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Indian Economy ने पकड़ रखी है रॉकेट की स्पीड, तीसरी तिमाही में 2022 के मुकाबले दोगुनी रही GDP

Indian Economy ने वित्त वर्ष 2023-24 की तीसरी तिमाही में 8.4% की आर्थिक वृद्धि हासिल की है, जो 2022-23 के दौरान इसी तिमाही में 4.3% थी.

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Indian Economy ने पकड़ रखी है रॉकेट की स्पीड, तीसरी तिमाही में 2022 के मुकाबले दोगुनी रही GDP
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Indian Economy ने पूरी दुनिया में फैल रहे आर्थिक मंदी के डर के बीच भी अपनी रफ्तार को रॉकेट स्पीड से आगे बढ़ाना जा रखा है. राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) ने गुरुवार को मौजूदा वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही की आर्थिक वृद्धि का डाटा (India GDP Q3 Data) जारी किया है. इसमें वित्त वर्ष 2023-24 की अक्टूबर से दिसंबर 2023 के दौरान तीसरी तिमाही में भारतीय अर्थव्यवस्था की आर्थिक वृद्धि दर 8.4 फीसदी आंकी गई है, जो वित्त वर्ष 2022-23 में इसी तिमाही के दौरान 4.3 फीसदी की दर से लगभग दोगुना है. चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में आर्थिक वृद्धि दर (Indian Economic Growth) का आंकड़ा 7.3 फीसदी रहा था.


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इन क्षेत्रों में रहा है अर्थव्यवस्था का बढ़िया प्रदर्शन

NSO के आंकड़ों के मुताबिक, देश की अर्थव्यवस्था ने खासतौर पर विनिर्माण, खनन और निर्माण क्षेत्र में बेहतरीन प्रदर्शन किया है. इन तीन सेक्टर में बढ़िया प्रदर्शन के चलते ही सकल घरेलू उत्पाद (GDP) वृद्धि दर बढ़ी है, जिससे देश की आर्थिक वृद्धि दर जुलाई-सितंबर तिमाही के 7.3 फीसदी से बढ़कर अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में 8.4 फीसदी तक पहुंचने में सफल रही है. 

बढ़ गई है बाजार में महंगाई

GDP Growth Rate (जीडीपी वृद्धि दर) से एक तय समय के दौरान बाजार में वस्तुओं और सेवाओं के कुल मूल्य में आई बढ़ोतरी का अंदाजा होता है. इस लिहाज से देखा जाए तो GDP दर बढ़ने का मतलब है कि बाजार में वस्तुएं और सेवाएं महंगी हुई हैं यानी आम आदमी के लिए महंगाई बढ़ी है.


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वित्त वर्ष में औसत वृद्धि दर भी रहेगी अनुमान से ज्यादा

NSO ने वित्त वर्ष 2022-23 के लिए जीडीपी वृद्धि दर का अनुमान घटाया है. पहले इसके लिए 7.2 फीसदी का अनुमान रखा गया था, लेकिन अब इसे संशोधित करते हुए 7 फीसदी कर दिया गया है. मौजूदा वित्त वर्ष 2023-24 के लिए हालांकि NSO ने अपना अनुमान पॉजीटिव मोड में बदला है. NSO ने राष्ट्रीय खातों के अपने दूसरे एडवांस अनुमान में मौजूदा वित्त वर्ष के लिए देश की औसत आर्थिक वृद्धि दर 7.6 फीसदी रहने का अनुमान लगाया है. इससे पहले जनवरी में पहला एडवांस अनुमान जारी किया गया था, जिसमें आर्थिक वृद्धि दर 7.3 फीसदी रहने का अनुमान दिया गया था. 

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