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क्या सच में आम आदमी की पहुंच से दूर हो गए सोना-चांदी? जानें सराफा बाजार के उलटफेर को लेकर क्या है एक्सपर्ट की चेतावनी

Gold and Silver Fluctuations: वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और आर्थिक अनिश्चितता के बीच भारतीय बुलियन मार्केट में भारी हलचल है. मार्केट एक्सपर्ट के अनुसार, आज 17 जुलाई 2026 को सोने और चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रहेगा, जिसका सीधा असर आम जनता की जेब और शादियों के बजट पर पड़ने वाला है.

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क्या सच में आम आदमी की पहुंच से दूर हो गए सोना-चांदी? जानें सराफा बाजार के उलटफेर को लेकर क्या है एक्सपर्ट की चेतावनी

सोने की चमकीली चाल और चांदी की नई तेजी ने उड़ाए होश (फोटो एआई)

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Sona-Chandi: Will the volatility subside or spiral out of control? क्या आप भी इस साल अपने घर में किसी शादी के लिए गहने खरीदने की सोच रहे हैं या फिर निवेश के लिए सही मौके का इंतजार कर रहे हैं? अगर हाँ, तो आज का बाजार आपके होश उड़ा सकता है. आज यानी 17 जुलाई 2026 को सराफा बाजार जिस मोड़ पर खड़ा है, उसने हर आम और खास इंसान की चिंता बढ़ा दी है. सोना और चांदी सिर्फ धातु नहीं रह गए हैं, बल्कि यह आम परिवार के बजट का वो पैमाना बन चुके हैं जो पल-पल बदल रहा है.

तिजोरी में रखे सोने-चांदी को लेकर बदल गया पूरा खेल, एक्सपर्ट की इस चेतावनी को न करें इग्नोर, जानिए खरीदें या बेचें

बाजार के मौजूदा मिजाज को समझने के लिए हमने जाने-माने मार्केट एक्सपर्ट देवकृष्ण पांडेय से बात की. देवकृष्ण पांडेय का मानना है कि इस समय बुलियन मार्केट एक ऐसे चौराहे पर है, जहाँ वैश्विक घटनाएं सीधे आपकी जेब पर डाका डाल रही हैं. आइए समझते हैं कि आज के बाजार का रुख क्या है और आने वाले दिनों में यह किस करवट बैठने वाला है.

आज का लाइव रेट कार्ड: एक नजर में देखें सराफा बाजार की स्थिति

आज 17 जुलाई 2026 को बाजार के भाव चौंकाने वाले हैं. देवकृष्ण पांडेय द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, मौजूदा बाजार का रुख कुछ इस प्रकार है:

धातु का नाम शुद्धता / वजन आज का अनुमानित भाव (रुपये में) बाजार का रुख
सोना (Gold) 24 कैरेट (प्रति 10 ग्राम) 76,200 तेज बढ़त की ओर
सोना (Gold) 22 कैरेट (प्रति 10 ग्राम) 69,850 लगातार उतार-चढ़ाव
चांदी (Silver) प्रति 1 किलोग्राम 93,500 ऐतिहासिक रिकॉर्ड के करीब

इस चार्ट को देखकर साफ समझा जा सकता है कि बाजार में इस समय खरीदारों से ज्यादा बिकवाल हावी हैं और कीमतें नीचे आने का नाम नहीं ले रही हैं.

एक्सपर्ट का बड़ा विश्लेषण: क्यों आ रहा है भाव में इतना उतार-चढ़ाव?

अक्सर लोग पूछते हैं कि कल तक जो सोना सस्ता लग रहा था, वह अचानक इतना महंगा कैसे हो गया? देवकृष्ण पांडेय इसके पीछे की असल वजह समझाते हुए कहते हैं कि सोने-चांदी की कीमतें किसी एक देश की घरेलू स्थिति से तय नहीं होतीं. यह पूरी तरह से देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं, केंद्रीय बैंकों की नीतियों और वैश्विक अशांति पर निर्भर करता है.

