बिजनेस
बाजार विशेषज्ञ देवकृष्ण पांडेय के अनुसार, 13 जुलाई 2026 को शेयर बाजार की मंदी असल में रिटेल निवेशकों के लिए अमीर बनने का छिपा हुआ मौका है. निफ्टी के 24,100 के स्तर पर नजर रखते हुए घबराहट की जगह सही सेक्टर्स में वैल्यू बाइंग करने से भविष्य में बड़ा मुनाफा कमाया जा सकता है.
जब-जब बाजार में लाल निशान गहराता है, आम निवेशकों के हाथ-पांव फूलने लगते हैं. लेकिन मार्केट के जाने-माने एक्सपर्ट देवकृष्ण पांडेय का मानना है कि जो लोग मंदी देखकर डर जाते हैं, वे बाजार का असली सच नहीं जानते. उनके मुताबिक, आज 13 जुलाई 2026 को शेयर बाजार का उतार-चढ़ाव कोई संकट नहीं, बल्कि रिटेल इनवेस्टर्स के लिए अपनी किस्मत बदलने का एक शानदार और गुप्त दरवाजा है.
मार्केट एक्सपर्ट देवकृष्ण पांडेय ने आज के बाजार का विश्लेषण करते हुए एक बेहद चौंकाने वाला एंगल सामने रखा है. उनका कहना है कि पिछले दिनों आई तकनीकी गिरावट के बाद निफ्टी ने 24,100 के ऊपर खुद को संभालकर यह साबित कर दिया है कि बाजार का बेसिक स्ट्रक्चर अभी भी मजबूत है. दुनिया भर में चल रहे जियो-पॉलिटिकल तनाव के कारण जो मंदी का माहौल बनाया जा रहा है, वह असल में बड़े संस्थागत निवेशकों (FIIs) द्वारा छोटे निवेशकों को डराकर बाहर निकालने की सोची-समझी रणनीति भी हो सकती है.
आम आदमी के लिए देवकृष्ण पांडेय की सीधी सलाह है कि जब बेहतरीन कंपनियों के शेयर डर के माहौल में सस्ते दामों पर मिल रहे हों, तो अपनी जेब के हिसाब से धीरे-धीरे खरीदारी शुरू करनी चाहिए. यही वह समय होता है जब सूझबूझ से लिया गया एक छोटा सा फैसला भविष्य में आपको करोड़पति बनाने की राह पर ले जाता है.
देवकृष्ण पांडेय के डेटा एनालिसिस के अनुसार, आज आपको अपनी पूरी नजर आईटी (IT) और पीएसयू (PSU) बैंकिंग स्टॉक्स पर रखनी होगी. टीसीएस (TCS) के हालिया पहली तिमाही के नतीजों ने उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन करके पूरे आईटी सेक्टर को एक नई संजीवनी दी है. इसके साथ ही, सरकारी बैंकों में आ रही भारी वॉल्यूम वाली खरीदारी यह साफ संकेत दे रही है कि आज इन सेक्टर्स के चुनिंदा शेयरों में बड़ी रैली देखने को मिल सकती है.
निवेशकों के सामने सबसे बड़ी चुनौती अपनी भावनाओं (Emotions) पर काबू पाने की होगी. जब स्क्रीन पर शेयर के दाम नीचे जा रहे हों, तो पैनिक सेलिंग करने के बजाय उन स्टॉक्स को चुनिए जिनका फंडामेंटल मजबूत है. देवकृष्ण पांडेय का कहना है कि आज का दिन शॉर्ट-टर्म ट्रेडर्स के लिए भले ही चुनौतीपूर्ण हो, लेकिन लॉन्ग-टर्म इनवेस्टर्स के लिए यह एक जैकपॉट साबित हो सकता है.
इस पूरी कहानी में देवकृष्ण पांडेय ने एक गंभीर चेतावनी भी दी है. उनका कहना है कि स्मॉलकैप और मिडकैप सेक्टर्स के कुछ शेयर इस समय जरूरत से ज्यादा महंगे (Overvalued) हो चुके हैं. रिटेल निवेशक अक्सर यह गलती करते हैं कि वे सस्ते के चक्कर में बिना सोचे-समझे पेनी स्टॉक्स या छोटे शेयरों में अपनी पूरी पूंजी लगा देते हैं. आज के बाजार में ऐसे ओवरवैल्यूड छोटे शेयरों में भारी प्रॉफिट बुकिंग आ सकती है, जिससे आम निवेशकों का पैसा फंसने का खतरा है.
इसलिए, अगर आप सचमुच इस मंदी का फायदा उठाना चाहते हैं, तो लार्जकैप और क्वालिटी मिडकैप शेयर्स की तरफ रुख करें. आज रिलायंस इंडस्ट्रीज और आईसीआईसीआई बैंक जैसे हैवीवेट्स पर भी कड़ी नजर रखनी होगी, क्योंकि यही बाजार के असली सारथी बनेंगे.
अपनी राय और अपने इलाके की खबर देने के लिए जुड़ें हमारे गूगल, फेसबुक, x, इंस्टाग्राम, यूट्यूब और वॉट्सऐप कम्युनिटी से.