अगस्त के लिए उसके मॉडल में करीब 2,173 रुपये प्रति 10 ग्राम का स्तर दिखाया गया है.  

आगे की दिशा में औद्योगिक मांग इसलिए अहम होगी क्योंकि अगर वैश्विक मैन्युफैक्चरिंग और ग्रीन एनर्जी निवेश मजबूत रहता है तो चांदी को अतिरिक्त सपोर्ट मिल सकता है. लेकिन आर्थिक गतिविधियों में कमजोरी आने पर यही औद्योगिक मांग कीमत के लिए जोखिम बन सकती है.

अभी पूरी रकम एक साथ लगाना कितना सही?

कमोडिटी एंड शेयर मार्केट एक्सपर्ट देवकृष्ण पांडेय के मुताबिक सोने-चांदी में मौजूदा उतार-चढ़ाव को देखते हुए निवेशक को एकमुश्त बड़ी रकम लगाने से बचना चाहिए. उनकी राय में खरीदारी को हिस्सों में बांटना ज्यादा बेहतर रणनीति हो सकती है.

देवकृष्ण पांडेय के मुताबिक घरेलू सोने की कीमतों को आगे त्योहारी और शादी के सीजन की मांग से भी सपोर्ट मिल सकता है. वहीं चांदी को सोलर पैनल, इलेक्ट्रॉनिक्स और इलेक्ट्रिक व्हीकल जैसे औद्योगिक उपयोग से सहारा मिल रहा है.

उनके मुताबिक अमेरिकी फेड की नीति, डॉलर इंडेक्स और वैश्विक परिस्थितियां आने वाले समय में बुलियन की चाल बदल सकती हैं. इसलिए कीमत में अचानक तेजी देखकर पीछा करने के बजाय चरणबद्ध खरीदारी और बाजार की अस्थिरता पर नजर रखना ज्यादा उचित है.

यह सलाह खास तौर पर उन खरीदारों के लिए महत्वपूर्ण है जिन्हें शादी, त्योहार या पारिवारिक जरूरत के लिए आने वाले महीनों में सोना खरीदना है. पूरी रकम आज लगाने के बजाय कुछ हिस्सा अभी और बाकी रकम बाद की गिरावट या बेहतर खरीद स्तर के लिए रखना जोखिम को कुछ हद तक बांट सकता है.

क्या अभी सोना खरीदें या इंतजार करें?

देव कहते हैं कि इस सवाल का जवाब इस बात पर निर्भर करता है कि खरीदारी निवेश के लिए है या जरूरत के लिए. अगर किसी परिवार को अगले कुछ महीनों में शादी या अन्य जरूरी काम के लिए सोना खरीदना ही है, तो पूरी खरीदारी को टालना भी जोखिम भरा हो सकता है. कीमत नीचे आने के बजाय ऊपर चली गई तो बाद में ज्यादा भुगतान करना पड़ सकता है.

ऐसे खरीदार के लिए चरणबद्ध खरीदारी एक व्यावहारिक तरीका हो सकता है. यानी जरूरत का कुछ हिस्सा अभी खरीदा जाए और बाकी रकम बाद के भाव के लिए रखी जाए. वहीं केवल निवेश के नजरिए से खरीदने वाले व्यक्ति के लिए ऊंचे और अस्थिर स्तरों पर एकमुश्त एंट्री करने के बजाय इंतजार करना या किस्तों में निवेश करना ज्यादा संतुलित तरीका हो सकता है.

चांदी में यह सावधानी और भी जरूरी है क्योंकि इसका उतार-चढ़ाव सोने से ज्यादा तेज हो सकता है. इसलिए चांदी को केवल सोने का सस्ता विकल्प मानकर पूरी रकम इसमें लगाना सही रणनीति नहीं मानी जा सकती.

आगे सोने-चांदी में क्या हो सकता है?