इस समय दुनिया के कई हिस्सों में चल रहे भू-राजनीतिक तनाव (Geopolitical Tensions) ने निवेशकों के मन में डर पैदा कर दिया है. जब भी दुनिया में युद्ध या मंदी का खतरा बढ़ता है, लोग शेयर बाजार या क्रिप्टोकरेंसी से अपना पैसा निकालकर सोने में लगाने लगते हैं. देवकृष्ण पांडेय के मुताबिक, इसे 'सेफ हेवन' इन्वेस्टमेंट कहा जाता है. जब मांग अचानक बढ़ती है, तो सप्लायी सीमित होने के कारण कीमतों में ऐसा उछाल आता है जो आम खरीदार की समझ से बाहर हो जाता है.

आम जनता पर सीधा असर: बजट बिगड़ा, बदला गहने खरीदने का तरीका

इस उतार-चढ़ाव का सबसे व्यावहारिक असर मिडिल क्लास परिवारों पर दिख रहा है. शादियों का सीजन करीब आते ही लोग पशोपेश में हैं. देवकृष्ण पांडेय का कहना है कि अब लोग भारी-भरकम गहने खरीदने की बजाय कम वजन वाले या हल्के डिजाइन के आभूषणों को प्राथमिकता दे रहे हैं.

सोना या चांदी- इस समय किसे खरीदना होगा फायदे का सौदा और किसके लिए इंतजार करें एक्सपर्ट से जानें

इसके अलावा, चांदी जो कभी गरीबों का सोना कही जाती थी, अब वो भी आम लोगों की पहुंच से दूर होती जा रही है. इंडस्ट्रियल डिमांड यानी उधोगों में चांदी की बढ़ती खपत के कारण इसके दाम भी रिकॉर्ड तोड़ रहे हैं. अगर आप आज बाजार जा रहे हैं, तो आपको अपने बजट को पहले से कम से कम 10 से 15 फीसदी तक बढ़ाकर चलना होगा, अन्यथा आपको खाली हाथ लौटना पड़ सकता है.

देश-दुनिया की इन बड़ी घटनाओं पर टिकी हैं आज बाजार की नजरें

अगर आप सोच रहे हैं कि आज 17 जुलाई 2026 को बाजार में गिरावट आएगी या उछाल, तो आपको कुछ खास बातों और अंतरराष्ट्रीय खबरों पर पैनी नजर रखनी होगी. देवकृष्ण पांडेय ने उन ट्रिगर्स की पहचान की है जो आज और आने वाले दिनों में मार्केट को चलाएंगे:

अमेरिकी फेडरल रिजर्व (US Fed) के फैसले और ब्याज दरों को लेकर आने वाले बयान सबसे महत्वपूर्ण हैं. अगर वहां ब्याज दरें घटती हैं, तो सोने में तेजी आना तय है. इसके अलावा डॉलर इंडेक्स की स्थिति और दुनिया के बड़े केंद्रीय बैंकों द्वारा की जा रही सोने की आक्रामक खरीदारी पर भी नजर रखनी होगी. देवकृष्ण पांडेय कहते हैं कि चीन और भारत के केंद्रीय बैंक लगातार अपने रिजर्व में सोना बढ़ा रहे हैं, जिससे बाजार को नीचे आने का मौका नहीं मिल रहा है.

एक छुपा हुआ पहलू: डिजिटल गोल्ड और पेपर गोल्ड की तरफ बढ़ता रुझान

इस पूरे घटनाक्रम के बीच देवकृष्ण पांडेय ने एक बेहद अनूठा और छुपा हुआ ट्रेंड साझा किया. उन्होंने बताया कि अब भारतीय खरीदार केवल भौतिक (फिजिकल) सोना खरीदने तक सीमित नहीं हैं. डिजिटल गोल्ड, गोल्ड ईटीएफ और सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड की तरफ लोगों का रुझान तेजी से बढ़ा है.

इसका कारण यह है कि इसमें मेकिंग चार्ज नहीं देना पड़ता और चोरी होने का डर भी नहीं रहता. आम लोगों के लिए यह एक बेहतरीन सीख है; अगर आप सिर्फ निवेश के नजरिए से सोना खरीद रहे हैं, तो दुकान पर जाकर भारी मेकिंग चार्ज देने के बजाय डिजिटल माध्यमों को चुनना एक समझदारी भरा फैसला हो सकता है. आज के बाजार की अनिश्चितता में यह रणनीति आपको बड़े नुकसान से बचा सकती है.

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