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सुप्रीम कोर्ट ने अडानी पावर के हक में एक फैसला दिया है जिससे कंपनी के स्टॉक्स में उछाल देखा गया है.
डीएनए हिंदी: रूस-यूक्रेन युद्ध (Russia-Ukraine War) के बीच पिछले दिनों वैश्विक शेयर मार्केट (Share Market) धड़ाम हुए जिसका असर भारतीय मार्केट पर भी दिखा लेकिन एक दिन बाद ही मार्केट में अच्छी खासी रिकवरी देखी गई. इस रिकवरी के बीच देश के सबसे अमीर उद्योगपतियों में से एक गौतम अडानी (Gautam Adani) की कंपनी अडानी पावर (Adani Power) के स्टॉक 12 फीसदी की बढ़त हासिल की जिससे निवेशकों को मंदी के दौर में एक अच्छा खासा रिटर्न देखने को मिला लेकिन ऐसा क्यों चलिए समझते हैं.
दरअसल, देश की शीर्ष अदालत यानी सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने लंबे समय से चल रहे एक केस में अडानी पावर के हक में फैसला सुनाया है. सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान स्थित 3 वितरण कंपनियों यानी डिस्कॉम (Discoms) को आदेश दिया है कि वे 4 हफ्ते के अंदर अडानी पावर को कुल 4,200 करोड़ रुपये के कम्पेन्सेटरी टैरिफ का भुगतान करें. इसको लेकर लंबे वक्त से कंपनी का विवाद जारी था.
वहीं सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला शेयर मार्केट में अडानी पावर के स्टॉक के लिहाज से सकारात्मक रहा. इसका नतीजा यह हुआ कि सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन यानी 25 फरवरी को कंपनी के कारोबार में 12 फीसदी की तेजी देखी गई. कंपनी के शेयर 12.15 फीसदी की तेजी यानी 123.30 रुपये पर बंद हुआ है. इससे निवेशकों ने अच्छा मुनाफा हासिल किया है जो कि मंदी के इस दौर में राहत भरी खबर है.
वहीं कंपनी के स्टॉक्स को लेकर लेकर एक्सपर्ट्स का मानना है कि आने वाले समय में कंपनी के स्टॉक्स में अधिक तेजी देखी जा सकती है. एक्सपर्ट्स के अनुसार डेली और वीकली चार्ट पर स्टॉक का पैटर्न काफी अच्छा नजर आ रहा है. इस शेयर में अभी भी तेजी के संकेत बने हुए हैं. ट्रेंड फ्लो करने वाले ट्रेडरों के लिए 122-125 के स्तर पर अहम सपोर्ट है. अगर यह शेयर इस लेवल के ऊपर टिके रहने में कामयाब रहता है तो फिर इसमें 140-147 रुपये कु बढ़ोतरी हो सकती है.
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गौरतलब है कोर्ट ने अडानी पावर के हक में फैसला सुनाने के साथ ही वितरण कंपनियों को लताड़ भी लगाई है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि राजस्थान स्थित इन तीनों वितरण कंपनियों ने इस साल के शुरुआत में उनके रिव्यू पीटिशन के खारिज हो जाने के बाद बकाया राशि का भुगतान नहीं किया है. ऐसे में उन्होंने कोर्ट की अवमानना की है. इसके चलते कोर्ट ने इन कंपनियों को फटकार भी लगाई है.
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