आने वाले दिनों में तीन संकेत सबसे महत्वपूर्ण रहेंगे. पहला अमेरिकी फेड की ब्याज दर को लेकर उम्मीदें, दूसरा डॉलर इंडेक्स और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड की चाल और तीसरा भू-राजनीतिक जोखिम. इसके साथ भारत में रुपये की दिशा और त्योहारी तथा शादी के सीजन की मांग भी घरेलू कीमतों के लिए महत्वपूर्ण रहेगी.

सोने के मामले में यदि वैश्विक अनिश्चितता बनी रहती है और ब्याज दरों में नरमी की उम्मीद मजबूत होती है तो कीमतों को सपोर्ट मिल सकता है. लेकिन डॉलर मजबूत होने, बॉन्ड यील्ड बढ़ने या सुरक्षित निवेश की मांग घटने पर मुनाफावसूली और करेक्शन का जोखिम भी रहेगा.

चांदी के लिए तस्वीर थोड़ी अलग है. औद्योगिक मांग मजबूत रही तो इसमें तेजी की गुंजाइश बनी रह सकती है, लेकिन इसकी ऊंची अस्थिरता के कारण बीच-बीच में तेज गिरावट भी संभव है.

मंगलवार के खरीदार के लिए सबसे बड़ा संकेत क्या है?

इस समय सोने-चांदी के बाजार में सबसे अहम बात यह नहीं है कि आज भाव ऊपर है या नीचे. असली बात यह है कि बाजार कई बड़े वैश्विक संकेतों के बीच फंसा हुआ है.

इसलिए खरीदारी करने वाले व्यक्ति को केवल यह देखकर फैसला नहीं करना चाहिए कि आज का भाव कल से कम है. उसे यह भी देखना चाहिए कि उसे सोना कब चाहिए, कितनी मात्रा में चाहिए और कीमत में गिरावट आने पर क्या वह बाकी खरीदारी कर सकता है.

देवकृष्ण पांडेय की राय भी इसी तरफ इशारा करती है कि मौजूदा माहौल में चरणबद्ध खरीदारी ज्यादा संतुलित हो सकती है. यानी बाजार में मौका तलाशिए, लेकिन पूरी रकम एक ही भाव पर दांव पर लगाने से बचिए. यह भी याद रखें कि शहरवार बताए जाने वाले बाजार भाव और ज्वेलर की अंतिम बिक्री कीमत अलग हो सकती है. आभूषण खरीदते समय शुद्धता, मेकिंग चार्ज, GST और अन्य शुल्क की जानकारी लेकर ही अंतिम कीमत की तुलना करनी चाहिए.

सोना-चांदी खरीदने वालों को ये बात समझनी होगी

18 अगस्त 2026 का संकेत यह है कि बुलियन बाजार अभी भी कई ताकतों के बीच संतुलन खोज रहा है. सोने को सुरक्षित निवेश की मांग और संभावित मौद्रिक नरमी से सहारा मिल सकता है, जबकि चांदी को औद्योगिक मांग का अतिरिक्त समर्थन मिल रहा है.

लेकिन दोनों धातुओं में कीमत पहले ही काफी ऊंचे स्तर पर है. इसलिए खरीदार के लिए सबसे बड़ा हथियार जल्दबाजी नहीं बल्कि खरीदारी का अनुशासन है.

जरूरत की खरीदारी है तो हिस्सों में खरीदना, निवेश की खरीदारी है तो एकमुश्त रकम लगाने के बजाय चरणबद्ध एंट्री पर विचार करना और दोनों मामलों में डॉलर, फेड, रुपये तथा वैश्विक घटनाक्रम पर नजर रखना मौजूदा बाजार में ज्यादा समझदारी भरा रास्ता हो सकता है. 

डिस्क्लेमर- यह खबर केवल सूचनात्मक और शैक्षिक उद्देश्य से है. सोने और चांदी की कीमतें बाजार के दौरान बदल सकती हैं तथा शहर, शुद्धता, ज्वेलर, प्रीमियम, मेकिंग चार्ज और टैक्स के अनुसार अंतिम कीमत अलग हो सकती है. निवेश का फैसला करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह लें.

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